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Sambhal News: मंचन में सीता हरण का दृश्य देख दर्शक भावविभोर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 13 Oct 2025 02:32 AM IST
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The audience was moved by the scene of Sita's abduction.
बनियाठेर के गांव बनियाखेड़ा में रामलीला का मंचन करते कलाकार: स्रोत - आयोजक
बनियाठेर(संभल)। गांव बनियाखेड़ा के शिव मंदिर में चल रही रामलीला में रविवार रात सीता हरण का भावपूर्ण मंचन किया गया। मंचन में शूर्पणखा के पंचवटी आगमन से लेकर रावण द्वारा माता सीता के हरण तक की पूरी कथा को जीवंत रूप में दिखाया गया। रामलीला को देखने के लिए दर्शक देर रात तक पंडाल में जुटे रहे।
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मंचन की शुरूआत शूर्पणखा के पंचवटी आगमन से होती है, जो सुंदर स्त्री का रूप धारण कर प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण के सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है। दोनों भाइयों के मना करने पर वह क्रोधित होकर माता सीता पर झपटती है। जिसके बाद लक्ष्मण जी उसके नाक-कान काट देते हैं। इसके बाद खर, दूषण और तृष्णा पंचवटी में युद्ध के लिए आते हैं, जो प्रभु श्रीराम के अस्त्र के प्रहार से मारे जाते हैं। अगले मंचन में दिखाया की रावण सीता हरण की योजना बनाता है और अपने मामा मारीच की सहायता से माता सीता का हरण कर लंका ले जाता है।
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कार्यक्रम में अंश प्रजापति, वंश प्रजापति, सोमपाल सिंह प्रजापति, रामचंद्र प्रजापति, ताराचंद मौर्य, सोवरन मौर्य, मुलायम सिंह यादव, एकराम प्रजापति, कमल सिंह प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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चिरौली भगवंतपुर में रामलीला शुरू

सरायतरीन। गांव चिरौली भगवंतपुर में शिव मंदिर के परिसर में रविवार को रामलीला का मंचन शुरू किया गया। विधिविधान के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य अवधेश प्रताप सिंह ने पूजा अर्चना की और फिर फीता काटकर शुभारंभ किया।

पहले दिन भगवान श्री रामलीला में नारद मुनि की लीला का प्रसंग का मंचन किया गया। कथा व्यास पंडित माता प्रसाद पांडे ने बताया कि नारद मुनि एक राजकुमारी की सुंदरता से मोहित हो जाते हैं और विवाह के लिए भगवान विष्णु से हरि मुख वानर रूप मांगते हैं। जब उनके साथ छल होता है और उन्हें बंदर का रूप मिल जाता है, तो अहंकार टूट जाता है, जिससे रामलीला की आगे की घटनाओं का सूत्रपात होता है। कई रामलीलाओं की शुरुआत इसी प्रसंग से होती है। इस दौरान योगेश शर्मा, राजीव राघव, डॉ. महेश प्रजापति, डॉ. शिव कुमार शर्मा, सोनू चाहल, हरपाल शर्मा, दिग्विजय यादव, शशि शर्मा, राहुल यादव, लवकुश शर्मा, हरिद्वार लाल सैनी आदि रहे। संवाद
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