{"_id":"5dc0834c8ebc3e0179421277","slug":"son-killed-mother-for-land-babrala-news-mbd3281063186","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बीघा जमीन के लिए कलयुगी बेटे ने मां का गला घोंटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बीघा जमीन के लिए कलयुगी बेटे ने मां का गला घोंटा
विज्ञापन
धनारी के पीपलवाला गांव में महिला की हत्या के बाद मौके पर जानकारी लेते थानाध्यक्ष रविंद्र प्रताप ?
- फोटो : BABRALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धनारी/चंदौसी। धनारी थाने के पीपलवाला गांव में एक कलियुगी इकलौते पुत्र ने रविवार की रात करीब दो बजे गांव के कई लोगों के सामने अपनी बूढ़ी मां को घसीट घसीट कर पीटा और फिर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। कुछ ग्रामीणों ने वृद्धा को बचाने का प्रयास किया लेकिन युवक व उसकी पत्नी ग्रामीणों से भी भिड़ने लगे तो ग्रामीण खामोश हो गए।
वृद्धा के मरने के बाद उसे वहीं छ़ोड़कर बेटा अपनी पत्नी व बच्चों के साथ भाग गया। सोमवार की सुबह दस बजे दामाद के पहुंचने पर पुलिस को तहरीर दी गई। हत्यारोपी पुत्र और पुत्रवधू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव को कब्जे में कर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है।
रविवार की रात बेटे के भय के कारण बिरजा देवी अपनी पडोसन रेणुका पत्नी मोहन लाल के घर सो रही थी। करीब दो बजे सुम्मेरी अपनी मां को सोते समय से खींच लाया। घर के बाहर ही घसीट घसीट कर पीटने लगा, जिससे उसका चेहरा लहूलुहान हो गया। गांव के लोग दौड़े लेकिन सुम्मेरी व उसकी पत्नी रामवती ग्रामीणों से झगड़ने लगे। धमकी देने लगे। आखिरकार कुछ ग्रामीणों ने कहा कि मारपीट करनी ही है तो अपने घर पर जाकर करें।
विज्ञापन
इसके बाद सुम्मेरी अपनी मां को घर के अंदर ले गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इतने में घर ले जाकर सुम्मेरी ने अपनी मां की गर्दन दबाकर उसकी हत्या कर दी। उसके मर जाने के बाद अपनी पत्नी व पांच बच्चों के साथ घर से भाग गया। सुबह को ग्रामीणों को जानकारी हुई तो पुलिस को फिर सूचना दी गई।
पुलिस मामले को रफा दफा करना चाहती थी लेकिन इसी बीच मृतका का दामाद बरखेड़ा गांव निवासी रामौतार पुत्र गंगाराम अपनी पत्नी हरप्यारी के साथ मौके पर पहुंचा। पुलिस को तहरीर दी। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मृतका के दामाद की तहरीर पर मृतका के पुत्र सुम्मेरी व उसकी पत्नी रामवती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हत्यारोपी अभी फरार हैं।
यह है हत्या की मुख्य वजह
धनारी थाने के पीपलवाला गांव निवासी हप्पू कुशवाहा की दो बेटी और एक बेटा सुम्मेरी कुशवाहा है। सभी की शादियां भी हो गई हैं। सुम्मेरी इकलौता होने के कारण बिगड़ गया। उसकी आदतें खराब हो गईं। हप्पू कुशवाहा की मौत हो जाने के बाद उनकी चार बीघा जमीन में से दो बीघा जमीन उनके इकलौते पुत्र के नाम तो दो बीघा जमीन उनकी पत्नी बिरजा देवी के नाम आ गई। पिता की मौत के बाद इकलौता पुत्र सुम्मेरी अपनी मां को प्रताड़ित करने लगा। सुम्मेरी की पत्नी रामवती भी अपने पति का ही साथ देने लगी। सुम्मेरी के पांच बच्चे भी हैं, उन्हें भी बिरजा देवी से दूर रखा जाने लगा। सुम्मेरी अपनी मां के नाम जमीन को अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था लेकिन बिरजा देवी उसकी गलत आदतों के कारण जमीन उसे न देकर किसी अन्य को बेच देने की धमकी देती थी। जमीन के लालची इकलौते पुत्र का जुल्म इतना बढ़ा कि चार पांच महीनों से अपनी पैंसठ वर्षीय मां को खाना भी देना बंद कर दिया। इसके बाद बिरजा देवी अलग रहकर किसी तरह मजदूरी करके जीवन बसर करने लगी। लेकिन इतने पर भी सुम्मेरी नहीं माना वह अक्सर अपनी मां के पास जाकर उसके साथ डंडों से मारपीट कर था। जो उसकी मां की मदद करता था, उससे भी झगड़ा करता था। इसलिए गांव के लोग भी बचते रहते थे।
