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Sambhal News: ऐतिहासिक घंटाघर की घड़ी का वक्त खराब
Thu, 21 May 2026 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 21 May 2026 02:05 AM IST
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संभल। शहर में ब्रिटिशकालीन घंटाघर की घड़ियों का वक्त खराब चल रहा है। ऐतिहासिक पहचान रखने वाली घड़ी की सुइयां बंद पड़ी हैं। शहर की पुरानी विरासत के प्रतीक घंटाघर की बदहाली पर लोगों में निराशा है।
कोतवाली गेट पर आजादी से पहले 1930 में घंटाघर का निर्माण किया गया था। समय-समय पर मरम्मत की औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन घंटाघर के रखरखाव को लेकर सजीदा कोई नहीं है। इससे घंटाघर बदहाली की कगार पर है।
नगर पालिका ने साल भर पहले घंटाघर के जीर्णोद्धार पर 20 लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें राजस्थानी पत्थर, लाइट और नामचीन कंपनी की चार घड़ियां लगाई थीं। इस वर्ष मार्च में बारिश के दौरान पानी भरने से घड़ियां खराब हो गई थीं। तभी से चारों घड़ियां बंद पड़ी हुई हैं। वारंटी के बावजूद अभी तक घड़ियों की मशीनों को बदला नहीं गया है। घंटाघर की कुई लाइटें भी खराब हो चुकी हैं। ऐतिहासिक विरासत की बदहाली पर शहर के लोगों में निराशा है।
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कोतवाली गेट पर आजादी से पहले 1930 में घंटाघर का निर्माण किया गया था। समय-समय पर मरम्मत की औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन घंटाघर के रखरखाव को लेकर सजीदा कोई नहीं है। इससे घंटाघर बदहाली की कगार पर है।
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नगर पालिका ने साल भर पहले घंटाघर के जीर्णोद्धार पर 20 लाख रुपये खर्च किए थे। इसमें राजस्थानी पत्थर, लाइट और नामचीन कंपनी की चार घड़ियां लगाई थीं। इस वर्ष मार्च में बारिश के दौरान पानी भरने से घड़ियां खराब हो गई थीं। तभी से चारों घड़ियां बंद पड़ी हुई हैं। वारंटी के बावजूद अभी तक घड़ियों की मशीनों को बदला नहीं गया है। घंटाघर की कुई लाइटें भी खराब हो चुकी हैं। ऐतिहासिक विरासत की बदहाली पर शहर के लोगों में निराशा है।
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