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अगर 19 मार्च तक नहीं जमा की क्षतिपूर्ति तो कटेगी भू-राजस्व की तरह होगी वसूली
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संभल/चंदौसी। संभल जिले में 19 व 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन हिंसक हो जाने के बाद चंदौसी और संभल में सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई थी। इसमें 70 लोगों से 19,65,565 रुपये की वसूली की जानी थी जिसमें पांच लाख रुपये जमा हो चुके हैं। अब शेष धनराशि की वसूली के लिए अपर जिलाधिकारी ने 4 मार्च को एक निर्णय जारी किया है जिसमें उन्होंने नोटिस प्राप्त करने वाले 63 लोगों के तमाम तर्को को खारिज करते हुए किसी तरह की राहत देने से इनकार किया है। लेकिन जिन जिन लोगों ने हाईकोर्ट से वसूली के खिलाफ स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है उनसे वसूली को स्थगित किया गया है।
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार नुकसान की भरपाई के लिए यूपी रिकवरी फॉर डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रापर्टी अध्यादेश 2020 लाई है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अध्यादेश के बारे में अभी तो नियमावली बनेगी। नियमावली आने के बाद उस पर अमल किया जाएगा लेकिन जो वसूली सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से की जानी है। उसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि 4 मई को इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया था।
इस आदेश में प्रत्येक आरोपी को 15 दिन का अवसर प्रदान किया गया है। अगर 15 दिन में लोग क्षतिपूर्ति जमा नहीं कराते हैं तो रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी होगी और राजस्व विभाग के अमीन भू-राजस्व की भांति क्षतिपूर्ति की राशि वसूल करेंगे।
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उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश से मिली राहत
संभल। उच्च न्यायालय में दायर याचिका के बाद मुशीर खां, डा. नाजिम, सय्यद असलम, असद अब्दुल्ला, मोअज्जम खां को वसूली के आदेश से राहत मिली। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति ने भी नोटिस पर स्टे प्राप्त किया है। कुल छह लोगों को उच्च न्यायालय से राहत मिली है।
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इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार नुकसान की भरपाई के लिए यूपी रिकवरी फॉर डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रापर्टी अध्यादेश 2020 लाई है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अध्यादेश के बारे में अभी तो नियमावली बनेगी। नियमावली आने के बाद उस पर अमल किया जाएगा लेकिन जो वसूली सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से की जानी है। उसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि 4 मई को इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया था।
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इस आदेश में प्रत्येक आरोपी को 15 दिन का अवसर प्रदान किया गया है। अगर 15 दिन में लोग क्षतिपूर्ति जमा नहीं कराते हैं तो रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी होगी और राजस्व विभाग के अमीन भू-राजस्व की भांति क्षतिपूर्ति की राशि वसूल करेंगे।
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उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश से मिली राहत
संभल। उच्च न्यायालय में दायर याचिका के बाद मुशीर खां, डा. नाजिम, सय्यद असलम, असद अब्दुल्ला, मोअज्जम खां को वसूली के आदेश से राहत मिली। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति ने भी नोटिस पर स्टे प्राप्त किया है। कुल छह लोगों को उच्च न्यायालय से राहत मिली है।