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अल्लाह की इबादत संग पुरखों के कब्र किए रोशन
ब्यूराे/अमर उजाला, संभल
Updated Mon, 23 May 2016 01:03 AM IST
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संभल में बाबा मल्लक शाह की मजार पर दुआ करते अकीदतमंद। अमर उजाला
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शब-ए-बरात पर रविवार को अकीदतमंदों ने अल्लाह की इबादत कर अपने बुजुर्गों की कब्रों पर दीपक जलाए। इस दौरान बच्चों ने आतिशबाजी की। साथ ही घर को रोशन भी किया। सारी रात अल्लाह की इबादत का सिलसिला जारी रहा। माना जाता है कि शब-ए-बरात के दिन जो अल्लाह की इबादत करते हैं। अल्लाह उनके सारे गुनाह माफ कर देता है। सपा जिला सचिव सईद अख्तर इस्राइली के नेतृत्व में लोग मल्लक शाह मियां के मजार पर पहुंचे।
कब्रिस्तान में पहुंचकर बुजुर्गों की मगफिरत के लिए दुआ की। उनके साथ बिट्टू वारसी, अजीम सैफी, मोहम्मद शाकिर, हमजा आदिल, अबूजर आदिल, मोहम्मद जुबैर, यावर, जहीन, नवील अहमद, मोहम्मद नदीम, बिलाल अंसारी आदि मौजूद रहे। सिरसी में भी शब-ए-बरात पर अकीदतमंदों ने इबादत की। अहले सुन्नत की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना सफी ने बताया कि कब्रिस्तानों में जाकर मगफिरत की दुआएं मांगी जाती हैं।
वहीं, चंदौसी में शब-ए-बरात पर शहर के कब्रिस्तान बिजली की रोशनी में डूबे नजर आए। रात भर इबादत करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में पहुंचे। अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ी गई।
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कब्रिस्तान में पहुंचकर बुजुर्गों की मगफिरत के लिए दुआ की। उनके साथ बिट्टू वारसी, अजीम सैफी, मोहम्मद शाकिर, हमजा आदिल, अबूजर आदिल, मोहम्मद जुबैर, यावर, जहीन, नवील अहमद, मोहम्मद नदीम, बिलाल अंसारी आदि मौजूद रहे। सिरसी में भी शब-ए-बरात पर अकीदतमंदों ने इबादत की। अहले सुन्नत की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना सफी ने बताया कि कब्रिस्तानों में जाकर मगफिरत की दुआएं मांगी जाती हैं।
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वहीं, चंदौसी में शब-ए-बरात पर शहर के कब्रिस्तान बिजली की रोशनी में डूबे नजर आए। रात भर इबादत करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में पहुंचे। अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ी गई।
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