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Sambhal News: बांके बिहारी के दर्शन की इच्छा रह गई अधूरी
Fri, 03 May 2024 04:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 03 May 2024 04:50 AM IST
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गुन्नौर। मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर गांव बिचपुरी के पास हुए हादसे में एक ही परिवार की दो बच्चियों राधिका (7), धनशा (5) व उनकी नानी थाना शहजादनगर के गांव हाजीपुर निवासी मीना (55) , राजबाला (35) की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया।
हादसे में जान गंवाने वाली मीना बेटों के जेल से छूटने की मनौती पूरी होने पर बांके बिहारी के दर्शन करने जा रही थीं लेकिन रास्ते में हादसे में उनकी मौत हो जाने से उनकी यह तमन्ना अधूरी रह गई।
हादसे के बाद सीएचसी गुन्नौर पहुंची रामपुर निवासी मीना की पुत्रवधु नीरज ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उनका पड़ोस में ही विवाद हो गया था।
कहासुनी में दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के सिर में डंडा लगा गया था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने पर मीना के पति, देवर व तीन बेटे जेल चले गए थे। उनकी सास मीना ने मन्नत मांगी थी कि उनके परिवार के लोग जेल से छूट कर आ जाएं तो वह वृंदावन में जाकर बांके बिहारी के दर्शन करेगी। उनके तीन बेटे जमानत पर जेल से छूटकर आ गए हैं।
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पति व देवर अभी जेल में हैं। बेटों के जेल से आने पर वह अपने दामाद भगवंत सरन, बेटी प्रीति, धेवती राधिका, धनशा, देवरानी राजबाला व अन्य परिजनों के साथ वृंदावन दर्शन के लिए जा रही थी। दूसरी गाड़ी में पीछे पीछे परिवार के अन्य लोग सवार थे। पर हादसे ने मीना, उनकी देवरानी व दो धेवती की जान ले ली है। उनकी मुराद तो पूरी हो गई, पर दर्शन की अच्छा अधूरी रह गई।
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हादसे में जान गंवाने वाली मीना बेटों के जेल से छूटने की मनौती पूरी होने पर बांके बिहारी के दर्शन करने जा रही थीं लेकिन रास्ते में हादसे में उनकी मौत हो जाने से उनकी यह तमन्ना अधूरी रह गई।
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हादसे के बाद सीएचसी गुन्नौर पहुंची रामपुर निवासी मीना की पुत्रवधु नीरज ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उनका पड़ोस में ही विवाद हो गया था।
कहासुनी में दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के सिर में डंडा लगा गया था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने पर मीना के पति, देवर व तीन बेटे जेल चले गए थे। उनकी सास मीना ने मन्नत मांगी थी कि उनके परिवार के लोग जेल से छूट कर आ जाएं तो वह वृंदावन में जाकर बांके बिहारी के दर्शन करेगी। उनके तीन बेटे जमानत पर जेल से छूटकर आ गए हैं।
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पति व देवर अभी जेल में हैं। बेटों के जेल से आने पर वह अपने दामाद भगवंत सरन, बेटी प्रीति, धेवती राधिका, धनशा, देवरानी राजबाला व अन्य परिजनों के साथ वृंदावन दर्शन के लिए जा रही थी। दूसरी गाड़ी में पीछे पीछे परिवार के अन्य लोग सवार थे। पर हादसे ने मीना, उनकी देवरानी व दो धेवती की जान ले ली है। उनकी मुराद तो पूरी हो गई, पर दर्शन की अच्छा अधूरी रह गई।