पुलिस गंभीर होती तो बच सकती थी बिरजा देवी की जान
पति की मौत के बाद इकलौते पुत्र के जुल्मों की शिकार बिरजा देवी ने पुलिस को लगातार शिकायती पत्र देकर कहा कि उसे उसके बेटे के जुल्मों से बचाया जाए लेकिन पुलिस ने इस मामले को मां बेटे का आपसी मामला बताकर टाल दिया।
वृद्धा कई बार प्रार्थना पत्र लेकर धनारी थाने पहुंची। पुलिस कर्मियों को अपने इकलौते बेटे के जुल्मों की आप बीती सुनाई लेकिन वृद्धा का आश्वासन तो मिले लेकिन एक भी दिन पुलिस ने गांव जाकर यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि आखिरकार वृद्धा की दिक्कतें क्या हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुलिस ने एक बार ही सही, मौके पर जाकर वृद्धा के बेटे को सख्ती के साथ समझाया होता या फिर उसके खिलाफ कार्रवाई की होती तो शायद उसके बेटे की इतनी हिम्मत नहीं पड़ती कि वह अपनी मां की हत्या जैसा संगीन अपराध कर सके।
कोई तो मेरे बेटे से मुझे बचाओ
बिरजा देवी अपने ही लाड़ले से अपनी जान की रक्षा करने के लिए अंतिम सांस तक गुहार लगाती रही। वह चीखती रही कोई तो उसे बचाओ लेकिन उसके इकलौते पुत्र की आदतें इतनी खराब थी जिनके भय के कारण कोई ग्रामीण वृद्ध को बचाने के लिए आगे नहीं आया।
सुम्मेरी जब अपनी मां को पड़ोसन के घर से खींच कर लाया तो गांव की गलियों में सन्नाटा था। रात को दो बज रहे थे। लेकिन बिरजा देवी की चीखों से पूरा गांव जाग गया। बहुत से लोग तो इसलिए उठकर नहीं आया कि यह रोज का ही है। सुम्मेरी अक्सर ऐसे ही अपनी मां को पीटता था। वह चीखती रहती थी। जब महिला अधिक देर तक चीखती रही। कहती रही कि यह उसे मार डालेगा, कोई तो बचाओ, पुलिस को फोन कर दो। यह सुनकर कुछ ग्रामीण आए, सुम्मेरी से मारपीट न करने को कहा तो सुम्मेरी उनसे से भी लड़ने लगा। यह कहकर चुप करा दिया कि यह उसके घर का आपस का मामला है। बाहर वाले न बोले। ग्रामीण भी यह नहीं समझ पाए कि आज सुम्मेरी अपनी मां की जान ही ले लेगा। ग्रामीण समझ रहे थे कि रोज की तरह थोड़ी देर मारपीट करके छोड़ देगा। यही कारण रहा कि कोई ग्रामीण बिरजा देवी को बचाने नहीं आया।
विज्ञापन
वृद्धा के मरने के बाद उसे वहीं छ़ोड़कर बेटा अपनी पत्नी व बच्चों के साथ भाग गया। सोमवार की सुबह दस बजे दामाद के पहुंचने पर पुलिस को तहरीर दी गई। हत्यारोपी पुत्र और पुत्रवधू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव को कब्जे में कर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन
रविवार की रात बेटे के भय के कारण बिरजा देवी अपनी पडोसन रेणुका पत्नी मोहन लाल के घर सो रही थी। करीब दो बजे सुम्मेरी अपनी मां को सोते समय से खींच लाया। घर के बाहर ही घसीट घसीट कर पीटने लगा, जिससे उसका चेहरा लहूलुहान हो गया। गांव के लोग दौड़े लेकिन सुम्मेरी व उसकी पत्नी रामवती ग्रामीणों से झगड़ने लगे। धमकी देने लगे। आखिरकार कुछ ग्रामीणों ने कहा कि मारपीट करनी ही है तो अपने घर पर जाकर करें।
विज्ञापन
इसके बाद सुम्मेरी अपनी मां को घर के अंदर ले गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इतने में घर ले जाकर सुम्मेरी ने अपनी मां की गर्दन दबाकर उसकी हत्या कर दी। उसके मर जाने के बाद अपनी पत्नी व पांच बच्चों के साथ घर से भाग गया। सुबह को ग्रामीणों को जानकारी हुई तो पुलिस को फिर सूचना दी गई।
