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गंगा उफान पर, खेतों में घुसा पानी
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चंदौसी/गुन्नौर। पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश से गंगा उफान पर है। गुरुवार को 2.26 लाख क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से डिस्चार्ज किया गया। जिससे खेतों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर बढ़ने से किसान व ग्रामीण चिंतित हैं। नरौरा बैराज पर 2.50 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने पर जुनावई क्षेत्र के आठ गांवों की आबादी में बाढ़ का पानी घुस जाएगा। बाढ़ चौकियों पर लेखपाल व अन्य टीम तैनात हैं। गांव में मुनादी कराकर जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश हुई है। जिससे नदियों में पानी का स्तर बढ़ गया है। बुधवार की शाम नरौरा बैराज से एक लाख 91 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। गुरुवार की दोपहर नरौरा से गंगा में 2.26 लाख पानी छोड़ा गया। यह जलस्तर खतरे के निशान 25 सेंटीमीटर नीचे से है। खतरे का 178.76 मीटर है। जुनावई क्षेत्र के गांव मेंगरा, रघुपुर पुख्ता, मई खाम, समसपुर के गंगा किनारे के खेतों में बाढ़ का पानी घुस आया गया है। तेजी के साथ बढ़ रहे जलस्तर को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
लेखपाल दे रहे पहरा, खादर में जाने पर रोक
तटबंध के अंदर के गांवों में बाढ़ चौकियों पर प्रशासन का स्टाफ तैनात है। साथ ही गांवों में लेखपाल की ड्यूटी लगाई है। गांव में मुनादी कराकर लोगों को गंगा किनारे की ओर न जाने की अपील की जा रही है। लेखपाल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह ग्रामीणों को गंगा किनारे की ओर न जाने दें।
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जुनावई क्षेत्र के आठ गांवों में बाढ़ का खतरा हैं। जलस्तर लगातर बढ़ रहा है। सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। लोगों से गंगा किनारे के क्षेत्र की ओर न जाने की अपील की गई है। बाढ़ अभी आबादी से काफी दूर हैं।
रामकेश धामा, एसडीएम गुन्नौर
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पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश हुई है। जिससे नदियों में पानी का स्तर बढ़ गया है। बुधवार की शाम नरौरा बैराज से एक लाख 91 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। गुरुवार की दोपहर नरौरा से गंगा में 2.26 लाख पानी छोड़ा गया। यह जलस्तर खतरे के निशान 25 सेंटीमीटर नीचे से है। खतरे का 178.76 मीटर है। जुनावई क्षेत्र के गांव मेंगरा, रघुपुर पुख्ता, मई खाम, समसपुर के गंगा किनारे के खेतों में बाढ़ का पानी घुस आया गया है। तेजी के साथ बढ़ रहे जलस्तर को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
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लेखपाल दे रहे पहरा, खादर में जाने पर रोक
तटबंध के अंदर के गांवों में बाढ़ चौकियों पर प्रशासन का स्टाफ तैनात है। साथ ही गांवों में लेखपाल की ड्यूटी लगाई है। गांव में मुनादी कराकर लोगों को गंगा किनारे की ओर न जाने की अपील की जा रही है। लेखपाल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह ग्रामीणों को गंगा किनारे की ओर न जाने दें।
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जुनावई क्षेत्र के आठ गांवों में बाढ़ का खतरा हैं। जलस्तर लगातर बढ़ रहा है। सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। लोगों से गंगा किनारे के क्षेत्र की ओर न जाने की अपील की गई है। बाढ़ अभी आबादी से काफी दूर हैं।
रामकेश धामा, एसडीएम गुन्नौर