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बिना लाइसेंस के खुल रहीं दूध, दही, पनीर की दुकानें
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Tue, 12 Jun 2018 01:13 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेंमो
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शहर हो या गांव दूध, दही व पनीर की दुकानें जगह-जगह खुल रही हैं। इन दुकानों पर मानकों को ताक पर रखकर कारोबार किया जा रहा है। खास बात यह अधिकतर दुकानें शहर के बाहरी क्षेत्रों में खुली हुई हैं। ऐसे में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। जनपद के खाद्य सुरक्षा विभाग की यह लापरवाही आम जनता को भारी पड़ सकती है।
शहर के बाहरी क्षेत्रों में काफी संख्या में दूध, दही व पनीर की दुकानें खुली हुईं हैं। यहां हर समय तैयार दूध, दही व पनीर आप को मिल सकता है, लेकिन कहां और किस तरह से बनाया जा रहा है। इस बारे में किसी को इसकी जानकारी नहीं होती है। दिलचस्प बात यह है कि आप मांग के अनुसार आपको सामान उपलब्ध कराया जाएगा।
चाहे फिर कितनी भी शादी बारात क्यों न हो। ऐसे में सवाल उठता है कि दूध की आपूर्ति तो शहर में वही रहती है, लेकिन दूध, दही व पनीर की मांग बढ़ने पर ग्राहक को आपूर्ति की जाती है। ऐसे में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका बनी हुई है। शहर के गुमथल रोड, अकबपुर चित्तौरी, अशोकनगर, बदायूं चुंगी, सीता रोड, हनुमान गढ़ी तथा हाइवे किनारे कई दुकानें खुली हुई हैं।
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बाहरी क्षेत्र में दुकानें खोले जाने का मकसद यह रहता होगा कि कोई भी अधिकारी वहां न पहुंच सके और धड़ल्ले से कारोबार चलता रहे, होता भी यही है। हालांकि इन दुकानों के खोलने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है, लेकिन विभाग इस बात से अनभिज्ञ है कि शहर में लाइसेंसशुदा कितनी दुकानें संचालित है।
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शहर के बाहरी क्षेत्रों में काफी संख्या में दूध, दही व पनीर की दुकानें खुली हुईं हैं। यहां हर समय तैयार दूध, दही व पनीर आप को मिल सकता है, लेकिन कहां और किस तरह से बनाया जा रहा है। इस बारे में किसी को इसकी जानकारी नहीं होती है। दिलचस्प बात यह है कि आप मांग के अनुसार आपको सामान उपलब्ध कराया जाएगा।
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चाहे फिर कितनी भी शादी बारात क्यों न हो। ऐसे में सवाल उठता है कि दूध की आपूर्ति तो शहर में वही रहती है, लेकिन दूध, दही व पनीर की मांग बढ़ने पर ग्राहक को आपूर्ति की जाती है। ऐसे में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका बनी हुई है। शहर के गुमथल रोड, अकबपुर चित्तौरी, अशोकनगर, बदायूं चुंगी, सीता रोड, हनुमान गढ़ी तथा हाइवे किनारे कई दुकानें खुली हुई हैं।
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बाहरी क्षेत्र में दुकानें खोले जाने का मकसद यह रहता होगा कि कोई भी अधिकारी वहां न पहुंच सके और धड़ल्ले से कारोबार चलता रहे, होता भी यही है। हालांकि इन दुकानों के खोलने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है, लेकिन विभाग इस बात से अनभिज्ञ है कि शहर में लाइसेंसशुदा कितनी दुकानें संचालित है।