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कासगंज जा रहे सपाइयों को पुलिस ने रोका, हंगामा

Mon, 05 Feb 2018 12:46 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल Updated Mon, 05 Feb 2018 12:46 AM IST
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the police stopped the spies going to kasganj
सपा - फोटो : amar ujala
संभल के सपाई रविवार को अपने काफिले के संग शस्त्र लेकर कासगंज की ओर बढ़े। उन्हें प्रशासन ने रोक लिया। रोके जाने पर सपाइयों ने नाराज सपाइयों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी और नोकझोंक से कुछ देर के लिए हंगामे भरा माहौल बन गया। 
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   संभल-बहजोई मार्ग पर हयातनगर थाने के बाहर यातायात प्रभावित हो गया। राहगीरों को असुविधा हुई। भारी पुलिस मौजूद थी। प्रशासन की चौकसी के चलते सपाई आगे नहीं बढ़ सके। अधिकारियों के मनाने पर वह मान गए और कासगंज नहीं गए। सपाइयों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपा। जिसमें कासगंज कांड के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया था। 
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संभल जिले के समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता रविवार को दोपहर हयातनगर के सरायतरीन स्थित पार्टी के जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने पहले बैठक की और इसके बाद अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत वे काफिला बनाकर जिलाध्यक्ष फिरोज खां के नेतृत्व में संभल से कासगंज की ओर बढ़े। पहले तो सपाइयों को कार्यालय के बाहर ही रोकने का प्रयास किया गया लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद सपाई आगे थे और पुलिस प्रशासन पीछे। तेजराम की कोठी के पास सपा के काफिले को रोका गया। 
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काफिला रोके जाने का विरोध करते हुए सपाइयों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कासंगज कांड लिए योगी सरकार पर सियासी तीर चलाए। इस दौरान उन्होंने एसडीएम राशिद अली खां तथा सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह हिंदू मुस्लिम भाईचारे को कायम करने के लिए कासगंज जा रहे थे जब मीडियाकर्मियों ने उनकी गाड़ी में पिस्टल होने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यह लाइसेंसी शस्त्र है और उन्हें इस सरकार पर अपनी सुरक्षा को लेकर भरोसा नहीं है। इसलिए अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र रखना जरूरी है। वहीं जब प्रशासन से पूछा गया कि सपाई शस्त्र लेकर जा रहे थे। 



सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया ने बताया कि मीडिया की ओर से  यह सवाल जरूर आया था कि सपाइयों के काफिले में शस्त्र थे लेकिन उनके सामने प्रदर्शन के दौरान किसी सपाई का शस्त्र उन्हें नहीं दिखाई दिया। सपाइयों के हंगामे की वजह से दंगा नियंत्रण वाहन के साथ पुलिस प्रशासन पूरे तरह से सतर्क था।

 
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