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मेंथा तेल की आवक घटने से मंडी में सन्नाटा
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Wed, 09 May 2018 01:25 AM IST
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नई फसल का मेंथा आयल आने में अभी एक महीना है। बाजार में मेंथा आयल की आवक बहुत घट गई है। बाजार में सन्नाटे भरा माहौल है। अमर उजाला की टीम ने जब मंगलवार दोपहर मेंथा मंडी का जायजा लिया तो मेंथा खरीदने वाले कई दुकानदार व आढ़ती खाली बैठे नजर आए।
आढ़तियों ने बताया कि किसानों के पास पुराने मेंथा आयल का स्टाक तकरीबन खत्म हो चुका है। नई फसल का मेंथा आयल आने पर बाजार में रौनक लौटेगी। फिलहाल एक दिन के भीतर संभल मंडी में 30-40 ड्रम की आवक हो रही है। इस आवक से देश विदेश की खपत पूरी नहीं हो पा रही है। बाजार को नई फसल का इंतजार है।
मेंथा की मंडी में कई वर्ष बाद यह पहला मौका है जब नई फसल का आयल आने से पहले माल की कमी हो गई है। आमतौर पर प्रतिवर्ष नई फसल आने तक पिछले वर्षों के मेंथा आयल की आवक भरपूर रहती थी, लेकिन इस बार देश विदेश के बाजार में लगातार भरपूर मांग रही जिसके चलते आयल महंगे दाम पर बिक गया। अधिकतर किसानों का पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है। यही वजह है कि मंडी में आवक बेहद कम है।
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किसानों और कारोबारियों का कहना है कि मेंथा की नई फसल आने के बाद मंडी में रौनक दिखेगी। फिलहाल सन्नाटा पसर रहा है। दिन भर मेंथा व्यापारियों, दुकानों और आढ़तों के कर्मचारियों तथा मजदूरों को खाली बैठना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मई के अंत तक या जून के प्रथम सप्ताह में नई फसल आने के बाद बाजार में मेंथा आयल की आवक बड़े पैमाने पर होने की शुरूआत हो जाएगी।
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आढ़तियों ने बताया कि किसानों के पास पुराने मेंथा आयल का स्टाक तकरीबन खत्म हो चुका है। नई फसल का मेंथा आयल आने पर बाजार में रौनक लौटेगी। फिलहाल एक दिन के भीतर संभल मंडी में 30-40 ड्रम की आवक हो रही है। इस आवक से देश विदेश की खपत पूरी नहीं हो पा रही है। बाजार को नई फसल का इंतजार है।
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मेंथा की मंडी में कई वर्ष बाद यह पहला मौका है जब नई फसल का आयल आने से पहले माल की कमी हो गई है। आमतौर पर प्रतिवर्ष नई फसल आने तक पिछले वर्षों के मेंथा आयल की आवक भरपूर रहती थी, लेकिन इस बार देश विदेश के बाजार में लगातार भरपूर मांग रही जिसके चलते आयल महंगे दाम पर बिक गया। अधिकतर किसानों का पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है। यही वजह है कि मंडी में आवक बेहद कम है।
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किसानों और कारोबारियों का कहना है कि मेंथा की नई फसल आने के बाद मंडी में रौनक दिखेगी। फिलहाल सन्नाटा पसर रहा है। दिन भर मेंथा व्यापारियों, दुकानों और आढ़तों के कर्मचारियों तथा मजदूरों को खाली बैठना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मई के अंत तक या जून के प्रथम सप्ताह में नई फसल आने के बाद बाजार में मेंथा आयल की आवक बड़े पैमाने पर होने की शुरूआत हो जाएगी।