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Sambhal News: चंदौसी में शक्तिनगर व मुंसिफ रोड पर ध्वस्त कराईं दुकानें और मकान

Tue, 19 Nov 2024 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Tue, 19 Nov 2024 02:13 AM IST
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Shops and houses demolished on Shaktinagar and Munsif Road in Chandausi
चंदौसी (संभल)। नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान 11वें दिन सोमवार भी जारी रहा। शक्तिनगर और मुंसिफ रोड पर जेसीबी से अतिक्रमण की जद में आए मकान व दुकानें ध्वस्त की गईं। जिसके बाद लोग छैनी हथौड़ा लेकर खुद ही अपने मकान और दुकानों को तोड़ने लगे। दिन भर शहर के कई हिस्सों में तोड़ फोड़ चलती रही। कई स्थानों मलबा भी हटाया गया।
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सोमवार की सुबह करीब 10 बजे डिप्टी कलेक्टर व कार्यवाहक ईओ विनय कुमार मिश्रा अपनी टीम और जेसीबी के साथ सड़क पर उतरे और स्टेशन रोड, मुंसिफ रोड होते हुए शक्तिनगर पहुंचे। मुंसिफ रोड व शक्तिनगर में कई जगह सरकारी जगह की नामजोख कराई और अवैध कब्जों को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। ज्यादा नुकसान के डर से लोग खुद ही खुद ही अतिक्रमण ध्वस्त करने में जुट गए। जिला न्यायालय के सामने पालिका की भूमि को जेसीबी से समतल कराया। वहीं स्थित सात दुकानों को ध्वस्त कराया। शक्तिनगर में भी जेसीबी गरजी। दोपहर करीब एक बजे डीएम राजेंद्र पैंसिया ने मौका मुआयना किया। इस दौरान डीएम ने कहा कि जब उनका संभल जनपद के लिए स्थानांतरण हुआ तो देखा कि चंदौसी में जलभराव की समस्या सबसे बढ़ी है। सभी नाले ढके हुए हैं। जिससे उनकी तलीछाड़ सफाई नहीं हो पाती। जिससे चंदौसी नगरी को चांदसी बनाने के लिए अभियान चलाया गया है। अभियान से किसी का रोजगार नहीं मारा जाएगा। सब्जी वाले, रेहड़ी वालों के लिए स्ट्रीट बेंडिंग बनाया जाएगा।
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लोगों ने उठाया रोजगार का सवाल
चंदौसी। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान काफी ऐसे लोग हैं, जिनके कारोबार ठप हो गए और रोजी-रोटी का साधन छिन गया है। अब उनके सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। रोजगार छिनने के बाद लोगों का कहना है कि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही जो दुकानें टूटी हैं, उन दुकानों पर काम करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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फव्वारा चौक पर वर्ष 1952 में मेरे पिता ने नगर पालिका से किराये पर दुकान ली थी। पिता के निधन के बाद 1977 में किरायानाम मेरे नाम से जाने लगा। वर्ष 2025 तक का किराया जमा है। अब दुकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उनके साथ ही दुकान पर काम करने वाले दो कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। -विजय कुमार रस्तोगी, बुक डिपो संचालक।

मैं 25 साल से मुंसिफ रोड पर मेडिकल स्टोर चला रहा हूं। अब दुकान पूरी तरह ध्वस्त कर दी गई। मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाने के लिए दुकान दिखानी पड़ती है। अब दूसरी जगह दुकान लेने पर दोबारा से लाइसेंस बनवाना पड़ेगा। जिसमें समय और पैसा खर्च होगा। फिलहाल रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। -कपिल अरोरा, मेडिकल स्टोर स्वामी

जिला न्यायालय के सामने मेरी सात दुकानें प्रशासन ने ध्वस्त करा दीं। अब घर का खर्च कैसे चलेगा। जबकि इस मामले में पालिका मुकदमा हार गई। इसके बाद एडीएम कोर्ट ने दुकानों से छेड़छाड़ न करने के आदेश पालिका को दिए थे। आदेश दिखाने के बाद भी अधिकारियों ने एक न सुनी -सुषमा सिंह, भवन स्वामी

मैं मुंसिफ रोड पर 25 साल से फोटो स्टेट की दुकान चला रहा था। जो अब ध्वस्त कर दी गई है। 55 साल की उम्र में अब दूसरी जगह दुकान करना आसान नहीं है। रोजी रोटी छिन गई है। आमदनी के सभी स्रोत बंद हो गए। ऐसे में घर खर्च के लिए संकट गहरा गया है। प्रशासन ने भय का माहौल बना दिया है। -राकेश कुमार, दुकानदार फोटो स्टेट


मैं मुंसिफ रोड पर 26 साल से कंप्यूटर व फोटो स्टेट की दुकान चला कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। पिता का जनवरी माह में निधन हो गया था। परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह से मेरे ऊपर आ गई है। तीन-चार दिन पहले पता चला की दुकान ध्वस्त की जाएगी। तब ही से परिवार के लोग सदमे में आ गए। -बृजेश वार्ष्णेय, दुकानदार
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