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विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं प्रारंभ कर संवारा जाएगा विद्यार्थियों का भविष्य

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 12:54 AM IST
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Students' future will be decorated by starting extra classes in schools
चंदौसी। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों की लिखने व याद करने की आदत छूट गई थी। इन सभी को ध्यान में रखकर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नए सत्र एक अप्रैल से अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया है। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को याद करने, लिखावट सभी का अभ्यास कराया जाएगा।
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कोरोना संक्रमण के बाद एक अप्रैल से विद्यालय पूरी तरह से खुल जाए जाएंगे। मगर कोरोना संक्रमण के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई ने छात्र-छात्राओं की पढ़ने, लिखने व अभ्यास करने के साथ-साथ याद करने की आदत छुड़ा दी है। छात्र-छात्राओं को स्थिति को देखते हुए विद्यालयों ने अतिरिक्त कक्षाएं लगाने का फैसला लिया है। ताकि छात्र-छात्राओं शीघ्र ही अपने पुराने स्वरूप में आ सके। इसके लिए विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षिकों को विद्यार्थियों के साथ ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। इसके लिए एक अप्रैल से ही व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। ताकि विद्यार्थियों का भविष्य संवर सके।
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कोरोना काल में विद्यालय बंद रहने और ऑनलाइन पढ़ाई से छात्र-छात्राओं की शिक्षण व्यवस्था चौपट सी गई थी। क्योंकि ऑनलाइन व ऑफलाइन शिक्षण व्यवस्था में अंतर है। अब नए सत्र एक अप्रैल से विद्यालय में अतिरिक्त कक्षाएं प्रारंभ कराकर विद्यार्थियों को अभ्यास कराएंगे।
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कैप्टन एमएल यादव, प्रधानाचार्य, सिल्वर स्टोन स्कूल, चंदौसी
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छोटी कक्षाओं के बच्चे वास्तविक शिक्षा ग्रहण नहीं कर सके थे। जिससे उनकी लिखने व अभ्यास करने की हालत छूट सी गई है। विद्यालय आने पर बच्चों की लिखने व अभ्यास करने की आदत में सुधार किया जाएगा।
केडी वार्ष्णेय, शिक्षक, चंदौसी
कोरोना काल में विद्यालय बंद होने से शिक्षा को लेकर बच्चों का काफी नुकसान हुआ है। विद्यालय खुलने पर शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को पहले जैसा होनहार बनाने का प्रयास होगा।
सोनी अग्रवाल, शिक्षिका, चंदौसी
ऑनलाइन शिक्षा के दौरान लिखने की आदत कम हो गई थी। अब विद्यालय खुलने पर रोजाना एक घंटा घर में लिखने का अभ्यास किया जा रहा है। ताकि विद्यालय में शिक्षण कार्य करते समय लिखने में कोई परेशानी न आए।
पार्थ गुप्ता, छात्र, चंदौसी
कोरोना काल में विद्यालय बंद रहे थे। इसके बाद ऑनलाइन पढ़ाई प्रारंभ हुई थी। अब विद्यालय खुलने से सुधार होगा। कुछ ही दिनों में अभ्यास व लिखने की आदत पूर्व की तरह हो जाएगी।

अविरल गोयल, छात्र, चंदौसी
मेरे अभिभावक रोजाना एक चेप्टर लिखने को देते हैं। जिससे मेरी लिखने की हालत पूर्व की भांति बने रहे। क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों की लिखने की हालत छूट गई थी।
अनुष्क गुप्ता, छात्र, चंदौसी
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