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Sambhal News: अति गंभीर कुपोषित बच्चों को अधिकारियों ने बांटी पोषण पोटली
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बहजोई। संभव अभियान के तहत जून में चिह्नित 172 सैम (अति गंभीर कुपोषित) बच्चों को ब्लॉक, तहसील व जिला स्तरीय अधिकारियो ने गोद लिया। डीआईओ बृजेश कुमार के मुताबिक, इनमें से जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने भी एक सैम बच्चे को गोद लिया है।
उन्होंने बताया कि यह सभी अधिकारी भ्रमण कर 15 दिन में गोद लिए गए सभी 172 बच्चों को सुपोषित करने के लिए वार्ता कर अभिभावकों को जागरूक करेंगे। इन बच्चों को एनआरसी के लिए रेफर किया जाएगा। जिन बच्चों के परिवार वाले मछली का सेवन करते हैं। उन सैम बच्चों के लिए प्रशासन की ओर से प्रति सप्ताह मछली उपलब्ध कराई जाएगी। अन्य सैम बच्चों को पोषण पोटली दी जाएगी।
डीआईओ ने बताया कि इसी क्रम में शनिवार को गांव मुहम्मदपुर बाबई के तीन सैम बच्चों को सीडीओ गोरखनाथ भट्ट की ओर से मछली का वितरण किया गया। डीडीएजी अरुण कुमार त्रिपाठी की ओर से मछली न सेवन करने वाले दो सैम बच्चों को पोषण पोटली दी गई। जिले के कुल 172 बच्चों को पोषण पोटली दी गई। डीआईओ ने बताया कि 11 जुलाई तक 20 सैम बच्चे एनआरसी में भर्ती कराए गए।
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उन्होंने बताया कि यह सभी अधिकारी भ्रमण कर 15 दिन में गोद लिए गए सभी 172 बच्चों को सुपोषित करने के लिए वार्ता कर अभिभावकों को जागरूक करेंगे। इन बच्चों को एनआरसी के लिए रेफर किया जाएगा। जिन बच्चों के परिवार वाले मछली का सेवन करते हैं। उन सैम बच्चों के लिए प्रशासन की ओर से प्रति सप्ताह मछली उपलब्ध कराई जाएगी। अन्य सैम बच्चों को पोषण पोटली दी जाएगी।
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डीआईओ ने बताया कि इसी क्रम में शनिवार को गांव मुहम्मदपुर बाबई के तीन सैम बच्चों को सीडीओ गोरखनाथ भट्ट की ओर से मछली का वितरण किया गया। डीडीएजी अरुण कुमार त्रिपाठी की ओर से मछली न सेवन करने वाले दो सैम बच्चों को पोषण पोटली दी गई। जिले के कुल 172 बच्चों को पोषण पोटली दी गई। डीआईओ ने बताया कि 11 जुलाई तक 20 सैम बच्चे एनआरसी में भर्ती कराए गए।
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