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तीन घंटे बोरवेल की मिट्टी में दबा किसान, जीवित निकाला
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 30 Nov 2016 01:29 AM IST
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बाेरवेल
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बोरवेल से ईंट निकालते वक्त मजदूर मिट्टी में दब गया। तीन घंटे तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष किया लेकिन जब उसे बाहर निकाला गया तो वह जीवित था।
नखासा थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर निवासी योगेश त्यागी ने बोरवेल से ईंट निकालने के लिए रिठाली निवासी कुलदीप उर्फ टोनी, अजब सिंह, रंजीत, विनीत को ठेका दिया था। बोरवेल से जितनी ईंट निकलनी थीं। उनमें आधी ईंटें बोरवेल स्वामी तथा आधी मजदूरों द्वारा निकाले जाने की बात की तय हुई थी। इसी क्रम में मंगलवार को कुलदीप उर्फ टोनी और अजब सिंह ईंट निकालने के लिए बोरवेल में नीचे उतरे। जबकि रंजीत व विनीत ईंटें ले रहे थे। अचानक मिट्टी भरभरा कर गिर गई। मिट्टी के नीचे कुलदीप दब गया। ऐसे में साथी मजदूरों ने शोर मचा दिया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। जिसने सुना वह मौके की तरफ दौड़ पड़ा।
गांव वालों से सूचना मिलने पर एसडीएम राशिद अली खां मौके पर पहुंच गए। उन्होंने एक जेसीबी भी मंगा ली। जेसीबी मशीन के माध्यम से ग्रामीणों ने मिट्टी हटाने का काम शुरू कर दिया। तीन घंटे तक रेस्क्यू चला। इस दौरान लोगों ने खासकर महिलाओं ने उसकी जिंदगी को बचाने के लिए प्रार्थनाएं कीं। अतंत: जिंदगी की जीत हुई। तीन घंटे की मेहनत के बाद जब मजदूर को बाहर निकाला गया। वह जीवित था। आनन-फानन में एंबुलेंस से मजदूर को जिला अस्पताल भेजा गया। यहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार देने के बाद मजदूर को घर भेज दिया।
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नखासा थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर निवासी योगेश त्यागी ने बोरवेल से ईंट निकालने के लिए रिठाली निवासी कुलदीप उर्फ टोनी, अजब सिंह, रंजीत, विनीत को ठेका दिया था। बोरवेल से जितनी ईंट निकलनी थीं। उनमें आधी ईंटें बोरवेल स्वामी तथा आधी मजदूरों द्वारा निकाले जाने की बात की तय हुई थी। इसी क्रम में मंगलवार को कुलदीप उर्फ टोनी और अजब सिंह ईंट निकालने के लिए बोरवेल में नीचे उतरे। जबकि रंजीत व विनीत ईंटें ले रहे थे। अचानक मिट्टी भरभरा कर गिर गई। मिट्टी के नीचे कुलदीप दब गया। ऐसे में साथी मजदूरों ने शोर मचा दिया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। जिसने सुना वह मौके की तरफ दौड़ पड़ा।
गांव वालों से सूचना मिलने पर एसडीएम राशिद अली खां मौके पर पहुंच गए। उन्होंने एक जेसीबी भी मंगा ली। जेसीबी मशीन के माध्यम से ग्रामीणों ने मिट्टी हटाने का काम शुरू कर दिया। तीन घंटे तक रेस्क्यू चला। इस दौरान लोगों ने खासकर महिलाओं ने उसकी जिंदगी को बचाने के लिए प्रार्थनाएं कीं। अतंत: जिंदगी की जीत हुई। तीन घंटे की मेहनत के बाद जब मजदूर को बाहर निकाला गया। वह जीवित था। आनन-फानन में एंबुलेंस से मजदूर को जिला अस्पताल भेजा गया। यहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार देने के बाद मजदूर को घर भेज दिया।
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