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Sambhal News: लापरवाही पर धनीपुर की ग्राम प्रधान के अधिकार सीज
Sun, 29 Oct 2023 01:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 29 Oct 2023 01:15 AM IST
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चंदौसी (संभल)। आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण और गोशाला की देखभाल करने में लापरवाही बरतने पर ग्राम पंचायत धनीपुर के ग्राम प्रधान को बीडीओ ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। नोटिस का जवाब न देने पर डीएम ने ग्राम प्रधान रेखा रानी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही गोशाला में अनियमितता पाए जाने पर ग्राम पंचायत आनंदपुर और देवपुरा के प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जुनावई ब्लॉक की ग्राम पंचायत धनीपुर के गांव दीपनंगला में नवनिर्मित गोशाला में संरक्षित किए गए 250 पशुओं में से डिप्टी सीवीओ और बीडीओ को निरीक्षण के दौरान कम मिले थे। जिस पर बीडीओ ने ग्राम प्रधान रेखा रानी को 13 अप्रैल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। लेकिन ग्राम प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम के निर्देश पर 23 अप्रैल को एसडीएम ने निरीक्षण किया तो उन्हें गोशाला में एक भी पशु नहीं मिला। उन्होंने ग्राम प्रधान को फोन किया तो संपर्क नहीं हो सका। जिसके बाद ग्राम प्रधान को तीन नोटिस जारी किए गए। 18 मई को ग्राम प्रधान ने गोशाला के फोटो दिखाते हुए दोषमुक्त करने की मांग की। जून माह में बीडीओ ने पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर ग्राम प्रधान पर निर्माणाधीन दो आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में सहयोग न देने, अवरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने डीपीआरओ को जांच के लिए भेजा। सात जुलाई को डीपीआरओ ने गांव में पहुंचकर जांच की तो गड़बड़ी मिली। पांच अक्तूबर को नोडल अधिकारी गांव पहुंचे तो गोशाला में एक भी संरक्षित पशु नहीं मिला। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य भी रुका था। जिसके बाद नोडल अधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति की थी। डीएम मनीष बंसल ने ग्राम प्रधान रेखा रानी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। इसकी जांच के लिए परियोजना निदेशक डीआरडीए को नामित किया है।
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ग्राम प्रधान देवपुरा व आनंदपुर को कारण बताओ नोटिस
रजपुरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत में गोशाला में नोडल अधिकारी ने निरीक्षण किया था। जून 2023 में गोवंशीय पशु मिले थे। उन्होंने रिपोर्ट दी थी कि गोशाला संचालन में ग्राम प्रधान का सहयोग नहीं है। 21 सितंबर को डीपीआरओ के निरीक्षण में गोशाला में एक भी पशु नहीं मिला था। देवपुरा के ग्राम प्रधान संजय यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं बहजोई ब्लॉक की ग्राम पंचायत आनंदपुर में भी पहले निरीक्षण में पशु कम मिले थे, दोबारा के निरीक्षण में वहां भी पशु गायब मिले। 21 सितंबर के डीपीआर के निरीक्षण के बाद जारी नोटिस का भी जबाव नहीं दिया। इस मामले में डीएम ने आनंदपुर के ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह को भी कारण बताओ नोटिस किया है।
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वर्जन
गोशाला व उनमें पल रहे पशुओं की देखभाल न करने पर एक ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए गए हैं। जांच के लिए अधिकारी नामित किए हैं। अन्य दो ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। -मनीष बंसल, डीएम
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जुनावई ब्लॉक की ग्राम पंचायत धनीपुर के गांव दीपनंगला में नवनिर्मित गोशाला में संरक्षित किए गए 250 पशुओं में से डिप्टी सीवीओ और बीडीओ को निरीक्षण के दौरान कम मिले थे। जिस पर बीडीओ ने ग्राम प्रधान रेखा रानी को 13 अप्रैल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। लेकिन ग्राम प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम के निर्देश पर 23 अप्रैल को एसडीएम ने निरीक्षण किया तो उन्हें गोशाला में एक भी पशु नहीं मिला। उन्होंने ग्राम प्रधान को फोन किया तो संपर्क नहीं हो सका। जिसके बाद ग्राम प्रधान को तीन नोटिस जारी किए गए। 18 मई को ग्राम प्रधान ने गोशाला के फोटो दिखाते हुए दोषमुक्त करने की मांग की। जून माह में बीडीओ ने पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर ग्राम प्रधान पर निर्माणाधीन दो आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में सहयोग न देने, अवरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने डीपीआरओ को जांच के लिए भेजा। सात जुलाई को डीपीआरओ ने गांव में पहुंचकर जांच की तो गड़बड़ी मिली। पांच अक्तूबर को नोडल अधिकारी गांव पहुंचे तो गोशाला में एक भी संरक्षित पशु नहीं मिला। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य भी रुका था। जिसके बाद नोडल अधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति की थी। डीएम मनीष बंसल ने ग्राम प्रधान रेखा रानी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। इसकी जांच के लिए परियोजना निदेशक डीआरडीए को नामित किया है।
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ग्राम प्रधान देवपुरा व आनंदपुर को कारण बताओ नोटिस
रजपुरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत में गोशाला में नोडल अधिकारी ने निरीक्षण किया था। जून 2023 में गोवंशीय पशु मिले थे। उन्होंने रिपोर्ट दी थी कि गोशाला संचालन में ग्राम प्रधान का सहयोग नहीं है। 21 सितंबर को डीपीआरओ के निरीक्षण में गोशाला में एक भी पशु नहीं मिला था। देवपुरा के ग्राम प्रधान संजय यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं बहजोई ब्लॉक की ग्राम पंचायत आनंदपुर में भी पहले निरीक्षण में पशु कम मिले थे, दोबारा के निरीक्षण में वहां भी पशु गायब मिले। 21 सितंबर के डीपीआर के निरीक्षण के बाद जारी नोटिस का भी जबाव नहीं दिया। इस मामले में डीएम ने आनंदपुर के ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह को भी कारण बताओ नोटिस किया है।
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गोशाला व उनमें पल रहे पशुओं की देखभाल न करने पर एक ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज किए गए हैं। जांच के लिए अधिकारी नामित किए हैं। अन्य दो ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। -मनीष बंसल, डीएम