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पुलिस ने मेरी संपत्ति और वाहन जबरन कपिल सिंघल के नाम कराए : विपुल
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संभल। भाजपा नेता के भाई कपिल सिंघल के करीबी रहे विपुल गुप्ता ने अपनी और परिवार की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। साथ ही कपिल सिंघल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें पुलिस पर भी उत्पीड़न करने के आरोप शामिल हैं।
मोहल्ला कोटपूर्वी निवासी विपुल गुप्ता और कपिल सिंघल के बीच वर्षों से पारिवारिक संबंध थे। जो काफी समय पहले बिगड़ गए। विपुल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2011 में पेट्रोल पंप लगाया था। जो बाद में गंगा एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहण कर लिया गया। इसके बाद ही कपिल सिंघल ने गलत तरीके से दबाव बनाना शुरू कर दिया और पेट्रोल पंप को अपना बताते हुए परेशान किया। विपुल गुप्ता का आरोप है कि उनके नाम जो ट्रक, कार, प्लॉट थे वह भी जबरन अपने नाम कराए गए। इसमें पुलिस का सहयोग लिया।
आरोप है कि पुलिस ने भी काफी उत्पीड़न किया है। सारी रात थाने में बैठाकर पुलिस मारपीट करती थी और जबरन नाम कराने के लिए दबाव बनाती थी। बेटे को मारने की धमकी दी जाती थी इसलिए ट्रक, कार और प्लॉट नाम कर दिए। बाद में चेक बाउंस करा दिए गए। कई मुकदमे दर्ज कराए। लगातार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं की गई।
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विपुल का कहना है कि उनको और उनके परिवार को जान का खतरा है। इसलिए सुरक्षा मिलनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर कपिल सिंघल का कहना है कि वर्ष 2011 में जब पेट्रोल पंप लगाया गया था तब विपुल गुप्ता की आर्थिक स्थिति क्या थी इसकी जांच पुलिस-प्रशासन को करानी चाहिए। जिससे हकीकत सामने आ सके। मेरे ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं।
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मोहल्ला कोटपूर्वी निवासी विपुल गुप्ता और कपिल सिंघल के बीच वर्षों से पारिवारिक संबंध थे। जो काफी समय पहले बिगड़ गए। विपुल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2011 में पेट्रोल पंप लगाया था। जो बाद में गंगा एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहण कर लिया गया। इसके बाद ही कपिल सिंघल ने गलत तरीके से दबाव बनाना शुरू कर दिया और पेट्रोल पंप को अपना बताते हुए परेशान किया। विपुल गुप्ता का आरोप है कि उनके नाम जो ट्रक, कार, प्लॉट थे वह भी जबरन अपने नाम कराए गए। इसमें पुलिस का सहयोग लिया।
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आरोप है कि पुलिस ने भी काफी उत्पीड़न किया है। सारी रात थाने में बैठाकर पुलिस मारपीट करती थी और जबरन नाम कराने के लिए दबाव बनाती थी। बेटे को मारने की धमकी दी जाती थी इसलिए ट्रक, कार और प्लॉट नाम कर दिए। बाद में चेक बाउंस करा दिए गए। कई मुकदमे दर्ज कराए। लगातार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं की गई।
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विपुल का कहना है कि उनको और उनके परिवार को जान का खतरा है। इसलिए सुरक्षा मिलनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर कपिल सिंघल का कहना है कि वर्ष 2011 में जब पेट्रोल पंप लगाया गया था तब विपुल गुप्ता की आर्थिक स्थिति क्या थी इसकी जांच पुलिस-प्रशासन को करानी चाहिए। जिससे हकीकत सामने आ सके। मेरे ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं।
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