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गांव नाहरपुर में टीम को 41 में से नहीं मिले तीन शौचालय
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संभल। जुनावई ब्लाक के गांव नाहरपुर में कागजों में शौचालय बनाने की शिकायत पर ब्लाक स्तरीय टीम जांच करने गांव पहुंची। टीम को जांच में 41 में से तीन शौचालय मौके पर बने हुए नहीं मिले। जांच में पता चला कि लाभार्थियों के खातों में आवंटित धन नहीं पहुंच पाया था। लाभार्थियों के बैंक खातों में धन न पहुंचने के मामले में सचिव से जबाव मांगा है।
ब्लाक क्षेत्र के गांव नाहरपुर में शौचालयों को कागजों में बनाने की शिकायत की गई थी। सोमवार को शौचालय की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद, सहायक विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह और राजपाल सिंह गांव जा पहुंचे। बीडीओ ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 41 शौचालय लाभार्थियों को आवंटित किये गए थे। सभी लाभार्थियों के खातों में 12-12 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई थी। सभी शौचालय आवंटितों लाभार्थियों के घर जाकर देखा। 41 में से 38 घरों में शौचालय बने हुए मिले। लाभार्थी सूची में शामिल तीन घरों में शौचालय नहीं था। टीम ने जानकारी की, तो पता चला कि तीन शौचालय के लिए किसी कारणवश लाभार्थियों के खाते में धन न पहुंच सका था, इस कारण शौचालय नहीं बन सके थे।
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जुनावई ब्लाक के बीडीओ लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि नाहरपुर खजरी नाम से गांव मौके पर है, गांव में जांच के दौरान 41 में से 38 शौचालय मौके पर मिले हैं। जबकि तीन शौचालयों का निर्माण लाभार्थी के खाते में धन न पहुंचने के कारण नहीं हो पाया। शीघ्र ही लाभार्थियों के खाते में धन मुहैया कराकर तीन शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इस गांव के लोग अपने गांव का नाम समसपुर गंग में तब्दील करना चाहते हैं। जो की राजस्व विभाग का काम है।
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ब्लाक क्षेत्र के गांव नाहरपुर में शौचालयों को कागजों में बनाने की शिकायत की गई थी। सोमवार को शौचालय की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद, सहायक विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह और राजपाल सिंह गांव जा पहुंचे। बीडीओ ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 41 शौचालय लाभार्थियों को आवंटित किये गए थे। सभी लाभार्थियों के खातों में 12-12 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई थी। सभी शौचालय आवंटितों लाभार्थियों के घर जाकर देखा। 41 में से 38 घरों में शौचालय बने हुए मिले। लाभार्थी सूची में शामिल तीन घरों में शौचालय नहीं था। टीम ने जानकारी की, तो पता चला कि तीन शौचालय के लिए किसी कारणवश लाभार्थियों के खाते में धन न पहुंच सका था, इस कारण शौचालय नहीं बन सके थे।
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जुनावई ब्लाक के बीडीओ लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि नाहरपुर खजरी नाम से गांव मौके पर है, गांव में जांच के दौरान 41 में से 38 शौचालय मौके पर मिले हैं। जबकि तीन शौचालयों का निर्माण लाभार्थी के खाते में धन न पहुंचने के कारण नहीं हो पाया। शीघ्र ही लाभार्थियों के खाते में धन मुहैया कराकर तीन शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इस गांव के लोग अपने गांव का नाम समसपुर गंग में तब्दील करना चाहते हैं। जो की राजस्व विभाग का काम है।
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