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Sambhal News: अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बाद डीएलआरसी निलंबित
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चंदौसी। भूमि विवाद में शासकीय पद एवं डीएम कार्यालय के नाम पर अनुचित प्रभाव डालने के आरोप में अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने जिला भूमि व्यवस्था सहायक (डीएलआरसी) प्रशस्त गुप्ता को निलंबित कर दिया है।
बहजोई क्षेत्र के ग्राम आनंदपुर निवासी राजकुमार खड़गवंशी एडवोकेट की ओर से दिए गए शिकायतीपत्र में बताया कि उनकी पैतृक जमीन ग्राम आनंदपुर में स्थित है, जिस पर वह काबिज व काश्तकार हैं। दो अक्तूबर को प्रशस्त गुप्ता 20-25 लोगों के साथ पहुंचे। खुद को नाजिर सदर संभल एवं डीएम का अधीनस्थ बताते हुए उस जमीन पर सीमेंट की रेडीमेड बाउंड्रीवॉल कराने लगे। विरोध करने पर अधिवक्ता के साथ हाथापाई कर मारपीट की गई।
तीन अक्तूबर को तहसील चंदौसी और गुन्नौर में अधिवक्ताओं ने न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार को अधिवक्ता एकजुट होकर डीएम कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। डीएम अंकित खंडेलवाल को शिकायतीपत्र सौंप कर डीएलआरसी समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी को शिकायती पत्र सौंपा।
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जांच में सही पाए गए आरोप
एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी द्वारा टीम गठित कर जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर डीएलआरसी प्रशस्त गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीएम ने प्रकरण से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित/वायरल वीडियो को भी संज्ञान में लिया गया। इसमें भी प्रथम दृष्टया प्रशस्त की भूमिका सामने आई।
निलंबित डीएलआरसी गुन्नौर तहसील से संबद्ध
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि प्रशस्त गुप्ता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए डिप्टी कलेक्टर संभल रामानुज को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रशस्त गुप्ता तहसील गुन्नौर से संबद्ध रहेंगे। अपनी उपस्थिति एसडीएम गुन्नौर के समक्ष दर्ज कराएंगे। सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
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बहजोई क्षेत्र के ग्राम आनंदपुर निवासी राजकुमार खड़गवंशी एडवोकेट की ओर से दिए गए शिकायतीपत्र में बताया कि उनकी पैतृक जमीन ग्राम आनंदपुर में स्थित है, जिस पर वह काबिज व काश्तकार हैं। दो अक्तूबर को प्रशस्त गुप्ता 20-25 लोगों के साथ पहुंचे। खुद को नाजिर सदर संभल एवं डीएम का अधीनस्थ बताते हुए उस जमीन पर सीमेंट की रेडीमेड बाउंड्रीवॉल कराने लगे। विरोध करने पर अधिवक्ता के साथ हाथापाई कर मारपीट की गई।
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तीन अक्तूबर को तहसील चंदौसी और गुन्नौर में अधिवक्ताओं ने न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार को अधिवक्ता एकजुट होकर डीएम कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। डीएम अंकित खंडेलवाल को शिकायतीपत्र सौंप कर डीएलआरसी समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी को शिकायती पत्र सौंपा।
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जांच में सही पाए गए आरोप
एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी द्वारा टीम गठित कर जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर डीएलआरसी प्रशस्त गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीएम ने प्रकरण से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित/वायरल वीडियो को भी संज्ञान में लिया गया। इसमें भी प्रथम दृष्टया प्रशस्त की भूमिका सामने आई।
निलंबित डीएलआरसी गुन्नौर तहसील से संबद्ध
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि प्रशस्त गुप्ता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए डिप्टी कलेक्टर संभल रामानुज को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रशस्त गुप्ता तहसील गुन्नौर से संबद्ध रहेंगे। अपनी उपस्थिति एसडीएम गुन्नौर के समक्ष दर्ज कराएंगे। सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।