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Sambhal News: वीनस शुगर मिल पर 34.10 करोड़ रुपये बकाया
Fri, 29 Mar 2024 02:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 29 Mar 2024 02:52 AM IST
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चंदौसी। जिले में गन्ने का भुगतान करने में मझावली चीनी मिल सबसे फिसड्डी चल रही है। मिल पर करीब 34.10 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। अंतिम भुगतान 23 दिसंबर को किया गया है। जबकि शासन के निर्देश 14 दिन में भुगतान करने के हैं। वहीं रजपुरा चीनी मिल भुगतान के मामले में दूसरे स्थान पर है। असमोली चीनी मिल भुगतान करने के मामले में अव्वल है।
असमोली चीनी मिल ने पेराई सत्र 2023-24 में 145.70 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 531.83 करोड़ रुपये है। इसके सापेक्ष मिल ने 488.63 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 43.20 करोड़ रुपये बकाया है। मिल शासन के तय समय अवधि 14 दिन के अंदर भुगतान कर रही है। वहीं रजपुरा चीनी मिल ने 107.34 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 393.94 करोड़ रुपये है, इसके सापेक्ष मिल ने 379.55 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 14.39 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं मझावली चीनी मिल ने 22.28 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 81.87 करोड़ रुपये किया जाना है, लेकिन मिल ने अब तक 47.77 करोड़ का भुगतान किया है। जबकि 34.10 करोड़ रुपये बकाया है।
डीएसएम शुगर मिल रजपुरा 25 दिन पहले 15 मार्च और मझावली चीनी मिल 16 दिन पहले 19 मार्च को पेराई सत्र बंद कर चुकी है। वहीं असमोली चीनी मिल ने भी पेराई सत्र बंदी के संकेत दिए है। रजपुरा चीनी मिल 15 मार्च को पेराई सत्र बंद कर चुकी है। पिछली बार की अपेक्षा मिल के पास 3974 हेक्टेयर गन्ने का रकबा अधिक था। इसके बावजूद मिल 25 दिन पहले बंद हो गई। वजह लाल सड़न रोग और बाढ़ के कारण गन्ने की 25 से 30 प्रतिशत फसल खराब होना है। इस बार मिल के पास गन्ने का रकबा 34337.00 हेक्टेयर था। जबकि पिछली बार गन्ने का रकबा 30363.74 हेक्टेयर था। नौ अप्रैल तक 160 दिन में मिल ने 1.24 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। वहीं इस बार मिल ने 1.7 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की है। मिल करीब 130 दिन संचालित हुई है। वहीं मझावली चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने का रकबा 8449 हेक्टेयर था। जबकि पिछली बार 8332 हेक्टेयर गन्ना था। चार अप्रैल तक करीब 27. 45 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। वहीं इस बार 19 मार्च तक मिल 22.28 लाख क्विंटल ही गन्ने की पेराई कर पाई है।
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असमोली चीनी मिल ने पेराई सत्र 2023-24 में 145.70 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 531.83 करोड़ रुपये है। इसके सापेक्ष मिल ने 488.63 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 43.20 करोड़ रुपये बकाया है। मिल शासन के तय समय अवधि 14 दिन के अंदर भुगतान कर रही है। वहीं रजपुरा चीनी मिल ने 107.34 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 393.94 करोड़ रुपये है, इसके सापेक्ष मिल ने 379.55 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 14.39 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं मझावली चीनी मिल ने 22.28 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसका भुगतान 81.87 करोड़ रुपये किया जाना है, लेकिन मिल ने अब तक 47.77 करोड़ का भुगतान किया है। जबकि 34.10 करोड़ रुपये बकाया है।
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डीएसएम शुगर मिल रजपुरा 25 दिन पहले 15 मार्च और मझावली चीनी मिल 16 दिन पहले 19 मार्च को पेराई सत्र बंद कर चुकी है। वहीं असमोली चीनी मिल ने भी पेराई सत्र बंदी के संकेत दिए है। रजपुरा चीनी मिल 15 मार्च को पेराई सत्र बंद कर चुकी है। पिछली बार की अपेक्षा मिल के पास 3974 हेक्टेयर गन्ने का रकबा अधिक था। इसके बावजूद मिल 25 दिन पहले बंद हो गई। वजह लाल सड़न रोग और बाढ़ के कारण गन्ने की 25 से 30 प्रतिशत फसल खराब होना है। इस बार मिल के पास गन्ने का रकबा 34337.00 हेक्टेयर था। जबकि पिछली बार गन्ने का रकबा 30363.74 हेक्टेयर था। नौ अप्रैल तक 160 दिन में मिल ने 1.24 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। वहीं इस बार मिल ने 1.7 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की है। मिल करीब 130 दिन संचालित हुई है। वहीं मझावली चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने का रकबा 8449 हेक्टेयर था। जबकि पिछली बार 8332 हेक्टेयर गन्ना था। चार अप्रैल तक करीब 27. 45 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। वहीं इस बार 19 मार्च तक मिल 22.28 लाख क्विंटल ही गन्ने की पेराई कर पाई है।
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