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Sambhal News: मुकदमे में फैसले का दबाव बनाने के लिए पोते ने की थी दादा की हत्या
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संभल।
हयातनगर पुलिस ने बुजुर्ग राजेंद्र सिंह (75) की हत्या का खुलासा कर दिया है। दावा है कि उनके पोते विरलेश ने विपक्षियों से मुकदमे में फैसले का दबाव बनाने के लिए उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी विरलेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के महोरा लखूपुरा के राजेंद्र सिंह की शनिवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस समय वह घर के बाहर छप्पर में चारपाई पर मच्छरदानी लगा कर सो रहे थे। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन पहुंचे तो बुजुर्ग का लहूलुहान शव चारपाई पर पड़ा था। इस मामले में बुजुर्ग के छोटे बेटे रविंद्र ने गांव के तीन लोगों के खिलाफ रंजिशन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी रात पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया, लेकिन पुलिस को उनके खिलाफ ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले। जिससे ये स्पष्ट हो सके कि उन्होंने हत्या की या कराई है।
जांच में सामने आया कि 27 मार्च 2024 को गांव के राहुल यादव की हत्या के बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है। बुजुर्ग का बड़ा बेटा तेजपाल और उनका बेटा विरलेश हत्या में आरोपी हैं। इसी मुकदमे में फैसले का दबाव बनाने के लिए विरलेश ने दादा की हत्या की योजना बनाई, ताकि उनकी हत्या का इल्जाम दूसरे पक्ष पर चला जाएगा। इसके बाद में दोनों पक्षों में फैसला हो जाएगा। इसी सोच को लेकर विरलेश ने 30 मार्च की रात घर के बाहर सो रहे अपने दादा राजेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे रहटोल ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उससे हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया।
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अगस्त में जमानत पर छूटकर आया विरलेश
पुलिस के अनुसार विरलेश अगस्त में मुरादाबाद जेल से हत्या के मामले में जमानत पर छूटकर आया है। उसके खिलाफ गांव के राहुल यादव की हत्या का आरोप है। जबकि विरलेश के पिता तेजपाल अभी भी मुरादाबाद जेल में बंद है। दरअसल 27 मार्च 2024 को दीवार पर पोस्टर लगाने को लेकर हुए विवाद में गांव के राहुल यादव की हत्या हो गई। जिसमें विरलेश, उसके पिता तेजपाल और परिवार के वीकेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसमें वीकेश का नाम विवेचना में निकाल दिया गया था।
ऐसे हुआ खुलासा
विरलेश अपने दादा राजेंद्र की हत्या करने के बाद गायब हो गया। पूरी रात कहीं दिखाई नहीं दिया। अगले दिन दादा के अंतिम संस्कार में आधे घंटे के लिए आया। इसके बाद फिर गायब हो गया। पुलिस ने घटना को लेकर परिवार के लोगों से पूछताछ की। उसके बारे में भी जानकारी की गई। उसे फोन कर जब बुलाया तो वह नहीं आया। बाद में उसका फोन बंद हो गया। पुलिस ने मोबाइल लोकेश और कॉल डिटेल की मदद से उसे रहटोल ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसने पूरा सच उगल दिया।
घर में सोते मिले थे नामजद आरोपी
बुजुर्ग राजेंद्र की हत्या में पप्पू, रंगगेश और कर्रु के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उसी रात तीनों आरोपियों को घर से सोते समय गिरफ्तार कर लिया। इससे अलग -अलग पूछताछ की गई। मोबाइल लोकेशन और सीडीआर भी निकाली गई। लेकिन कहीं भी ऐसे साक्ष्य नहीं मिले, जिससे उनका घटना में शामिल होना स्पष्ट हो सके।
झूठा मुकदमा दर्ज कराने की होगी रिपोर्ट दर्ज
पुलिस आरोपी विरलेश के खिलाफ झूठी साजिश रचने की रिपोर्ट दर्ज कराएगी, जिससे फिर कोई इस तरह की घटना को अंजाम न दे सके। इसके लिए पप्पू, रंगगेश और कर्रु से तहरीर देने के लिए कहा गया है।
पूर्व में दे चुका है फायरिंग की झूठी सूचना
आरोपी विरलेश जेल से जमानत पर आने के बाद से विपक्षियों को झूठा फंसाने की योजना बना रहा था। उसने पहले भी पुलिस को झूठी फायरिंग की सूचना दी। पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
घटना को संदिग्ध मान रहे थे ग्रामीण
ग्रामीणों को घटना वाले दिन से ही हत्या की बात हजम नहीं हो रही थी। यहां मौजूद लोग खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहे थे, लेकिन कहीं न कहीं परिजनों की कहानी से संतुष्ट नहीं थे। पुलिस भी शुरू से घटना को संदिग्ध मान कर चल रही थी।
वर्जन
- बुजुर्ग राजेंद्र की हत्या उनके पोते ने विपक्षियों को झूठा फंसाने और मुकदमे में फैसले का दबाव बनाने के लिए की थी। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उसे पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी संभल
