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पैंतियामाफी में दफन को लेकर विवाद से सांप्रदायिक तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Wed, 10 May 2017 12:54 AM IST
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संभल के गांव पैंतिया माफी में विवाद के बाद जमीन का नक्शा देखते एसडीएम और सीओ संभल। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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जिले के असमोली थाना क्षेत्र स्थित पैंतियामाफी गांव में महिला को दफनाने के लिए खोदी कब्र की जगह को लेकर मंगलवार को शाम पांच बजे विवाद पैदा हो गया। विवाद के चलते महिला को सुपुर्द ए खाक करने में बाधा पड़ गई। घटना दो संप्रदायों से जुड़ी थी।
इसलिए तहसील प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। जिले के अफसरों को भी जानकारी दी गई। विवाद बढ़ने के अंदेेशे में पुलिस प्रशासन ने एहतियाती तैयारी की और आसपास के थानों की पुलिस बुला ली।
इसके बाद सीओ और एसडीएम ने बातचीत मसले को सुलझा दिया लेकिन इस घटनाक्रम की वजह से पांच घंटे तक तनाव भरा माहौल बना रहा। गांव में पुलिस की तैनाती है। अफसर भी निगरानी बनाए हुए हैं।
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पैंतियामाफी गांव में आबादी के करीब साढ़े चार बीघा का कब्रिस्तान है। कब्रिस्तान में ही दफन किए जाते हैं। कब्रिस्तान आबादी के बीच में होने की वजह से दूसरे समुदाय के लोगों ने इसके बदले में गांव से बाहर खेतों में जमीन देने का वायदा किया और इसमें आपसी सहमति बन गई।
रामगोपाल पाल के खेत के करीब में साढ़े तीन बीघा जमीन दी गई थी लेकिन इसकी लिखापढ़ी नहीं हुई। अब जब मंगलवार को मुजाहिदा पत्नी महबूब की मृत्यु हुई तो उसे दफनाने के लिए आबादी से बाहर खेत मे दी गई जमीन में ले जाया गया। वहां पर कब्र खोद दी गई। कब्र खोदे जाने की जानकारी हुई तो खेत मालिक रामगोपाल पाल ने आपत्ति की।
इससे विवाद की नौबत बन गई। खबर असमोली थाना पुलिस को मिली। पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन कुछ लोग खेत में ही दफन करने की जिद पर थे। इस मामले की जानकारी सीओ और एसडीएम को दी गई।
दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ बीपी सिंह बालियान और एसडीएम राशिद अली खां ने बताया कि बातचीत के बाद प्रकरण निबट गया है। मुजाहिदा का दफन पुराने कब्रिस्तान में किया जा रहा है। एहतियाती तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। असमोली के साथ नखासा थाने की पुलिस भी मौके पर है।
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इसलिए तहसील प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। जिले के अफसरों को भी जानकारी दी गई। विवाद बढ़ने के अंदेेशे में पुलिस प्रशासन ने एहतियाती तैयारी की और आसपास के थानों की पुलिस बुला ली।
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इसके बाद सीओ और एसडीएम ने बातचीत मसले को सुलझा दिया लेकिन इस घटनाक्रम की वजह से पांच घंटे तक तनाव भरा माहौल बना रहा। गांव में पुलिस की तैनाती है। अफसर भी निगरानी बनाए हुए हैं।
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पैंतियामाफी गांव में आबादी के करीब साढ़े चार बीघा का कब्रिस्तान है। कब्रिस्तान में ही दफन किए जाते हैं। कब्रिस्तान आबादी के बीच में होने की वजह से दूसरे समुदाय के लोगों ने इसके बदले में गांव से बाहर खेतों में जमीन देने का वायदा किया और इसमें आपसी सहमति बन गई।
रामगोपाल पाल के खेत के करीब में साढ़े तीन बीघा जमीन दी गई थी लेकिन इसकी लिखापढ़ी नहीं हुई। अब जब मंगलवार को मुजाहिदा पत्नी महबूब की मृत्यु हुई तो उसे दफनाने के लिए आबादी से बाहर खेत मे दी गई जमीन में ले जाया गया। वहां पर कब्र खोद दी गई। कब्र खोदे जाने की जानकारी हुई तो खेत मालिक रामगोपाल पाल ने आपत्ति की।
इससे विवाद की नौबत बन गई। खबर असमोली थाना पुलिस को मिली। पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन कुछ लोग खेत में ही दफन करने की जिद पर थे। इस मामले की जानकारी सीओ और एसडीएम को दी गई।
दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ बीपी सिंह बालियान और एसडीएम राशिद अली खां ने बताया कि बातचीत के बाद प्रकरण निबट गया है। मुजाहिदा का दफन पुराने कब्रिस्तान में किया जा रहा है। एहतियाती तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। असमोली के साथ नखासा थाने की पुलिस भी मौके पर है।