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साहब, जमीन आबादी में दर्ज कराने के लिए तहसीलदार मांग रहे रिश्वत
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साहब, तहसीलदार चंदौसी रिश्वत मांगते हैं। दो साल हो गए, अभी तक खेती की जमीन को आबादी में और पिता के निधन पर विरासत दर्ज नहीं की है। अन्य अधिकारी व कर्मचारी इन पर अपनी आख्या दे चुके हैं। शुक्रवार को तहसील में पहुंचे दो पीड़ितों को न तो तहसीलदार मिले और न ही एसडीएम। इसके बाद पीड़ितों ने मामले की डीएम से लिखित शिकायत की है। डीएम का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी पर कार्रवाई भी होगी।
केस: एक
चंदौसी तहसील क्षेत्र के गांव बनियाखेड़ा निवासी वेदप्रकाश ने डीएम को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनकी पांच गाटा संख्या में जमीन दर्ज है। यह जमीन उनके पिता के नाम पर दर्ज है। पिता का करीब दो साल पहले निधन हो चुका है। वे पांच भाई हैं। पिता के निधन के बाद उनके नाम पर विरासत दर्ज नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि तहसीलदार 50000 रुपये मांग रहे हैं। बोलेे, रुपये नहीं दोगे तो पिता की विरासत दर्ज नहीं होगी। चाहे कहीं भी चले जाओ। जांच कराकर विरासत दर्ज कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
केस:दो
चंदौसी की गणेश कॉलोनी निवासी डॉ. शिल्पा चौधरी व उनके पति डॉ. विशाल चौहान का आरोप है कि उनकी गांव आटा में कृषि भूमि है। उस जमीन को आबादी में दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र एसडीएम न्यायालय में दिया था। एसडीएम ने पत्रावली फाइल तहसीलदार के पास भेजी थी। फाइल में लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार ने आख्या लगा दी। आरोप है कि तहसीलदार के पास दोबारा फाइल जाने के बाद भी बार-बार गुमराह किया जा रहा है। फाइल के लिए तहसीलदार दो लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। डॉ. शिल्पा चौधरी ने डीएम को पत्र भेजकर शिकायत की है। जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
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रुपये मांगने के आरोप गलत हैं। मुझ पर गलत काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। विरासत वाले मामले में मृतक किसान की दो पत्नियां हैं। दूसरी पत्नी ने आपत्ति लगा रखी हैं। दूसरे मामले की फाइल मेरे पास नहीं है। काफी पहले ही जा चुकी है। मुझे काम करने नहीं दिया जा रहा है।
दीपक चौधरी, तहसीलदार चंदौसी
चंदौसी तहसीलदार का मामला संज्ञान में आ गया है। शिकायत अभी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मनीष बंसल, डीएम संभल
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केस: एक
चंदौसी तहसील क्षेत्र के गांव बनियाखेड़ा निवासी वेदप्रकाश ने डीएम को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनकी पांच गाटा संख्या में जमीन दर्ज है। यह जमीन उनके पिता के नाम पर दर्ज है। पिता का करीब दो साल पहले निधन हो चुका है। वे पांच भाई हैं। पिता के निधन के बाद उनके नाम पर विरासत दर्ज नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि तहसीलदार 50000 रुपये मांग रहे हैं। बोलेे, रुपये नहीं दोगे तो पिता की विरासत दर्ज नहीं होगी। चाहे कहीं भी चले जाओ। जांच कराकर विरासत दर्ज कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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केस:दो
चंदौसी की गणेश कॉलोनी निवासी डॉ. शिल्पा चौधरी व उनके पति डॉ. विशाल चौहान का आरोप है कि उनकी गांव आटा में कृषि भूमि है। उस जमीन को आबादी में दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र एसडीएम न्यायालय में दिया था। एसडीएम ने पत्रावली फाइल तहसीलदार के पास भेजी थी। फाइल में लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार ने आख्या लगा दी। आरोप है कि तहसीलदार के पास दोबारा फाइल जाने के बाद भी बार-बार गुमराह किया जा रहा है। फाइल के लिए तहसीलदार दो लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। डॉ. शिल्पा चौधरी ने डीएम को पत्र भेजकर शिकायत की है। जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
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रुपये मांगने के आरोप गलत हैं। मुझ पर गलत काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। विरासत वाले मामले में मृतक किसान की दो पत्नियां हैं। दूसरी पत्नी ने आपत्ति लगा रखी हैं। दूसरे मामले की फाइल मेरे पास नहीं है। काफी पहले ही जा चुकी है। मुझे काम करने नहीं दिया जा रहा है।
दीपक चौधरी, तहसीलदार चंदौसी
चंदौसी तहसीलदार का मामला संज्ञान में आ गया है। शिकायत अभी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मनीष बंसल, डीएम संभल