{"_id":"6ab192c0f1d6bef140002ba8","slug":"the-sound-of-gunfire-when-i-went-to-check-there-was-blood-scattered-everywhere-sambhal-news-c-204-1-chn1003-132990-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: फायरिंग की आवाज... जाकर देखा तो बिखरा पड़ा था खून ही खून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: फायरिंग की आवाज... जाकर देखा तो बिखरा पड़ा था खून ही खून
विज्ञापन
चंदौसी। चलती वैन में दो सिपाहियों की हत्या की इस वारदात से उस वक्त पुलिस-प्रशासन हिल गया था। 17 जुलाई 2019 को दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस वैन 24 बंदियों को लेकर चंदौसी न्यायालय से मुरादाबाद जेल लौट रही थी। ग्रीन चंदौसी के पास वैन से फायरिंग की आवाज आई।
आगे बैठे पुलिसकर्मी वैन रुकवाकर पीछे गए तो जो देखा वो दंग कर देने वाला था। सिपाही हरेंद्र और बृजपाल लहूलुहान पड़े थे। हर तरफ खून ही खून बिखरा पड़ा था। चंद मिनटों में वारदात को अंजाम देकर तीनों बंदी फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भाग गए थे।
दो सिपाहियों की हत्याकांड ने सभी को हिलाकर रथ दिया था। बंदी वैन के पिछले गेट पर चैनल के पास खून बिखरा पड़ा था। इस घटना की सूचना जब शहर और आसपास क्षेत्र में फैली तो हर कोई दौड़ कर मौके पर पहुंचा था। पुलिस भी तुरंत ही मौके पर पहुंच गई थी, क्योंकि वारदात थाने से करीब एक किलोमीटर दूर ही हुई थी। वहां का सीन देख पुलिस भी एकबारगी हैरान रह गई।
विज्ञापन
इस घटना के बाद एक्शन में आई पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिशें दी थी। बंदी शकील और कमल एनकाउंटर में मारे गए थे और तीसरे बंदी धर्मपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तब से इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी। सोमवार को इस केस में अदालत ने आरोपी धर्मपाल को उम्रकैद को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अवैध शस्त्र रखने में भी पांच वर्ष की सजा
चंदौसी। सिपाही ब्रजपाल सिंह और हरेंद्र सिंह की गोली मार कर हत्या के मामले में ही न्यायालय ने धर्मपाल को पांच वर्ष के अतिरिक्त कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
हरियाणा में पकड़े जाने पर एनकाउंटर से बच गया था धर्मपाल
चंदौसी। हरियाणा में पकड़े जाने पर धर्मपाल एनकाउंटर से बच गया था। सिपाहियों की हत्या के बाद फरार हुए तीनों मुल्जिमों की तलाश में आसपास के जनपदों की पुलिस भी लग गई थी। शकील और कमल के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद धर्मपाल पुलिस के हत्थे नहीं तो पुलिस टीमें तलाश में जुट गई थीं। बताया जाता है कि धर्मपाल हरियाणा के गुरुग्राम में मंडी में पल्लेदारी का काम करने लगा था। पुलिस को भनक लगी तो सादा कपड़ों में पुलिस गुरुग्राम पहुंच गई और मंडी समिति में धर्मपाल को पकड़ लिया। अन्य साथी पल्लेदार सादा कपड़ों में पुलिस को पहचान नहीं पाए थे। जिससे साथी पल्लेदार पुलिस से भिड़ गए थे। काफी हंगामा हुआ। जिससे सूचना पर मौके पर पहुंची गुरुग्राम की पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले गई। धर्मपाल एनकाउंटर से बच गया था। धर्मपाल की निशानदेही पर हत्याकांड में प्रयुक्त वैध तमंचा भी बरामद किया था।
विज्ञापन
आगे बैठे पुलिसकर्मी वैन रुकवाकर पीछे गए तो जो देखा वो दंग कर देने वाला था। सिपाही हरेंद्र और बृजपाल लहूलुहान पड़े थे। हर तरफ खून ही खून बिखरा पड़ा था। चंद मिनटों में वारदात को अंजाम देकर तीनों बंदी फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भाग गए थे।
विज्ञापन
दो सिपाहियों की हत्याकांड ने सभी को हिलाकर रथ दिया था। बंदी वैन के पिछले गेट पर चैनल के पास खून बिखरा पड़ा था। इस घटना की सूचना जब शहर और आसपास क्षेत्र में फैली तो हर कोई दौड़ कर मौके पर पहुंचा था। पुलिस भी तुरंत ही मौके पर पहुंच गई थी, क्योंकि वारदात थाने से करीब एक किलोमीटर दूर ही हुई थी। वहां का सीन देख पुलिस भी एकबारगी हैरान रह गई।
विज्ञापन
इस घटना के बाद एक्शन में आई पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिशें दी थी। बंदी शकील और कमल एनकाउंटर में मारे गए थे और तीसरे बंदी धर्मपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तब से इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी। सोमवार को इस केस में अदालत ने आरोपी धर्मपाल को उम्रकैद को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अवैध शस्त्र रखने में भी पांच वर्ष की सजा
चंदौसी। सिपाही ब्रजपाल सिंह और हरेंद्र सिंह की गोली मार कर हत्या के मामले में ही न्यायालय ने धर्मपाल को पांच वर्ष के अतिरिक्त कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
हरियाणा में पकड़े जाने पर एनकाउंटर से बच गया था धर्मपाल
चंदौसी। हरियाणा में पकड़े जाने पर धर्मपाल एनकाउंटर से बच गया था। सिपाहियों की हत्या के बाद फरार हुए तीनों मुल्जिमों की तलाश में आसपास के जनपदों की पुलिस भी लग गई थी। शकील और कमल के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद धर्मपाल पुलिस के हत्थे नहीं तो पुलिस टीमें तलाश में जुट गई थीं। बताया जाता है कि धर्मपाल हरियाणा के गुरुग्राम में मंडी में पल्लेदारी का काम करने लगा था। पुलिस को भनक लगी तो सादा कपड़ों में पुलिस गुरुग्राम पहुंच गई और मंडी समिति में धर्मपाल को पकड़ लिया। अन्य साथी पल्लेदार सादा कपड़ों में पुलिस को पहचान नहीं पाए थे। जिससे साथी पल्लेदार पुलिस से भिड़ गए थे। काफी हंगामा हुआ। जिससे सूचना पर मौके पर पहुंची गुरुग्राम की पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले गई। धर्मपाल एनकाउंटर से बच गया था। धर्मपाल की निशानदेही पर हत्याकांड में प्रयुक्त वैध तमंचा भी बरामद किया था।