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ताइक्वांडो : यलो बेल्ट प्रतियोगिता में उत्साह के साथ जुटे खिलाड़ी
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संभल। डिफेंस ताइक्वांडो एकेडमी की ओर से हिंद इंटर कॉलेज के मैदान में यलो बेल्ट ताइक्वांडो परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। खेलों के प्रति बढ़ते जुनून से साफ नजर आया कि जिले में अब मार्शल आर्ट्स के लिए पौध तैयार हो रही है।
यलो बेल्ट ताइक्वांडो परीक्षा में भाग लेने आए 65 खिलाड़ियों की संख्या से स्पष्ट हुआ कि ओलंपिक में धाक जमाते रहे अमेरिका, जापान, चीन जैसे देशों की तर्ज पर अपने शहर में भी नन्हें बच्चे खेलों के अभ्यास में जुट जा रहे हैं। अहम बात यह है कि ताइक्वांडो के लिए तीन साल की उम्र से ही बच्चे ट्रेनिंग लेना शुरू कर दे रहे हैं। पांच साल तक पहुंचते-पहुंचते वे काफी हद तक प्रशिक्षित भी हो जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता में लड़कियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो समाज में आत्मरक्षा और खेल के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है। यह आयोजन क्षेत्र में खेल और सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संभल ताइक्वांडो एसोसिएशन के कोच सुरेश कुमार और रेखा रानी ने खिलाड़ियों का मूल्यांकन किया। दोनों परीक्षकों ने बच्चों के अनुशासन, तकनीक और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एकेडमी के कोच सीएच तंजीम ने बताया कि उनकी एकेडमी का उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के साथ-साथ अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाना है। बताया कि ताइक्वांडो की तरफ पिछले कुछ समय से लोगों का रुझान काफी बढ़ा है।
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लड़कियां भी इसमें आगे आ रही हैं। इससे बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं और इसमें लेवल बढ़ाकर आगे बड़ी प्रतियोगिता में अपना हुनर दिखा सकते हैं। इस दौरान दिनेश कुमार, अली नकवी का विशेष सहयोग रहा।
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यलो बेल्ट ताइक्वांडो परीक्षा में भाग लेने आए 65 खिलाड़ियों की संख्या से स्पष्ट हुआ कि ओलंपिक में धाक जमाते रहे अमेरिका, जापान, चीन जैसे देशों की तर्ज पर अपने शहर में भी नन्हें बच्चे खेलों के अभ्यास में जुट जा रहे हैं। अहम बात यह है कि ताइक्वांडो के लिए तीन साल की उम्र से ही बच्चे ट्रेनिंग लेना शुरू कर दे रहे हैं। पांच साल तक पहुंचते-पहुंचते वे काफी हद तक प्रशिक्षित भी हो जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता में लड़कियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो समाज में आत्मरक्षा और खेल के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है। यह आयोजन क्षेत्र में खेल और सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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संभल ताइक्वांडो एसोसिएशन के कोच सुरेश कुमार और रेखा रानी ने खिलाड़ियों का मूल्यांकन किया। दोनों परीक्षकों ने बच्चों के अनुशासन, तकनीक और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एकेडमी के कोच सीएच तंजीम ने बताया कि उनकी एकेडमी का उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के साथ-साथ अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाना है। बताया कि ताइक्वांडो की तरफ पिछले कुछ समय से लोगों का रुझान काफी बढ़ा है।
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लड़कियां भी इसमें आगे आ रही हैं। इससे बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं और इसमें लेवल बढ़ाकर आगे बड़ी प्रतियोगिता में अपना हुनर दिखा सकते हैं। इस दौरान दिनेश कुमार, अली नकवी का विशेष सहयोग रहा।