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पहले राशन कार्ड सरेंडर कर दिए अब पाने के लिए पूर्ति कार्यालय के लगा रहे चक्कर
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संभल। कार्ड सरेंडर न करने वाले अपात्रों से वसूली करने के भ्रामक प्रचार के बाद जिलेभर में करीब 549 राशन कार्ड सरेंडर किए गए। प्रदेश सरकार ने इसे भ्रामक प्रचार बताया तो लोग अब जमा किए हुए राशन कार्ड पाने के लिए आपूर्ति कार्यालय की दौड़ लगाने लगे हैं। हालांकि अपात्र व्यक्ति जो अपना कार्ड सरेंडर कर चुके हैं, उनके कार्ड हर हाल में निरस्त किए जाएंगे।
संभल के पूर्ति निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव का कहना है कि राशनकार्ड के लिए शासन की ओर से पात्रता की शर्तें निर्धारित की गई हैं। इनमें खुद के नाम जमीन न हो। पक्का मकान न हो। भैंस, बैल, ट्रैक्टर-ट्रॉली न हो। मुर्गी पालन, गौ पालन आदि न करता हो। शासन की ओर से कोई वित्तीय सहायता न मिलती हो। जीविकोपार्जन के लिए कोई अजीविका का साधन न हो आदि शामिल है। वहीं, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जो आयकर दाता हैं, जिनके परिवार में किसी भी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो, ऐसे परिवार जिनमें एक से ज्यादा के पास शस्त्र का लाइसेंस/शस्त्र हो, शहरीय क्षेत्र में 3 लाख एवं ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख प्रति वर्ष से अधिक आमदनी हो। ऐसे सभी लोग अपात्र माने जाएंगे। सत्यापन में इनके राशनकार्ड काटे जाएंगे।
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कोट
जनपद में 549 अपात्रों ने कार्ड सरेंडर किए हैं। अभी प्रक्रिया जारी है। रिकवरी की वसूली किसी से नहीं होनी है, क्योंकि वसूली का कोई प्रावधान ही नहीं है। अपात्र लोगों के कार्ड बचेंगे नहीं। सत्यापन होगा। सत्यापन में यदि अपात्र पाए जाते हैं तो उनका राशनकार्ड कार्ड दिया जाएगा।
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नरेंद्र तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, संभल।
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संभल के पूर्ति निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव का कहना है कि राशनकार्ड के लिए शासन की ओर से पात्रता की शर्तें निर्धारित की गई हैं। इनमें खुद के नाम जमीन न हो। पक्का मकान न हो। भैंस, बैल, ट्रैक्टर-ट्रॉली न हो। मुर्गी पालन, गौ पालन आदि न करता हो। शासन की ओर से कोई वित्तीय सहायता न मिलती हो। जीविकोपार्जन के लिए कोई अजीविका का साधन न हो आदि शामिल है। वहीं, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जो आयकर दाता हैं, जिनके परिवार में किसी भी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो, ऐसे परिवार जिनमें एक से ज्यादा के पास शस्त्र का लाइसेंस/शस्त्र हो, शहरीय क्षेत्र में 3 लाख एवं ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख प्रति वर्ष से अधिक आमदनी हो। ऐसे सभी लोग अपात्र माने जाएंगे। सत्यापन में इनके राशनकार्ड काटे जाएंगे।
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कोट
जनपद में 549 अपात्रों ने कार्ड सरेंडर किए हैं। अभी प्रक्रिया जारी है। रिकवरी की वसूली किसी से नहीं होनी है, क्योंकि वसूली का कोई प्रावधान ही नहीं है। अपात्र लोगों के कार्ड बचेंगे नहीं। सत्यापन होगा। सत्यापन में यदि अपात्र पाए जाते हैं तो उनका राशनकार्ड कार्ड दिया जाएगा।
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नरेंद्र तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, संभल।