संभल हिंसा: चौकसी बरकरार.. चप्पे-चप्पे पर पहरा, जामा मस्जिद के दो रास्तों पर अभी बैरीकेडिंग, देखें तस्वीरें
संभल में हिंसा के बाद जनजीवन पटरी में आने लगा है। सुबह से शाम तक बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी है। हिंसाग्रस्त इलाकों में पुलिस पहरा जारी है।
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संभल के जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल को 10 दिन बीत गए हैं। शहर में माहौल भी शांत है। एहतियाती तौर पर शहर में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। जामा मस्जिद के दो रास्तों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस का पहरा है। मस्जिद तक सिर्फ पैदल जा जाने का रास्ता है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया हुआ है।
जहां बवाल हुआ था वहां पर पुलिस की मुस्तैदी ज्यादा दिख रही है। इसी क्रम में बुधवार की शाम को एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने फोर्स के साथ शहर के अलग अलग हिस्सों में पैदल मार्च किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। जिससे शहर का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे। एसपी ने बताया कि शहर में लोगों से संवाद किया है। अपील की है कि वह शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे अधिकारी
मजिस्ट्रीयल जांच में मंगलवार को भी अधिकारियों ने बयान दर्ज नहीं कराए। डीएम द्वारा नामित किए गए डिप्टी कलक्टर दीपक चौधरी के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को बयान दर्ज कराने थे। अभी तक मजिस्ट्रीयल जांच में किसी ने भी अपना बयान दर्ज नहीं नहीं कराया है। आम आदमी और अधिकारियों को दो बार समय दिया जा चुका है।
डिप्टी कलक्टर ने बताया कि संभल जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल की वह मजिस्ट्रीयल जांच कर रहे हैं। 28 नवंबर को आम लोगों को बयान और साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए बुलाया गया था। बुधवार को भी बयान दर्ज कराने के लिए कोई नहीं पहुंचा।
बचने ना पाए संभल का एक भी उपद्रवी : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान कहा कि संभल का एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। संभल की तरह किसी अन्य जिले में अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सीएम ने अवैध अतिक्रमण, चेन स्नेचिंग और बाइक से स्टंटबाजी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम ने मुख्य सचिव, डीजीपी समेत शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फील्ड में तैनात अधिकारियों से बात की। योगी ने खासकर गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़ और संभल का नाम लेकर कहा कि किसी भी जिले में अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती है। जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे ठीक कराने का खर्च भी उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए।
अराजकता फैलाने वालों को चिह्नित कर उनके पोस्टर लगाएं। जनता का सहयोग लें। सघन सर्च ऑपरेशन चलाएं। एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। वहीं अवैध अतिक्रमण को लेकर सीएम ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण के मामले संवेदनशील हैं।
सड़क आवागमन के लिए है। भवन निर्माण सामग्री रखने, वाहन पार्किंग, दुकान बनाने अथवा किसी के अनधिकृत कब्जे के लिए नहीं है। अतिक्रमण के मामलों में संवाद और समन्वय की नीति अपनाई जाए।
पाकिस्तानी कारतूस मिलना केंद्र सरकार की नाकामी : समरपाल
समाजवादी पार्टी के नौगांवा सादात विधानसभा सीट से विधायक चौधरी समरपाल सिंह ने कहा कि संभल हिंसा के दौरान वहां पाकिस्तानी कारतूस मिलना केंद्र सरकार की नाकामी है। सीमा पर सख्त पहरे के बाद भी आखिर देश के भीतर कारतूस कैसे आ गए।
विधायक ने कहा कि मुरादाबाद जेल में उन्होंने संभल बवाल के पीड़ितों से मुलाकात की। पीड़ितों ने पुलिस की बर्बरता की कहानी बयां की। संभल में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए गए हैं। कहा कि जेल में संभल पीड़ितों के साथ मुलाकात की रिपोर्ट जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।
पक्का बाग स्थित सपा नेता शशिकांत गोयल के आवास पर मीडियो से बातचीत में विधायक ने कहा कि सपा के प्रतिनिधिमंडल ने मुरादाबाद जेल में संभल बवाल के पीड़ितों से मुलाकात की। जिसमें वहां के लोगों ने पुलिस की बर्बरता की पूरी दास्तां को बयां किया है। संभल में पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाया है।
कहा कि संभल हिंसा के दौरान वहां पाकिस्तानी कारतूस मिलना केंद्र सरकार की कमजोरी है। आखिर कैसे कोई व्यक्ति वहां से कारतूस व असलहा ला सकता है। देश के नेता प्रतिपक्ष को भी संभल जाने से रोका जा रहा है।
किसान नेता राकेश टिकैत को भी वहां जाने से रोक दिया गया। सरकार भी तानाशाही नीति अपना रही है। विकास को छोड़कर सरकार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर लोगों को आपस में लड़ाने का काम रही है।