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मंडी में चार-पांच रुपये प्रति किलोग्राम है आलू और आम आदमी देने पड़ रहे दोगुने दाम
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संभल। आलू का सीजन चल रहा है। एक दिन में मंडी में 250-300 क्विंटल आलू पहुंच रहा है। आलू की मांग भी है उत्पादन भी। आम जनता को सस्ता आलू मिल सकता है लेकिन थोक और फुटकर भाव पर कोई नियंत्रण नहीं है। बिचौलिए मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
मंडी समिति में थोक के भाव में चार-पांच रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर भरपूर मात्रा में आलू उपलब्ध है। यही आलू खुदरा बाजार में दस से बारह रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर मिल रहा है। इससे एक ओर किसान को भरपूर कीमत नहीं मिल रही है और दूसरी ओर आम आदमी को महंगा आलू खरीदना पड़ रहा है। आम लोगों का कहना है कि अगर थोक और फुटकर भाव पर सरकार की कोई नीति तथा निगरानी हो तो यह नौबत नहीं आएगी।
पुखराज 400 रुपये क्विंटल और आलू की 3797 प्रजाति 500 रुपये प्रति क्विंटल पर है। चिप्सोना 800 रुपये प्रति क्विंटल है लेकिन उस आलू की आवक न के बराबर है। लेकिन आलू की जो महंगाई है वह सब्जी बेचने वालों ने कायम कर रखी है। इसमें आढ़ती तो कुछ कर ही नहीं सकते। जो ठेले वाले मंडी के आसपास छह सात रुपये प्रति किलोग्राम में आलू बेचते हैं वही शहर के भीतर जाकर 10 से 12 रुपये प्रति किलोग्राम आलू का बेचते हैं।- सलीम, आलू के आढ़ती
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आलू के भाव पर नियंत्रण के लिए जब सरकार का निर्देश होता तब हम निगरानी करते हैं। इस समय तो आलू का भाव सस्ता है और सरकार की तरफ से भाव पर नियंत्रण का कोई निर्देश भी नहीं है। ऐसे उपभोक्ता को जागरूकता दिखानी है। जब भी आलू खरीदें तो मंडी के थोक भाव को बताकर मोल भाव जरूर करें। ताकि कम भाव पर आलू मिल सके।-सुघर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, संभल
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मंडी समिति में थोक के भाव में चार-पांच रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर भरपूर मात्रा में आलू उपलब्ध है। यही आलू खुदरा बाजार में दस से बारह रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर मिल रहा है। इससे एक ओर किसान को भरपूर कीमत नहीं मिल रही है और दूसरी ओर आम आदमी को महंगा आलू खरीदना पड़ रहा है। आम लोगों का कहना है कि अगर थोक और फुटकर भाव पर सरकार की कोई नीति तथा निगरानी हो तो यह नौबत नहीं आएगी।
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पुखराज 400 रुपये क्विंटल और आलू की 3797 प्रजाति 500 रुपये प्रति क्विंटल पर है। चिप्सोना 800 रुपये प्रति क्विंटल है लेकिन उस आलू की आवक न के बराबर है। लेकिन आलू की जो महंगाई है वह सब्जी बेचने वालों ने कायम कर रखी है। इसमें आढ़ती तो कुछ कर ही नहीं सकते। जो ठेले वाले मंडी के आसपास छह सात रुपये प्रति किलोग्राम में आलू बेचते हैं वही शहर के भीतर जाकर 10 से 12 रुपये प्रति किलोग्राम आलू का बेचते हैं।- सलीम, आलू के आढ़ती
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आलू के भाव पर नियंत्रण के लिए जब सरकार का निर्देश होता तब हम निगरानी करते हैं। इस समय तो आलू का भाव सस्ता है और सरकार की तरफ से भाव पर नियंत्रण का कोई निर्देश भी नहीं है। ऐसे उपभोक्ता को जागरूकता दिखानी है। जब भी आलू खरीदें तो मंडी के थोक भाव को बताकर मोल भाव जरूर करें। ताकि कम भाव पर आलू मिल सके।-सुघर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, संभल