पुलिस मामले को रफा दफा करना चाहती थी लेकिन इसी बीच मृतका का दामाद बरखेड़ा गांव निवासी रामौतार पुत्र गंगाराम अपनी पत्नी हरप्यारी के साथ मौके पर पहुंचा। पुलिस को तहरीर दी। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मृतका के दामाद की तहरीर पर मृतका के पुत्र सुम्मेरी व उसकी पत्नी रामवती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हत्यारोपी अभी फरार हैं।
यह है हत्या की मुख्य वजह
धनारी थाने के पीपलवाला गांव निवासी हप्पू कुशवाहा की दो बेटी और एक बेटा सुम्मेरी कुशवाहा है। सभी की शादियां भी हो गई हैं। सुम्मेरी इकलौता होने के कारण बिगड़ गया। उसकी आदतें खराब हो गईं। हप्पू कुशवाहा की मौत हो जाने के बाद उनकी चार बीघा जमीन में से दो बीघा जमीन उनके इकलौते पुत्र के नाम तो दो बीघा जमीन उनकी पत्नी बिरजा देवी के नाम आ गई। पिता की मौत के बाद इकलौता पुत्र सुम्मेरी अपनी मां को प्रताड़ित करने लगा। सुम्मेरी की पत्नी रामवती भी अपने पति का ही साथ देने लगी। सुम्मेरी के पांच बच्चे भी हैं, उन्हें भी बिरजा देवी से दूर रखा जाने लगा। सुम्मेरी अपनी मां के नाम जमीन को अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था लेकिन बिरजा देवी उसकी गलत आदतों के कारण जमीन उसे न देकर किसी अन्य को बेच देने की धमकी देती थी। जमीन के लालची इकलौते पुत्र का जुल्म इतना बढ़ा कि चार पांच महीनों से अपनी पैंसठ वर्षीय मां को खाना भी देना बंद कर दिया। इसके बाद बिरजा देवी अलग रहकर किसी तरह मजदूरी करके जीवन बसर करने लगी। लेकिन इतने पर भी सुम्मेरी नहीं माना वह अक्सर अपनी मां के पास जाकर उसके साथ डंडों से मारपीट कर था। जो उसकी मां की मदद करता था, उससे भी झगड़ा करता था। इसलिए गांव के लोग भी बचते रहते थे।
पुलिस गंभीर होती तो बच सकती थी बिरजा देवी की जान
पति की मौत के बाद इकलौते पुत्र के जुल्मों की शिकार बिरजा देवी ने पुलिस को लगातार शिकायती पत्र देकर कहा कि उसे उसके बेटे के जुल्मों से बचाया जाए लेकिन पुलिस ने इस मामले को मां बेटे का आपसी मामला बताकर टाल दिया।
वृद्धा कई बार प्रार्थना पत्र लेकर धनारी थाने पहुंची। पुलिस कर्मियों को अपने इकलौते बेटे के जुल्मों की आप बीती सुनाई लेकिन वृद्धा का आश्वासन तो मिले लेकिन एक भी दिन पुलिस ने गांव जाकर यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि आखिरकार वृद्धा की दिक्कतें क्या हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुलिस ने एक बार ही सही, मौके पर जाकर वृद्धा के बेटे को सख्ती के साथ समझाया होता या फिर उसके खिलाफ कार्रवाई की होती तो शायद उसके बेटे की इतनी हिम्मत नहीं पड़ती कि वह अपनी मां की हत्या जैसा संगीन अपराध कर सके।
कोई तो मेरे बेटे से मुझे बचाओ
बिरजा देवी अपने ही लाड़ले से अपनी जान की रक्षा करने के लिए अंतिम सांस तक गुहार लगाती रही। वह चीखती रही कोई तो उसे बचाओ लेकिन उसके इकलौते पुत्र की आदतें इतनी खराब थी जिनके भय के कारण कोई ग्रामीण वृद्ध को बचाने के लिए आगे नहीं आया।
सुम्मेरी जब अपनी मां को पड़ोसन के घर से खींच कर लाया तो गांव की गलियों में सन्नाटा था। रात को दो बज रहे थे। लेकिन बिरजा देवी की चीखों से पूरा गांव जाग गया। बहुत से लोग तो इसलिए उठकर नहीं आया कि यह रोज का ही है। सुम्मेरी अक्सर ऐसे ही अपनी मां को पीटता था। वह चीखती रहती थी। जब महिला अधिक देर तक चीखती रही। कहती रही कि यह उसे मार डालेगा, कोई तो बचाओ, पुलिस को फोन कर दो। यह सुनकर कुछ ग्रामीण आए, सुम्मेरी से मारपीट न करने को कहा तो सुम्मेरी उनसे से भी लड़ने लगा। यह कहकर चुप करा दिया कि यह उसके घर का आपस का मामला है। बाहर वाले न बोले। ग्रामीण भी यह नहीं समझ पाए कि आज सुम्मेरी अपनी मां की जान ही ले लेगा। ग्रामीण समझ रहे थे कि रोज की तरह थोड़ी देर मारपीट करके छोड़ देगा। यही कारण रहा कि कोई ग्रामीण बिरजा देवी को बचाने नहीं आया।