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Sambhal News: 1976 में इमाम की हत्या से चर्चा में आई थी मस्जिद
Thu, 21 Nov 2024 02:38 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 21 Nov 2024 02:38 AM IST
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संभल। 28 फरवरी 1976 को शहर दंगे की आग में जल उठा था। पूरे शहर में एक महीने से ज्यादा समय तक कर्फ्यू लगा रहा था। यह दंगा जामा मस्जिद के इमाम की हत्या के बाद हुआ था। हत्या मस्जिद में कर दी गई थी। सुबह के समय नमाज पढ़ने के लिए लोग पहुंचे थे तो इमाम की हत्या होने की जानकारी हुई थी। इमाम की हत्या की खबर शहर में आग की तरह फैली और देखते ही देखते दंगा भड़क गया था। क्योंकि मौके से हत्या का आरोपी लोगों ने पकड़ लिया था और वह दूसरे समुदाय का था।
जगह जगह आगजनी होने पर हालात बेकाबू हो गए थे। पुलिस-प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था। एक महीने से ज्यादा कर्फ्यू लगने के बाद हालात कई दिन बाद सामान्य हो सके थे। मामला शासन तक पहुंचा था। उस समय के मुख्यमंत्री राम नरेश यादव संभल आए थे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। इसके बाद मामला शांत हुआ और शहर पटरी पर लंबे समय बाद लौट सका था। बुजुर्ग बताते हैं कि उस समय के दंगे में शहर का काफी नुकसान हुआ था। सबसे ज्यादा परेशान गरीब तकबे के लोग हुए थे क्योंकि रोजगार का संकट लंबे समय तक चला था।
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जगह जगह आगजनी होने पर हालात बेकाबू हो गए थे। पुलिस-प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था। एक महीने से ज्यादा कर्फ्यू लगने के बाद हालात कई दिन बाद सामान्य हो सके थे। मामला शासन तक पहुंचा था। उस समय के मुख्यमंत्री राम नरेश यादव संभल आए थे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। इसके बाद मामला शांत हुआ और शहर पटरी पर लंबे समय बाद लौट सका था। बुजुर्ग बताते हैं कि उस समय के दंगे में शहर का काफी नुकसान हुआ था। सबसे ज्यादा परेशान गरीब तकबे के लोग हुए थे क्योंकि रोजगार का संकट लंबे समय तक चला था।
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