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Sambhal News: शारिक साटा गिरोह का वाहन चोरी नकली नोटों में भी हाथ, पुलिस खंगाल रही कनेक्शन

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2024 01:28 AM IST
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Shariq Sata gang also involved in vehicle theft and fake currency
संभल। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान 24 नवंबर को हुए बवाल की साजिश शारिक साटा ने रची थी और उसी गिरोह के सदस्यों ने बवाल में विदेशी कारतूस का इस्तेमाल किया। इस शक की बुनियाद पर पुलिस की एसआईटी छानबीन कर रही है। साटा गिरोह के सदस्यों की तलाश की जा रही है। एसपी का कहना है कि शारिक साटा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और दाऊद इब्राहिम गैंग के लिए दुबई में रहकर काम करता है। इसके प्रमाण मिले हैं।
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बवाल में शारिक साटा की साजिश और विदेशी कारतूस संभल पहुंचाने का माध्यम तलाश किया जा रहा है। इसके लिए उसकी गिरोह के सदस्यों की कुंडली खंगाली जा रही है।
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एसपी ने बताया कि शारिक साटा गिरोह वाहन चोरी और नकली नोटों का काम करता है। वर्ष 2021 में दिल्ली में इस गिरोह के दो सदस्य दिल्ली की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किए थे। उनके कब्जे से चार लाख रुपये बरामद किए गए थे। दोनों सदस्य संभल के थे और उन्होंने पूछताछ में कबूल किया था कि शारिक साटा आईएसआई के द्वारा दिए गए नकली नोट भारत भेजता है। उनकी खपत देश के अलग-अलग हिस्सों में करते हैं। इसी तरह संभल बवाल में भी शारिक साटा की साजिश और उसके द्वारा भेजे गए कारतूस के इस्तेमाल किए जाने का शक है। इसी आधार पर छानबीन की जा रही है। जो गिरोह के सदस्य हैं या सदस्य रह चुके हैं सभी की छानबीन की जा रही है।
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संभल एआरटीओ कार्यालय में चोरी की लग्जरी कारों का कराया था रजिस्ट्रेशन : वर्ष 2017 में संभल एआरटीओ का बड़ा कारनामा सामने आया था। चोरी की लग्जरी कारें रजिस्ट्रेशन की गई थीं। पुलिस ने 47 लग्जरी कारें तो बरामद कर ली थीं। अन्य की तलाश भी की गई थी लेकिन बाद में वह हाथ नहीं आ सकी थीं। उस समय इन सभी लग्जरी कारों को शारिक साटा गिरोह द्वारा ही रजिस्ट्रेशन कराया गया था। इस मामले में उन लोगों की भी गिरफ्तारी की गई थी जिन्होंने कम कीमत में इन कारों को खरीदा था। इस मामले में एआरटीओ कार्यालय की भी मिलीभगत सामने आई थी। मामला अभी तक विचाराधीन है।
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