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UP: संभल में 46 साल से बंद कुएं की खोदाई शुरू, 1978 के दंगों में चर्चित रहा था यह स्थान, प्रशासनिक हलचल तेज

Wed, 26 Nov 2025 01:18 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Wed, 26 Nov 2025 01:18 PM IST
सार

संभल में एक और ऐतिहासिक कुएं की खोदाई शुरू हो गई है। यह कुआं 1978 के दंगों के दौरान चर्चा में रहा था। माैके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे हैं। 

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Sambhal: Digging begins for the well that was famous during the 1978 riots
संभल में कुंए की खोदाई शुरू - फोटो : संवाद

विस्तार

संभल कोतवाली क्षेत्र की एकता पुलिस चौकी क्षेत्र में स्थित बंद कुएं की 46 वर्ष बाद खोदाई शुरू हुई है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को देखा है। बुधवार को नगर पालिका ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। इस कुएं के नजदीक लगे एक पेड़ को भी काटा जाएगा। इसके लिए वन विभाग को सूचना दे दी गई है।

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आसपास के लोगों का कहना है कि 1978 के दंगों के दौरान यह कुआं चर्चा में रहा था। उधर, महिष्मती नदी पर कब्जे चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू हो गया है। नगर पालिका की टीमों ने मौके पर जाकर सर्वे का काम शुरू किया है।
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कितने स्थानों पर अतिक्रमण किया गया है इसका पता लगाया जा रहा है। सर्वे के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसके बाद नदी को कब्जामुक्त किए जाने का काम होगा। बताते चलें कि महिष्मती नदी का पुनरुद्धार 15 करोड़ रुपये से होना है। सर्वे की शुरुआत हल्लू सराय से हो चुकी है।
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तीर्थों और कूपों के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण पर खर्च होंगे करीब 12 करोड़ 
उधर, संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की नगरी संभल में तीर्थों और कूपों के सौंदर्यीकरण को लेकर कार्ययोजना तैयार हो चुकी है। शासन के प्रोजेक्ट और 15वें वित्त आयोग के तहत तीर्थों और कूपों के सौंदर्यीकरण कार्य पर करोड़ों रुपये खर्च होने हैं। शासन को भेजे गए प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

बजट जारी होने पर नगर पालिका द्वारा कार्य शुरू करा दिया जाएगा। वहीं कुछ कूपों पर कार्य को लेकर निविदा प्रक्रिया चल रही है।तीर्थों और कूपों को संवारने का कार्य पहले से ही चल रहा है। अब शासन की मंशा के अनुरूप नगर पालिका ने शेष तीर्थों एवं कूपों के सौंदर्यीकरण के लिए कार्ययोजना की है।

इसमें मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में स्थित पंचाग्नि कूप पर 14.96 लाख रुपये से कार्य होना है तो सरायतरीन के रसोदक कूप पर 14.60 लाख रुपये खर्च होने हैं। इसी तरह मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित ऋषिकेश कूप के सौंदर्यीकरण पर 18.20 लाख रुपये की लागत आएगी। इन सभी कूपों पर कार्य 15वें वित्त आयोग से कराया जाना है और निविदा प्रक्रिया में है।

शासन की वंदन योजना के अंतर्गत मोहल्ला कोट पूर्वी शिव मंदिर पर स्थित विमल कूप, मोहल्ला कोट गर्वी में साहनी वाले फाटक पर कृष्ण कूप, यहीं पर मंदिर के अंदर विष्णु कूप, कोतवाली के सामने अकर्ममोचन कूप, मोहल्ला ठेर में मृत्युंजय कूप, मोहल्ला कोट पूर्वी में बलि कूप और सप्तसागर कूप पर सौंदर्यीकरण का कार्य होना है। कार्य के लिए 1 करोड़ 23 लाख 65 हजार रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

तीर्थों की संवर जाएगी सूरत, होंगे तमाम कार्य
नगर में स्थित सूर्यकुंड तीर्थ पर पूर्व में पर्यटन विभाग ने काम कराया है। नगर पालिका ने झील, पोखर, तालाब योजना के तहत 1.99 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इसमें से 50 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा शंखमाधव तीर्थ पर कुछ कार्य हुआ है।

अब वंदन योजना में सौंदर्यीकरण कार्य पर 89 लाख रुपये का प्रस्ताव है। यमघट तीर्थ पर 1.18 करोड़ रुपये से काम कराया जा रहा है। 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वंदन योजना में ही पाप मोचन तीर्थ पर 74 लाख रुपये, मृत्युंजय तीर्थ पर 1.15 करोड़ रुपये, मत्स्योदरी तीर्थ, भद्रकाश्रम तीर्थ और अन्नतसागर तीर्थ पर 2.69 करोड़ रुपये से कार्य होना है।

जबकि वैश्विक नगरोदय योजना में भागीरथी तीर्थ पर 1.28 करोड़ से सौंदर्यीकरण कराया जाना है। यह प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। उम्मीद है कि शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।

राज्य वित्त आयोग से चतुर्मुख कूप का हुआ सौंदर्यीकरण
नगर पालिका ने राज्य वित्त आयोग से मोहल्ला आलम सराय में स्थित चतुर्मुख कूप का सौंदर्यीकरण कराया है। इसमें 20.56 लाख रुपये खर्च हुए हैं। 100 प्रतिशत कार्य पूरा होने पर कूप की तस्वीर बदली नजर आ रही है।

तीर्थों और कूपों का सौंदर्यीकरण कराया जाना है। कुछ पर कार्य चल भी रहा है। जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है उसके जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद कार्य शुरू कराया जाएगा। महिष्मती नदी पर कब्जे चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू करा दिया है। -डॉ.मणिभूषण तिवारी, ईओ नगर पालिका संभल

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