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राष्ट्र का विरोध बर्दाश्त नहींः कुलश्रेष्ठ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 12:39 AM IST
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pushpendra speak on caa in sambhal
चंदौसी एसएम इंटर कालेज में सभा को संबोधित करते राष्ट्रवादी विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ। - फोटो : CHANDAUSI
चंदौसी। राष्ट्र रक्षा दल की एसएम इंटर कालेज में सीएए के समर्थन में आयोजित एक सभा में राष्ट्रवादी विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने देश के बंटवारे के दौरान राजनीतिक दलों की भूमिका से लेकर राष्ट्रवादी विचारधारा के खिलाफ उठने वाली आवाजों पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि जिसे राजनीतिक दलों का विरोध करना है तो शौक से करें लेकिन भारत में राष्ट्र का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
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कार्यक्रम का प्रारंभ आरएसएस के जिला कार्यवह संजीव यादव ने एकल गीत से किया। इसमें मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने अपने 150 मिनट से संबोधन में कहाकि विश्व में 57 इस्लामिक राष्ट्र हैं लेकिन किसी अन्य धर्म की छोड़िए, रोहिंग्याओं तक को भी किसी ने शरण नहीं दी। इस्लामिक देश पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों के पास भारत के अलावा दुनियां में कहीं भी अंतिम शरण स्थली नहीं है। आजाद भारत के किसी भी मुसलमान को पाकिस्तान में शरण के लिए आवेदन नहीं करना पड़ा है।
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सरकारों का विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन राष्ट्र के विरोध का अधिकार किसी को नहीं है। सरकार के विरोध के आड़ में सड़कों पर आगजनी, पथराव, तोड़फोड़, सरकारी संपत्तियों को नुकसान, राष्ट्रविरोधी नारेबाजी, पुलिस कर्मियों पर हमला, यह राष्ट्र पर हमले जैसा है। इनके साथ रियायत नहीं की जानी चाहिए। पूर्वजों की कुछ गलतियों के कारण देश आज 1947 की स्थिति में आकर खड़ा हो गया है। घरों में बैठकर ईरान से लेकर दुनियाभर की बात करने वाले सीएए के बारे में नहीं जानते, यह मानने योग्य बात नहीं है, उन्हेें भोला कहने वाले लोगों का निशाना खुद कहीं और है।
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आजादी के समय एक वर्ग ने दबाव बनाकर धारा 370 बनवाई थी, जिसे हटाने का विरोध आज भी उन्हीं कुछ पार्टियों की नस्लें कर रही हैं। हालांकि गांधी जी ने देश का बंटवारा नहीं करने के लिए बहुत प्रयास किए थे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक भारत का विभाजन तो कई बार हुआ लेकिन सांस्कृतिक भारत का विभाजन नहीं हो सका। सभी धर्मो को समान बताने वाले कुछ भी कहें लेकिन हिंदू शब्द तो बहुत बाद में आया, सनातन तो सृष्टि के निर्माण से ही है। सनातन परंपरा को विशुद्ध विज्ञान पर आधारित बताते हुए कहा कि उसे पुन: जागृत करने की आवश्यकता है।
सीएए किसी देश से मुस्लिमों को भारत आने से रोका नहीं जा रहा
चंदौसी। राष्ट्रवादी विचारक डा. सिकंदर रिजवी ने भारत पाकिस्तान बंटवारे का जिक्र करते हुए हैरत की बात है कि पढ़े लिखे मुसलमान भी अपनी कौम को सही बात नहीं समझा पा रहे हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से मुसलमान भी आ सकते हैं लेकिन पुरानी प्रक्रिया के तहत, सीएए में तो गैर मुस्लिम को रियायत देते हुए भारत में रहने की अवधि ग्यारह साल की बजाय पांच साल की गई है। अयोध्या में राम मंदिर के लिए मुसलमानों को पहले ही स्थान दे देना चाहिए था, क्योंकि शरिया के अनुसार वह जग मस्जिद बनने के योग्य नहीं थी। ऐसे में बाकई देश में हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल बनती। यह कहने में मुझे कोई गुरेज नहीं कि किसी भी आपदा या आपत्ति के दौरान देश में मैने किसी भी मुस्लिम संगठन को लोगों की मदद करते नहीं देखा। लेकिन यग संगठन नफरत की बात करके अपनी दुकानें चलाते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी मुसलमान के एक हाथ में कुरआन तो दूसरे हाथ में कंप्यूटर चाहते हैं।

अजान की आवाज आते ही रुका संबोधन
चंदौसी। आरएसएस के राष्ट्र रक्षा दल के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रवादी विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ की सभा में जब डा.सिकंदर रिजवी बोल रहे थे, उसी समय अजान की आवाज आई तो उन्होंने अपना संबोधन बीच में कुछ समय के लिए रोक दिया। आरएसएस व भाजपा के कार्यकर्ताओं सहित सभी श्रोता शांत हो गए। कुछ देर बाद उन्होंने अपना संबो धन फिर शुरू किया।
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