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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर निकाली गई पदयात्रा
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बहजोई। अटेवा-पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले पदाधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो पदयात्रा निकाली गई। इस बीच कलक्ट्रेट पहुंचे पदाधिकारियों की ओर से डिप्टी कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा।
शुक्रवार को दोपहर करीब ढाई बजे बड़ा मैदान से पदाधिकारियों की ओर से पदयात्रा प्रारंभ की गई। पदयात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। कलक्ट्रेट पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर सुधीर कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर पदाधिकारियों की ओर से पदयात्रा निकालकर ज्ञापन सौंपा गया है। जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक/कर्मचारियों का संवैधानिक हक है। उनको नियुक्ति मिलने पर मिलना चाहिए। एनपीएस एक छलावा मात्र है।
जिला महामंत्री नईमुद्दीन अली ने कहा कि एक कर्मचारी 30-40 वर्ष जनता व सरकार की सेवा करता है। उसको पुरानी पेंशन से वंचित किया गया है, जबकि एक राजनेता एक बार चुनाव जीतकर विधानसभा/लोकसभा में पहुंच जाए तो उनको जीवन भर पुरानी पेंशन मिलती है। भारतीय लोकतंत्र में यह अन्याय है।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए। जिससे कि कर्मचारी सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी जीविका पूरी कर सके। पदयात्रा में मोहम्मद उमर, कैसर अब्बास, जयकिशोर उमराव, चौहान सिंह, डा. हेमेशनाथ, उमेश चंद्र, अमरसिंह, राजेश यादव, कुंवरपाल, आलोक कुमार कुशवाहा, सेवाराम दिवाकर, मनजीत मोहन, सुबोध यादव व अरमान खान आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को दोपहर करीब ढाई बजे बड़ा मैदान से पदाधिकारियों की ओर से पदयात्रा प्रारंभ की गई। पदयात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। कलक्ट्रेट पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर सुधीर कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर पदाधिकारियों की ओर से पदयात्रा निकालकर ज्ञापन सौंपा गया है। जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक/कर्मचारियों का संवैधानिक हक है। उनको नियुक्ति मिलने पर मिलना चाहिए। एनपीएस एक छलावा मात्र है।
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जिला महामंत्री नईमुद्दीन अली ने कहा कि एक कर्मचारी 30-40 वर्ष जनता व सरकार की सेवा करता है। उसको पुरानी पेंशन से वंचित किया गया है, जबकि एक राजनेता एक बार चुनाव जीतकर विधानसभा/लोकसभा में पहुंच जाए तो उनको जीवन भर पुरानी पेंशन मिलती है। भारतीय लोकतंत्र में यह अन्याय है।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए। जिससे कि कर्मचारी सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी जीविका पूरी कर सके। पदयात्रा में मोहम्मद उमर, कैसर अब्बास, जयकिशोर उमराव, चौहान सिंह, डा. हेमेशनाथ, उमेश चंद्र, अमरसिंह, राजेश यादव, कुंवरपाल, आलोक कुमार कुशवाहा, सेवाराम दिवाकर, मनजीत मोहन, सुबोध यादव व अरमान खान आदि मौजूद रहे।