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पीसीएस अफसर पर घूस लेने का आरोप
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Mon, 11 Jun 2018 01:16 AM IST
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जिले के एक पीसीएस अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। पीसीएस अधिकारी की पत्नी के खातों में ढाई लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। जबकि पीसीएस अधिकारी पर एक लाख रुपये नकद लिए जाने का आरोप है। ग्राम पंचायत चुनाव से जुड़ी एक याचिका के निष्पक्ष निस्तारण के नाम पर कुल साढ़े तीन लाख रुपये लिए जाने के आरोप की शिकायत संभल के जिलाधिकारी से की गई है।
यह शिकायत गुन्नौर तहसील के निवासी व्यक्ति ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर की है। जिलाधिकारी ने शिकायत पर जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में आरोपों की पुष्टि हुई तो प्रकरण शासन को संदर्भित कर दिया जाएगा।
जिले के गुन्नौर तहसील के गांव मेहुआ हसनगंज निवासी सोपाली ने जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह को शिकायती पत्र के साथ शपथ पत्र दिया है। इसमें तत्कालीन उप जिलाधिकारी पर साढ़े तीन लाख रुपये लेने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2015 में हुए ग्राम प्रधान पद के चुनाव में उसकी पत्नी रामवती प्रत्याशी थीं।
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मतगणना में गड़बड़ी हुई। इस पर पुनर्मतगणना कराई गई। सोपाली का कहना है कि मतगणना में अलग अलग गणना आई। इस मामले में तत्कालीन एसडीएम से उसने शिकायत की और पुनर्मतगणना की याचिका के निष्पक्ष निस्तारण की मांग की। जिस पर एसडीएम ने उनसे रुपये मांगे।
आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम जो उस समय पंचायत चुनाव में निर्वाचन अधिकारी थे को 3.5 लाख रुपये दिए। इनमें अलग-अलग तारीखों में बतौर सुविधा शुल्क उसने 50 हजार रुपये पत्नी के खाते में डाले। आरोप है कि एक लाख रुपये नकद पीसीएस अधिकारी को दिए गए।
इसके अलावा फिर से एक लाख रुपये पीसीएस अधिकारी की पत्नी के खाते में दिए गए थे। इसके बाद सोपाली के पुत्र धर्मवीर की ओर से एक लाख रुपये पीसीएस अधिकारी की पत्नी के खाते में डाले गए थे। इस तरह से यह साढ़े तीन लाख रुपये गए।
सोपाली ने अपने शिकायती पत्र के साथ एक शपथ पत्र सौंपा है जिसमें उन खाता नंबरों का भी उल्लेख है जिनमें धनराशि भेजी गई है। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में है। वह जांच कराएंगे। जांच के बाद अगली कार्रवाई होगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर मामला शासन को संदर्भित किया जाएगा।
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यह शिकायत गुन्नौर तहसील के निवासी व्यक्ति ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर की है। जिलाधिकारी ने शिकायत पर जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में आरोपों की पुष्टि हुई तो प्रकरण शासन को संदर्भित कर दिया जाएगा।
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जिले के गुन्नौर तहसील के गांव मेहुआ हसनगंज निवासी सोपाली ने जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह को शिकायती पत्र के साथ शपथ पत्र दिया है। इसमें तत्कालीन उप जिलाधिकारी पर साढ़े तीन लाख रुपये लेने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2015 में हुए ग्राम प्रधान पद के चुनाव में उसकी पत्नी रामवती प्रत्याशी थीं।
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मतगणना में गड़बड़ी हुई। इस पर पुनर्मतगणना कराई गई। सोपाली का कहना है कि मतगणना में अलग अलग गणना आई। इस मामले में तत्कालीन एसडीएम से उसने शिकायत की और पुनर्मतगणना की याचिका के निष्पक्ष निस्तारण की मांग की। जिस पर एसडीएम ने उनसे रुपये मांगे।
आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम जो उस समय पंचायत चुनाव में निर्वाचन अधिकारी थे को 3.5 लाख रुपये दिए। इनमें अलग-अलग तारीखों में बतौर सुविधा शुल्क उसने 50 हजार रुपये पत्नी के खाते में डाले। आरोप है कि एक लाख रुपये नकद पीसीएस अधिकारी को दिए गए।
इसके अलावा फिर से एक लाख रुपये पीसीएस अधिकारी की पत्नी के खाते में दिए गए थे। इसके बाद सोपाली के पुत्र धर्मवीर की ओर से एक लाख रुपये पीसीएस अधिकारी की पत्नी के खाते में डाले गए थे। इस तरह से यह साढ़े तीन लाख रुपये गए।
सोपाली ने अपने शिकायती पत्र के साथ एक शपथ पत्र सौंपा है जिसमें उन खाता नंबरों का भी उल्लेख है जिनमें धनराशि भेजी गई है। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में है। वह जांच कराएंगे। जांच के बाद अगली कार्रवाई होगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर मामला शासन को संदर्भित किया जाएगा।