{"_id":"61ae5a62734b796bf862c32e","slug":"repairing-and-cleaning-the-roads-themselves-basic-facilities-not-found-sambhal-news-mbd4117932129","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद कर रहे सड़कों की मरम्मत व सफाई, नहीं मिलीं मूलभूत सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुद कर रहे सड़कों की मरम्मत व सफाई, नहीं मिलीं मूलभूत सुविधाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरौली (संभल)। नगर पंचायत नरौली से सटी रजा कॉलोनी के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस कालोनी में करीब 100 परिवार रहते हैं। जिनको बिजली, पानी, सड़क व अन्य सुविधाओं का करीब ढाई दशक से इंतजार है।
नगर पंचायत नरौली में शामिल किए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन अब तक स्वीकृत नहीं हो पाया है। सड़क मरम्मत से लेकर सफाई तक इस इलाके के लोगों को खुद करनी पड़ती है। रजा कॉलोनी में सुविधाएं पहुंच सके इसके लिए कई बार आवाज उठाई और पोलियो टीकाकरण का बहिष्कार तक किया। जिम्मेदार पहुंचे और जल्द शामिल किए जाने का आश्वासन देकर लौट गए।
यह कॉलोनी नगर पंचायत नरौली के बराबर में स्थित है। इस कॉलोनी को बसे हुए करीब 25 वर्ष से ज्यादा का समय गुजर चुका है। पहले यह कॉलोनी ग्राम पंचायत बेहटा साहू का हिस्सा हुआ करती थी। गांव से कॉलोनी की दूरी करीब दो किलोमीटर है। इसलिए ग्राम पंचायत ने इस कालोनी को अलग कर दिया। इस कालोनी के लोगों को आस थी कि नगर पंचायत नरौली में शामिल हो जाएंगे तो सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस कॉलोनी के लोग 25 वर्षों से सुविधाएं दिए जाने की मांग उठा रहे हैं।
विज्ञापन
हमारी कॉलोनी को बसे हुए करीब 25 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है। कई बार प्रदर्शन किए और नगर पंचायत से शामिल करने की गुहार लगाई। हर बार आश्वासन ही दिया गया। कॉलोनी में पानी की किल्लत है। पाइप लाइन तो बिछाना दूर की बात है। हैंडपंप तक नहीं लगा है।
आलम हुसैन, रजा कॉलोनी
सड़कों की हालत बेहद खराब है। मिट्टी डालकर ही सड़कें बनी हुई हैं। जब मरम्मत करनी होती है तो खुद ही लोग चंदा एकत्र कर मरम्मत कर लेते हैं। सफाई व्यवस्था भी चौपट है। जब ज्यादा गंदगी फैल जाती है तो सभी लोगों को मिलकर सफाई करनी पड़ती है। नगर पंचायत में शामिल कर लिया जाए तो सहूलियत मिल सके।
बाबू, रजा कॉलोनी
बिजली की लाइन तो काफी समय से है। सुविधाएं इस कालोनी के पास भले शहरी क्षेत्र की नहीं हैं, लेकिन बिल जो आता है वह शहरी क्षेत्र का आता है। समस्या तब होती है जब कभी लाइन में दिक्कत हो जाती है। लाइनमैन को बुलाने के लिए परेशान होना पड़ता है।
कमल सैनी, रजा कॉलोनी
चुनाव के समय सभी राजनैतिक दलों के नेता आते हैं और सुविधाएं दिलाने का पूरा भरोसा देते हैं, लेकिन अब तक किसी ने कोई सुविधा तक नहीं दी। विधायक या सांसद निधि से भी कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। असुविधा के बीच रह रहे परिवारों की सुध लेने कोई नहीं आता।
कलावती, रजा कॉलोनी
