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मिठाई की ब्रिक्री के साथ एक्सपायरी तिथि की जानकारी नहीं दे रहे दुकानदार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Mar 2021 01:46 AM IST
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Shopkeepers are not writing expiry dates on sweets
संभल। कुछ बड़े ब्रांड और प्रमुख दुकानदारों को छोड़ दें तो संभल, चंदौसी, बबराला, गुन्नौर, सिरसी, बहजोई, रजपुरा में जो भी मिठाई बिक रही है उसमें मिष्ठान विक्रेता कहीं भी इस बात का कोई उल्लेख नहीं कर रहे हैं कि कौन सी मिठाई किस की तिथि में निर्मित हुई और किस तिथि इसे प्रयोग में ले सकते हैं। एक्सपायरी तिथि का उल्लेख न होने की वजह से अगर कोई ऐसी मिठाई खा लेता है जो बनने के बाद खाने योग्य नहीं रही तो फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। इसलिए मिठाई खरीदते वक्त सतर्क रहें।
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निर्माण की तिथि और एक्सपायरी तिथि जरूर लिखें। जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास 210 मिष्ठान विक्रेताओं के पंजीकरण हैं। इसमें चंदौसी के 22 और संभल के आठ दुकानदार अपनी दुकान पर मिठाई की ट्रे में एक स्लिप लगा रहे हैं जिसमें यह लिखा होता है कि मिठाई कब बनाई गई और कब तक इसे इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन 180 दुकानदार ऐसे हैं जिनकी दुकान में हर रोज सैकड़ों लोग बगैर इस जानकारी के मिठाई खरीद रहे हैं कि मिठाई कब बनी थी और कब तक इसे खा सकते हैं।
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जब यह सवाल मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. पीके त्रिपाठी से किया गया तो उन्होंने बताया कि चेकिंग के दौरान चंदौसी में 22 दुकानदारों के यहां निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी तिथि का उल्लेख मिठाई की ट्रे पर मिला है लेकिन अधिक संख्या उन दुकानदारों की है जो अभी खाद्य सुरक्षा अधिनियम का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे दुकानदारों के यहां चेकिंग के दौरान कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मिठाई की दुकान में प्रत्येक मिठाई पर निर्माण तिथि का उल्लेख करने के साथ एक्सपायर होने की तिथि का उल्लेख भी किया जाना है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2006 लागू है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने गाइडलाइन जारी की है। इसका पालन न करने पर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होती है। इसमें दो लाख रुपये तक का जुर्माना है।
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कौन सी मिठाई बनने के कितने दिन तक खाएं
-एक दिन चलने वाली मिठाइयां- रस मलाई, रबड़ी, मिल्क केक
-दो दिन चलने वाली मिठाइयां- कलाकंद, पेड़ा, बर्फी, छेने की मिठाई
-तीन दिन चलने वाली मिठाइयां-सोनपापड़ी, मोतीचूर लड्डू, बूंदी का नवरत्न लड्डू
-सात दिन चलने वाली मिठाईं- आटे से तैयार लड्डू, बेसन के लड्डू, बेसन की बर्फी, मूंग की दाल के लड्डू और बर्फी
मिठाई जिस दिन बनती है, उसी दिन उसकी एस्सपायरी तय हो जाती है। इसीलिए यह निर्देश दिए गए हैं कि दुकान काउंटर पर लगे ट्रे में निर्माण तिथि के साथ उसके इस्तेमाल करने की तिथि का उल्लेख करें ताकि खरीदार देख सके कि यह मिठाई कितने दिन तक उपयोग की जा सकती है।
डा. पीके त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संभल
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