Sambhal: खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान, इफको केन्द्र पर आधी रात से लाइन पर लगते हैं लोग, हाथ लगती है मायूसी
पिछले दो दिन से मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर किसान भारी संख्या में एनपीके (डाई) लेने किसान की भीड़ उमड़ रही है, क्योंकि इस समय गेहूं व आलू की बुवाई का समय चल रहा है। बुवाई के समय किसानों को एनपीके की आवश्यकता होनी शुरू हो गई है। मंगलवार की सुबह पांच बजे से ही जनपद के अलावा बदायूं व मुरादाबाद जनपद के किसान मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पहुंचने लगे। सुबह दस बजे तक मंडी समिति में 500 किसान एकत्र हो गए और इफको केंद्र के बाहर भीड़ लग गई।
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संभल के चंदौसी में आलू की फसल की बुवाई को लेकर किसानों को एनपीके (डाई) की आवश्यकता है। पिछले दो दिन से मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर भारी संख्या में किसान एनपीके लेने पहुंच रहे हैं। भीड़ अधिक होने पर खाद वितरण में अव्यवस्था बनी हुई है। मंगलवार को 500 से अधिक किसान सुबह पांच बजे से मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पहुंचे। सुबह दस बजे केंद्र खुला तो किसान की भीड़ टोकन लेने के उमड़ पड़ी, जिससे अव्यवस्था हो गई। इसके बाद केंद्र कर्मचारियों ने 170 किसानों को टोकन का वितरण किया। कुछ देर बाद सभी को खाद वितरण करना प्रारंभ कर दिया। अन्य किसान मायूस होकर अपने घर चले गए।
पिछले दो दिन से मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पर किसान भारी संख्या में एनपीके (डाई) लेने किसान की भीड़ उमड़ रही है, क्योंकि इस समय गेहूं व आलू की बुवाई का समय चल रहा है। बुवाई के समय किसानों को एनपीके की आवश्यकता होनी शुरू हो गई है। मंगलवार की सुबह पांच बजे से ही जनपद के अलावा बदायूं व मुरादाबाद जनपद के किसान मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पहुंचने लगे। सुबह दस बजे तक मंडी समिति में 500 किसान एकत्र हो गए और इफको केंद्र के बाहर भीड़ लग गई। सुबह दस बजे केंद्र प्रभारी व कर्मचारी पहुंचे तो किसान उनसे टोकन की मांग करने लगे। सुबह साढ़े दस बजे केंद्र कर्मचारियों ने टोकन वितरित करने शुरू किए तो किसान में अफरा तफरी का माहौल हो गया।
समस्या से केंद्र प्रभारी एके सिंह ने पुलिस को अवगत कराया। कुछ देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और किसानों की कतार लगनी शुरू की। जानकारी होने पर जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह ने इफको केंद्र पहुंच गए और किसान को समझाबुझा कर कतार लगवाई। इसके बाद केंद्र कर्मचारियों ने 170 किसानों को टोकन वितरित किए। बताया गया कि सुबह से शाम तक 170 किसानों को टोकन बांट कर 897 खाद कट्टों का वितरण किया जाता है।
अन्य बचे किसान मायूस होकर अपने-अपने घर लौट गए। एनपीके का एक कट्टा 1470 रुपये, यूरिया का 267 रुपये प्रति कट्टा बेचा जा रहा है। फिलहाल केंद्र पर 2600 कट्टे एनपीके व 450 कट्टे यूरिया के उपलब्ध है। फिलहाल किसानों में यूरिया की मांग नहीं है। दो दिन एनपीके आने वाला है।
भरपूर मात्रा में जनपद में उर्वरक मौजूद
पिछले दो दिन से किसान एनपीके लेने मंडी समिति स्थित इफको केंद्र पहुंच रहे हैं। जिसमें 150 से 170 किसानों को एनपीके का वितरण किया जाता है। अन्य किसानों खाली हाथ निराश होकर अपने घर चले जाते हैं। जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। रबी फसल की बुवाई को जनपद में 163630 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त है। इसमें गेहूं का 138066, मसूर का 1378 हेक्टेयर, मसूर 1378 हेक्टेयर, राई-सरसों का 14703 हेक्टेयर है। साथ ही आलू की बुवाई का कार्य चल रहा है। जनपद में एनपीके की 3886 मिलिट्री टन इफको एनपीके की प्राप्त हुई थी। जिसका वितरण चल रहा है।
एक नवंबर को 200 मिलिट्री टन एनपीके व 1800 मिलिट्री टन डीएपी जनपद के प्राइवेट क्षेत्र को चंबल फर्टिलाइजर्स की प्राप्त हुई। अगले दो दिन में दो रेक और प्राप्त होगी। जनपद में उर्वरक की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। सभी सहकारी संघ पर एनपीके उपलब्ध कराई दी गई है।
आलू की फसल को लेकर एनपीके (डाई) की आवश्यकता है। मंगलवार की सुबह गांव के कुछ लोगों के साथ इफको केंद्र पहुंचा। सुबह दस बजे केंद्र कर्मचारी पहुंचे तो अफरा-तफरी मच गई, जिससे टोकन नहीं मिल सका।
रिजवान, जनेटा, चंदौसी
गेहूं की बुवाई का कार्य चल रहा है। खेत बुवाई के लिए पूरी तरह तैयार है, बस एनपीके (डाई) की आवश्कता है, मंगलवार को छह बजे इफको केंद्र पहुंचा, तो भीड़ अधिक होने से टोकन नहीं मिल सका।
उमेश पाल, चितौरा, चंदौसी
हम एक दर्जन किसान दो दिन से बदायूं जनपद के फैजगंज बेहटा गांव से आ रहे हैं। किसानों की भीड़ अधिक होने से अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। केवल 140 किसानों को टोकन देकर एनपीके वितरित की जाती है।
डालचंद्र, फैजगंज बेहटा, बदायूं
इफको केंद्र पर एनपीके व खाद काफी मात्रा में मौजूद है। पिछले दो दिन से किसानों की अधिक भीड़ लगने से अव्यवस्था हो जाती है। रोजाना 140 किसानों को टोकन वितरित कर खाद व एनपीके वितरित किया जाता है। मगर इस समय किसानों को एनपीके की ज्यादा आवश्यकता है।
एके सिंह, प्रभारी इफको केंद्र, चंदौसी