नगर पंचायत नरौली के लिए मतदान करते हैं इस कॉलोनी के लोग
रजा कालोनी के लोग नगर पंचायत के रहने वाले ही लोग हैं। आधार कार्ड से लेकर वोटर कार्ड तक नगर पंचायत नरौली के ही बने हैं। यह वह लोग हैं जो छोटे घरों को छोड़कर बड़े घरों की आस लिए इस कॉलोनी में आकर बस गए हैं। मतदान नगर पंचायत नरौली के निकाय चुनाव में करते हैं।
विज्ञापन
नगर पंचायत नरौली में शामिल किए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन अब तक स्वीकृत नहीं हो पाया है। सड़क मरम्मत से लेकर सफाई तक इस इलाके के लोगों को खुद करनी पड़ती है। रजा कॉलोनी में सुविधाएं पहुंच सके इसके लिए कई बार आवाज उठाई और पोलियो टीकाकरण का बहिष्कार तक किया। जिम्मेदार पहुंचे और जल्द शामिल किए जाने का आश्वासन देकर लौट गए।
विज्ञापन
यह कॉलोनी नगर पंचायत नरौली के बराबर में स्थित है। इस कॉलोनी को बसे हुए करीब 25 वर्ष से ज्यादा का समय गुजर चुका है। पहले यह कॉलोनी ग्राम पंचायत बेहटा साहू का हिस्सा हुआ करती थी। गांव से कॉलोनी की दूरी करीब दो किलोमीटर है। इसलिए ग्राम पंचायत ने इस कालोनी को अलग कर दिया। इस कालोनी के लोगों को आस थी कि नगर पंचायत नरौली में शामिल हो जाएंगे तो सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस कॉलोनी के लोग 25 वर्षों से सुविधाएं दिए जाने की मांग उठा रहे हैं।
विज्ञापन
हमारी कॉलोनी को बसे हुए करीब 25 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है। कई बार प्रदर्शन किए और नगर पंचायत से शामिल करने की गुहार लगाई। हर बार आश्वासन ही दिया गया। कॉलोनी में पानी की किल्लत है। पाइप लाइन तो बिछाना दूर की बात है। हैंडपंप तक नहीं लगा है।
आलम हुसैन, रजा कॉलोनी
सड़कों की हालत बेहद खराब है। मिट्टी डालकर ही सड़कें बनी हुई हैं। जब मरम्मत करनी होती है तो खुद ही लोग चंदा एकत्र कर मरम्मत कर लेते हैं। सफाई व्यवस्था भी चौपट है। जब ज्यादा गंदगी फैल जाती है तो सभी लोगों को मिलकर सफाई करनी पड़ती है। नगर पंचायत में शामिल कर लिया जाए तो सहूलियत मिल सके।
बाबू, रजा कॉलोनी
बिजली की लाइन तो काफी समय से है। सुविधाएं इस कालोनी के पास भले शहरी क्षेत्र की नहीं हैं, लेकिन बिल जो आता है वह शहरी क्षेत्र का आता है। समस्या तब होती है जब कभी लाइन में दिक्कत हो जाती है। लाइनमैन को बुलाने के लिए परेशान होना पड़ता है।
कमल सैनी, रजा कॉलोनी
चुनाव के समय सभी राजनैतिक दलों के नेता आते हैं और सुविधाएं दिलाने का पूरा भरोसा देते हैं, लेकिन अब तक किसी ने कोई सुविधा तक नहीं दी। विधायक या सांसद निधि से भी कोई विकास कार्य नहीं कराया गया। असुविधा के बीच रह रहे परिवारों की सुध लेने कोई नहीं आता।
कलावती, रजा कॉलोनी
नगर पंचायत नरौली के लिए मतदान करते हैं इस कॉलोनी के लोग
रजा कालोनी के लोग नगर पंचायत के रहने वाले ही लोग हैं। आधार कार्ड से लेकर वोटर कार्ड तक नगर पंचायत नरौली के ही बने हैं। यह वह लोग हैं जो छोटे घरों को छोड़कर बड़े घरों की आस लिए इस कॉलोनी में आकर बस गए हैं। मतदान नगर पंचायत नरौली के निकाय चुनाव में करते हैं।