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7000 शिक्षकों व कर्मियों की फीकी रहेगी होली
अमर उजाला ब्यूरो/संभल
Updated Mon, 21 Mar 2016 01:11 AM IST
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जिले में तमाम नौकरीपेशा के लिए होली का त्योहार मनाना भारी पड़ रहा है। त्योहार महीने के आखिरी तारीखों में पड़ रहा है और मार्च में ही इनकम टैक्स बचाने के लिए निवेश भी करना पड़ा है। जेब निवेश से ही खाली हो गई। संभल और मुरादाबाद जिले के 7000 परिषदीय शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को फरवरी का वेतन अभी नहीं मिल सका है। जेब खाली है, घर का बजट बिगड़ गया है।
ऐसे में त्योहार पर दिल खोलकर रुपये नहीं खर्च कर सकेंगे। कई कर्मचारी तो कंजूसी से त्योहार मनाएंगे। कई परिवारों का बजट बिगड़ गया है। मिलक नेकपुर गांव की शिक्षिका विमलेश कुमारी ने कहा कि त्योहार तो मनाएंगे। क्योंकि पुरानी परंपरा है पर वेतन न आने की वजह से उधार लेना पड़ रहा है।
समायोजित शिक्षक रविंद्र खारी ने कहा कि आमतौर पर महीने की पहली से सात तारीख के बीच वेतन मिल जाता है लेकिन इस बार वेतन में देरी हुई है। सभी शिक्षक इनकम टैक्स कटौती के दायरे में थे। इसलिए जो बचत थी उसे निवेश किया है। जेब खाली हो गई है। त्योहार मनाने के लिए आर्थिक संकट तो स्वाभाविक है।
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शिक्षक चाहते हैं कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारी जल्दी से जल्दी वेतन जारी कराएं। बेसिक शिक्षा परिषद के 7000 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन का इंतजार है।बेसिक शिक्षा परिषद के वित्त एवं लेखाधिकारी विपिन कुमार वर्मा ने रविवार को बताया कि छुट्टी होने के बावजूद कार्यालय खुला हुआ है, कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन होली से पहले मिल जाए। उन्होंने बताया कि मार्च में इनकम टैक्स की डिटेल शिक्षकों ने देरी से दी है। निवेश संबंधी विवरण की फीडिंग हो रही है। फीडिंग होते ही वेतन मिलेगा।
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ऐसे में त्योहार पर दिल खोलकर रुपये नहीं खर्च कर सकेंगे। कई कर्मचारी तो कंजूसी से त्योहार मनाएंगे। कई परिवारों का बजट बिगड़ गया है। मिलक नेकपुर गांव की शिक्षिका विमलेश कुमारी ने कहा कि त्योहार तो मनाएंगे। क्योंकि पुरानी परंपरा है पर वेतन न आने की वजह से उधार लेना पड़ रहा है।
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समायोजित शिक्षक रविंद्र खारी ने कहा कि आमतौर पर महीने की पहली से सात तारीख के बीच वेतन मिल जाता है लेकिन इस बार वेतन में देरी हुई है। सभी शिक्षक इनकम टैक्स कटौती के दायरे में थे। इसलिए जो बचत थी उसे निवेश किया है। जेब खाली हो गई है। त्योहार मनाने के लिए आर्थिक संकट तो स्वाभाविक है।
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शिक्षक चाहते हैं कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारी जल्दी से जल्दी वेतन जारी कराएं। बेसिक शिक्षा परिषद के 7000 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वेतन का इंतजार है।बेसिक शिक्षा परिषद के वित्त एवं लेखाधिकारी विपिन कुमार वर्मा ने रविवार को बताया कि छुट्टी होने के बावजूद कार्यालय खुला हुआ है, कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन होली से पहले मिल जाए। उन्होंने बताया कि मार्च में इनकम टैक्स की डिटेल शिक्षकों ने देरी से दी है। निवेश संबंधी विवरण की फीडिंग हो रही है। फीडिंग होते ही वेतन मिलेगा।