UP: फिर चर्चा में संभल की सत्यव्रत पुलिस चौकी, हाईटेक कंट्रोल रूम से होगी इस बार कांवड़ यात्रा की निगरानी
संभल की सत्यव्रत पुलिस चौकी में नया जिला कंट्रोल रूम कांवड़ यात्रा से पहले शुरू किया जाएगा। यह कदम नवंबर में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी यहीं से होगी।
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संभल की सत्यव्रत पुलिस चौकी एक बार फिर से चर्चा में है। पुलिस का जिला कंट्रोल रूम कांवड़ यात्रा से पहले चालू हो जाएगा। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कुछ उपकरण बाहर से मंगवाए गए हैं। उन्हें जल्द लगाकर कांवड़ यात्रा से पहले कंट्रोल रूम चालू कर दिया जाएगा।
दरअसल, 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल हुआ था। इसमें पुलिस पर पथराव, फायरिंग की गई थी। आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं। पांच लोगों की मौत हो गई थी। 29 पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे।
इस बवाल के बाद ही संभल शहर में पुलिस की चौकसी लगातार बनी हुई है और सुरक्षा को ज्यादा मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस का जिला कंट्रोल रूम जामा मस्जिद के निकट बनी सत्यव्रत पुलिस चौकी में स्थापित हुआ है।
एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि अभी तक जिले का पुलिस कंट्रोल रूम बहजोई से ऑपरेट किया जाता है। दूसरी ओर, संभल शहर की निगरानी के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक के सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।
इन्हें भी यहीं से ऑपरेट किया जाएगा। एएसपी का दावा है कि कांवड़ यात्रा से पहले इसे चालू करा दिया जाएगा। ताकि त्योहारों के समय कोई समस्या न हो।
जामा मस्जिद पर बनी रहेगी चौकसी
चंदौसी कोर्ट में नमाज पर रोक लगाने की याचिका दाखिल होने के बाद संभल शहर और जामा मस्जिद के आसपास चौकसी बढ़ा दी गई है। गारद के अलावा अतिरिक्त फोर्स लगा है। सत्यव्रत पुलिस चौकी से भी निगरानी की जा रही है। याचिकाकर्ता ने नमाज पर रोक लगाने की मांग की है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जुमे की नमाज के दौरान शहर और जामा मस्जिद के आसपास एहतियाती तौर पर सुरक्षा बढ़ी रहती है, लेकिन अब याचिका दाखिल हुई है तो निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी निगरानी की जा रही है।
यदि किसी ने माहौल खराब करने का प्रयास किया तो कार्रवाई की जाएगी। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इसमें उपद्रवियों ने तोड़फोड़, फायरिंग, आगजनी की थी।
इस मामले में पुलिस ने 12 मुकदमे दर्ज किए थे। जिसमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क और जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट भी आरोपी बनाए गए। इस मामले में 96 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
जिसमें एक ही युवक की जमानत हुई है और रिहाई भी हो सकी है। बवाल के बाद से ही जामा मस्जिद पर एहतियाती तौर पर चौकसी बनी रहती है। जुमे की नमाज के दौरान यह चौकसी बढ़ जाती है।