{"_id":"6acd497b4e01bc6b190b8002","slug":"staging-of-the-episode-of-lord-rams-birth-the-chant-bhaye-pragat-kripala-resounded-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-141793-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: राम जन्म के प्रसंग का मंचन, गूंजा- भए प्रगट कृपाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: राम जन्म के प्रसंग का मंचन, गूंजा- भए प्रगट कृपाला
विज्ञापन
संभल। श्री रामलीला कमेटी द्वारा सोमवार की रात्रि नगर पालिका के मैदान में भगवान रामजन्म की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर ‘’भय प्रकट कृपाला’’ की स्तुति शुरू होते ही दर्शक भावविभोर हो गए। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
मंचन में रावण के अत्याचारों से व्याकुल पृथ्वी और देवी-देवताओं द्वारा भगवान विष्णु से निवारण की प्रार्थना का दृश्य दिखाया गया। भगवान विष्णु ने आकाशवाणी कर अयोध्या में राजा दशरथ के यहां अवतरित होने का वचन दिया। पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया।
यज्ञ से प्राप्त फल को उन्होंने अपनी तीनों रानियों कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी में बांटा। इसके बाद कौशल्या के पुत्र राम, सुमित्रा के पुत्र लक्ष्मण और शत्रुघ्न, तथा कैकेयी के पुत्र भरत हुए। प्रभु विष्णु के प्रकट होने पर रामलीला स्थल पर जयकारे लगे और ‘’भए प्रकट कृपाला दीनदयाला’’ का गान हुआ। मंचन में विश्वामित्र का यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम और लक्ष्मण को साथ ले जाना भी दिखाया गया। इसके बाद ताड़का वध का मंचन हुआ। जनकपुर से सीता के स्वयंवर का निमंत्रण मिलने पर श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ वहां प्रस्थान कर गए।
विज्ञापन
रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। इस दौरान नगर हिंदू सभा के अध्यक्ष कमलकांत तिवारी, ऋतु सक्सेना, अक्षित अग्रवाल, शोभित शास्त्री, उमेश शर्मा और विकास वर्मा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
मंचन में रावण के अत्याचारों से व्याकुल पृथ्वी और देवी-देवताओं द्वारा भगवान विष्णु से निवारण की प्रार्थना का दृश्य दिखाया गया। भगवान विष्णु ने आकाशवाणी कर अयोध्या में राजा दशरथ के यहां अवतरित होने का वचन दिया। पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया।
विज्ञापन
यज्ञ से प्राप्त फल को उन्होंने अपनी तीनों रानियों कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी में बांटा। इसके बाद कौशल्या के पुत्र राम, सुमित्रा के पुत्र लक्ष्मण और शत्रुघ्न, तथा कैकेयी के पुत्र भरत हुए। प्रभु विष्णु के प्रकट होने पर रामलीला स्थल पर जयकारे लगे और ‘’भए प्रकट कृपाला दीनदयाला’’ का गान हुआ। मंचन में विश्वामित्र का यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम और लक्ष्मण को साथ ले जाना भी दिखाया गया। इसके बाद ताड़का वध का मंचन हुआ। जनकपुर से सीता के स्वयंवर का निमंत्रण मिलने पर श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ वहां प्रस्थान कर गए।
विज्ञापन
रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। इस दौरान नगर हिंदू सभा के अध्यक्ष कमलकांत तिवारी, ऋतु सक्सेना, अक्षित अग्रवाल, शोभित शास्त्री, उमेश शर्मा और विकास वर्मा उपस्थित रहे।