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हयातनगर पुलिस ने बुजुर्ग राजेंद्र सिंह (75) की हत्या का खुलासा कर दिया है। दावा है कि उनके पोते विरलेश ने विपक्षियों से मुकदमे में फैसले का दबाव बनाने के लिए उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी विरलेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के महोरा लखूपुरा के राजेंद्र सिंह की शनिवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस समय वह घर के बाहर छप्पर में चारपाई पर मच्छरदानी लगा कर सो रहे थे। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन पहुंचे तो बुजुर्ग का लहूलुहान शव चारपाई पर पड़ा था। इस मामले में बुजुर्ग के छोटे बेटे रविंद्र ने गांव के तीन लोगों के खिलाफ रंजिशन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी रात पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया, लेकिन पुलिस को उनके खिलाफ ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले। जिससे ये स्पष्ट हो सके कि उन्होंने हत्या की या कराई है।
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जांच में सामने आया कि 27 मार्च 2024 को गांव के राहुल यादव की हत्या के बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है। बुजुर्ग का बड़ा बेटा तेजपाल और उनका बेटा विरलेश हत्या में आरोपी हैं। इसी मुकदमे में फैसले का दबाव बनाने के लिए विरलेश ने दादा की हत्या की योजना बनाई, ताकि उनकी हत्या का इल्जाम दूसरे पक्ष पर चला जाएगा। इसके बाद में दोनों पक्षों में फैसला हो जाएगा। इसी सोच को लेकर विरलेश ने 30 मार्च की रात घर के बाहर सो रहे अपने दादा राजेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे रहटोल ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उससे हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया।
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अगस्त में जमानत पर छूटकर आया विरलेश
पुलिस के अनुसार विरलेश अगस्त में मुरादाबाद जेल से हत्या के मामले में जमानत पर छूटकर आया है। उसके खिलाफ गांव के राहुल यादव की हत्या का आरोप है। जबकि विरलेश के पिता तेजपाल अभी भी मुरादाबाद जेल में बंद है। दरअसल 27 मार्च 2024 को दीवार पर पोस्टर लगाने को लेकर हुए विवाद में गांव के राहुल यादव की हत्या हो गई। जिसमें विरलेश, उसके पिता तेजपाल और परिवार के वीकेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसमें वीकेश का नाम विवेचना में निकाल दिया गया था।
ऐसे हुआ खुलासा
विरलेश अपने दादा राजेंद्र की हत्या करने के बाद गायब हो गया। पूरी रात कहीं दिखाई नहीं दिया। अगले दिन दादा के अंतिम संस्कार में आधे घंटे के लिए आया। इसके बाद फिर गायब हो गया। पुलिस ने घटना को लेकर परिवार के लोगों से पूछताछ की। उसके बारे में भी जानकारी की गई। उसे फोन कर जब बुलाया तो वह नहीं आया। बाद में उसका फोन बंद हो गया। पुलिस ने मोबाइल लोकेश और कॉल डिटेल की मदद से उसे रहटोल ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसने पूरा सच उगल दिया।
घर में सोते मिले थे नामजद आरोपी
बुजुर्ग राजेंद्र की हत्या में पप्पू, रंगगेश और कर्रु के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उसी रात तीनों आरोपियों को घर से सोते समय गिरफ्तार कर लिया। इससे अलग -अलग पूछताछ की गई। मोबाइल लोकेशन और सीडीआर भी निकाली गई। लेकिन कहीं भी ऐसे साक्ष्य नहीं मिले, जिससे उनका घटना में शामिल होना स्पष्ट हो सके।
झूठा मुकदमा दर्ज कराने की होगी रिपोर्ट दर्ज
पुलिस आरोपी विरलेश के खिलाफ झूठी साजिश रचने की रिपोर्ट दर्ज कराएगी, जिससे फिर कोई इस तरह की घटना को अंजाम न दे सके। इसके लिए पप्पू, रंगगेश और कर्रु से तहरीर देने के लिए कहा गया है।
पूर्व में दे चुका है फायरिंग की झूठी सूचना
आरोपी विरलेश जेल से जमानत पर आने के बाद से विपक्षियों को झूठा फंसाने की योजना बना रहा था। उसने पहले भी पुलिस को झूठी फायरिंग की सूचना दी। पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला।
घटना को संदिग्ध मान रहे थे ग्रामीण
ग्रामीणों को घटना वाले दिन से ही हत्या की बात हजम नहीं हो रही थी। यहां मौजूद लोग खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहे थे, लेकिन कहीं न कहीं परिजनों की कहानी से संतुष्ट नहीं थे। पुलिस भी शुरू से घटना को संदिग्ध मान कर चल रही थी।
वर्जन
- बुजुर्ग राजेंद्र की हत्या उनके पोते ने विपक्षियों को झूठा फंसाने और मुकदमे में फैसले का दबाव बनाने के लिए की थी। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उसे पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। - कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी संभल