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Sambhal News: अब सीएफसी पर संवारे जाएंगे सींग और लकड़ी के उत्पाद
Tue, 30 Jan 2024 04:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 30 Jan 2024 04:29 AM IST
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संभल। इटली की टीम कॉमन फैसलिटी सेंटर (सीएफसी) में लगी मशीनों को संचालित करने का दस दिवसीय प्रशिक्षण देकर लौट गई है। पांच कारीगरों को टीम ने प्रशिक्षण दिया है। यह पांच कारीगर अन्य कारीगरों को आधुनिक मशीनों को संचालित करने का प्रशिक्षण देना शुरू करेंगे। अब सीएफसी में व्यवस्थाएं दुरूस्त कराई जा रही हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह से पूरी तरह सीएफसी का संचालन शुरू हो जाएगा। सींग और लकड़ी को संवारने का काम होगा।
संभल तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर धतरा में बने कॉमन फैसलिटी सेंटर (सीएफसी) पर 9.9 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें स्वदेशी और विदेशी आधुनिक मशीनें लगी हैं। सीएफसी से सबसे बड़ा लाभ सींग से तैयार होने वाले बटन कारोबार को होना है। जो बटन कच्चे माल के रूप में चीन और यूरोप को निर्यात किया जाता था। वह अब पूरी तरह तैयार होकर विदेशों को जाएगा। इससे पूरी तरह लाभ निर्यातकों को मिलेगा और कारोबार बढ़ जाएगा और समय भी बचेगा। बटन कारोबार से करीब पांच हजार लोग जुड़े हुए हैं। संभल हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन सीएफसी का संचालन करेगी।
लकड़ी सुखाने और डिजाइन देने का काम भी होगा
संभल में सींग-हड्डी के उत्पादों के साथ लकड़ी के उत्पाद बनाए जाते हैं। लकड़ी से बने हस्तशिल्प उत्पादों को बनाने के लिए लकड़ी को सुखाया जाता है। इसके बाद डिजाइन कर आकर्षक बनाया जाता है। इसके लिए निर्यातकों को मुरादाबाद जाना पड़ता था। इसमें समय भी लगता था और खर्चा भी ज्यादा आता था। सीएफसी पर यह सुविधा भी मिल सकेगी।
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हड्डी-सींग उत्पाद को मिला हुआ है जीआई टैग
संभल के हड्डी-सींग हस्तशिल्प उत्पाद को जीआई टैग पिछले वर्ष मिला था। संभल के उत्पाद पूरी दुनिया में संभल के नाम से ही जाने जाएंगे। जीआई टैग से भी संभल के हस्तशिल्प कारोबार को बड़ा लाभ मिला है।
बिजली आपूर्ति की समस्या हो रही, एसोसिएशन समाधान की मांग उठाएगी
चंदौसी डिविजन के पवांसा बिजलीघर क्षेत्र में बने सीएफसी पर फिलहाल बिजली आपूर्ति का संकट है। दस दिन के प्रशिक्षण के दौरान जनरेटर का इस्तेमाल ज्यादा करना पड़ा। एसोसिएशन के अध्यक्ष ताहिर सलामी ने कहा कि वह इस समस्या को अधिकारियों के सामने रखेंगे। देहात क्षेत्र की बिजली आपूर्ति मिल रही है। संचालन में काफी बाधा रहेगी। मांग की जाएगी कि शहरी क्षेत्र से बिजली आपूर्ति की जाए। जिससे किसी तरह की बाधा न हो सके।
कोट
मशीनों के संचालन का दस दिवसीय प्रशिक्षण पूरा हो गया है। अब व्यवस्थाएं दुरूस्त कराई जा रही हैं। बिजली की फिटिंग आदि के कार्य होने हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह तक संचालन शुरू हो जाएगा। जिन पांच कारीगरों ने प्रशिक्षण लिया है। वह अन्य कारीगरों को प्रशिक्षण देंगे। बिजली आपूर्ति दुरूस्त करने की मांग अधिकारियों के सामने रखी जाएगी। -ताहिर सलामी, अध्यक्ष, संभल हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन
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संभल तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर धतरा में बने कॉमन फैसलिटी सेंटर (सीएफसी) पर 9.9 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें स्वदेशी और विदेशी आधुनिक मशीनें लगी हैं। सीएफसी से सबसे बड़ा लाभ सींग से तैयार होने वाले बटन कारोबार को होना है। जो बटन कच्चे माल के रूप में चीन और यूरोप को निर्यात किया जाता था। वह अब पूरी तरह तैयार होकर विदेशों को जाएगा। इससे पूरी तरह लाभ निर्यातकों को मिलेगा और कारोबार बढ़ जाएगा और समय भी बचेगा। बटन कारोबार से करीब पांच हजार लोग जुड़े हुए हैं। संभल हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन सीएफसी का संचालन करेगी।
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लकड़ी सुखाने और डिजाइन देने का काम भी होगा
संभल में सींग-हड्डी के उत्पादों के साथ लकड़ी के उत्पाद बनाए जाते हैं। लकड़ी से बने हस्तशिल्प उत्पादों को बनाने के लिए लकड़ी को सुखाया जाता है। इसके बाद डिजाइन कर आकर्षक बनाया जाता है। इसके लिए निर्यातकों को मुरादाबाद जाना पड़ता था। इसमें समय भी लगता था और खर्चा भी ज्यादा आता था। सीएफसी पर यह सुविधा भी मिल सकेगी।
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हड्डी-सींग उत्पाद को मिला हुआ है जीआई टैग
संभल के हड्डी-सींग हस्तशिल्प उत्पाद को जीआई टैग पिछले वर्ष मिला था। संभल के उत्पाद पूरी दुनिया में संभल के नाम से ही जाने जाएंगे। जीआई टैग से भी संभल के हस्तशिल्प कारोबार को बड़ा लाभ मिला है।
बिजली आपूर्ति की समस्या हो रही, एसोसिएशन समाधान की मांग उठाएगी
चंदौसी डिविजन के पवांसा बिजलीघर क्षेत्र में बने सीएफसी पर फिलहाल बिजली आपूर्ति का संकट है। दस दिन के प्रशिक्षण के दौरान जनरेटर का इस्तेमाल ज्यादा करना पड़ा। एसोसिएशन के अध्यक्ष ताहिर सलामी ने कहा कि वह इस समस्या को अधिकारियों के सामने रखेंगे। देहात क्षेत्र की बिजली आपूर्ति मिल रही है। संचालन में काफी बाधा रहेगी। मांग की जाएगी कि शहरी क्षेत्र से बिजली आपूर्ति की जाए। जिससे किसी तरह की बाधा न हो सके।
कोट
मशीनों के संचालन का दस दिवसीय प्रशिक्षण पूरा हो गया है। अब व्यवस्थाएं दुरूस्त कराई जा रही हैं। बिजली की फिटिंग आदि के कार्य होने हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह तक संचालन शुरू हो जाएगा। जिन पांच कारीगरों ने प्रशिक्षण लिया है। वह अन्य कारीगरों को प्रशिक्षण देंगे। बिजली आपूर्ति दुरूस्त करने की मांग अधिकारियों के सामने रखी जाएगी। -ताहिर सलामी, अध्यक्ष, संभल हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन