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Sambhal News: दो सगे भाइयों की हत्या कर फरार युवक के मकान पर नोटिस चस्पा
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धनारी(संभल)। अपनी ननिहाल से बरात में जा रहे दो सगे भाइयों का अपहरण करने के बाद दोनों की हत्या करने के बाद फरार आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। अब कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने, 50 हजार का इनाम घोषित होने और पौन महीने से लगातार पुलिस की पांच टीमों द्वारा प्रयास करने के बाद भी हाथ नहीं आया तो अदालत के आदेश पर मंगलवार को आरोपी के मकान पर उद्घोषित अपराधी का नोटिस चस्पा कर दिया गया। इसके बाद भी उसकी गिरफ्तारी न होने या अदालत में आत्म समर्पण न करने पर कुर्की वारंट जारी किया जाएगा।
पता हो कि बहजोई थाना क्षेत्र के ग्राम मैथरा धर्मपुर निवासी रामौतार के बेटे अमरपाल (14) व कमल सिंह (10) अपनी ननिहाल धनारी थाना क्षेत्र के ग्राम मझोला गए थे। 26 नवंबर को यहां से एक बरात जानी थी। दोनों भाई अन्य लोगों के साथ पिकअप वाहन में बैठकर बरात में जा रहे थे, लेकिन उसी समय बाइक से पहुंचा उनके रिश्ते का मौसेरा भाई बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम सरैरा निवासी युवक धनवीर, धनारी थाना क्षेत्र के मझोला से पिकअप से उतारकर अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया था।
इस मामले में दोनों भाइयों के पिता की ओर से 27 नवंबर को धनारी थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस बच्चों की तलाश कर ही रही थी कि 29 नवंबर की सुबह रजपुरा थाने के ग्राम सिंघौली कल्लू के पास गन्ने के खेत से पुलिस ने अमरपाल का शव बरामद कर लिया था। अपहरण के 16 दिन बाद धनारी थाना क्षेत्र के ग्राम भकरौली के पास तालाब से दूसरे भाई बालक कमल शव भी पुलिस ने बरामद कर लिया। इनमें अमर पाल की गला दबाकर हत्या की गई तो कमल के सिर में चोट मारकर उसे मौत के घाट उतारा गया था।
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एएसपी अनुकृति शर्मा के अनुसार सीसीटीवी में सबकुछ स्पष्ट हो चुका है। किशोर का शव बरामद होने के बाद एसपी ने घटना के खुलासे को पांच थानों की पुलिस के साथ एसओजी को भी लगाया था। आरोपी के सभी रिश्तेदारों और संपर्क वालों से पूछताछ करने और दर्जनों स्थानों पर दबिशें देने के बाद भी पुलिस को लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
11 दिसंबर को कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद 17 दिसंबर को 50 हजार का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद बीती 21 दिसंबर को अदालत ने धारा 84 बीएनएसएस के तहत आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया।
मंगलवार को थाना प्रभारी संजय कुमार ने आरोपी धनवीर के ग्राम सरैरा थाना उघैती स्थित मकान पर डुगडुगी बजवाते हुए नोटिस चस्पा कर दिया। गिरफ्तारी या कोर्ट में हाजिर न होने पर धारा 85 बीएनएसएस के तहत कुर्की वारंट जारी होगा। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि फरार आरोपी धनवीर के आवास पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
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क्या है बीएनएसएस की धारा 84
धारा 84 फरार व्यक्ति के लिए उद्घोषणा है। यदि किसी व्यक्ति के फरार होने पर उसके खिलाफ जारी वारंट का निष्पादन नहीं हो पाता है तो न्यायालय उसे एक निश्चित समय और स्थान पर हाजिर होने का आदेश दे सकता है, जिसे सार्वजनिक रूप से पढ़कर और चिपकाकर प्रसारित किया जाता है और यदि वह उपस्थित नहीं होता है, तो उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है। किसी ऐसे व्यक्ति को पकड़ना जो गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया है या खुद को छिपा रहा है और जिसके खिलाफ अदालत का वारंट है। न्यायालय एक लिखित उद्घोषणा जारी करता है, जिसमें व्यक्ति को कम से कम 30 दिन बाद एक निर्दिष्ट स्थान और समय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया जाता है। इस उद्घोषणा को सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाता है, उसके घर या निवास स्थान पर चिपकाया जाता है। यदि व्यक्ति किसी गंभीर अपराध (जैसे IPC की धारा 302, 364, 392 आदि से संबंधित) का आरोपी है तो न्यायालय जांच के बाद उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर सकता है। इसके बाद धारा 85 के तहत उसकी संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
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पता हो कि बहजोई थाना क्षेत्र के ग्राम मैथरा धर्मपुर निवासी रामौतार के बेटे अमरपाल (14) व कमल सिंह (10) अपनी ननिहाल धनारी थाना क्षेत्र के ग्राम मझोला गए थे। 26 नवंबर को यहां से एक बरात जानी थी। दोनों भाई अन्य लोगों के साथ पिकअप वाहन में बैठकर बरात में जा रहे थे, लेकिन उसी समय बाइक से पहुंचा उनके रिश्ते का मौसेरा भाई बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम सरैरा निवासी युवक धनवीर, धनारी थाना क्षेत्र के मझोला से पिकअप से उतारकर अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया था।
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इस मामले में दोनों भाइयों के पिता की ओर से 27 नवंबर को धनारी थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस बच्चों की तलाश कर ही रही थी कि 29 नवंबर की सुबह रजपुरा थाने के ग्राम सिंघौली कल्लू के पास गन्ने के खेत से पुलिस ने अमरपाल का शव बरामद कर लिया था। अपहरण के 16 दिन बाद धनारी थाना क्षेत्र के ग्राम भकरौली के पास तालाब से दूसरे भाई बालक कमल शव भी पुलिस ने बरामद कर लिया। इनमें अमर पाल की गला दबाकर हत्या की गई तो कमल के सिर में चोट मारकर उसे मौत के घाट उतारा गया था।
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एएसपी अनुकृति शर्मा के अनुसार सीसीटीवी में सबकुछ स्पष्ट हो चुका है। किशोर का शव बरामद होने के बाद एसपी ने घटना के खुलासे को पांच थानों की पुलिस के साथ एसओजी को भी लगाया था। आरोपी के सभी रिश्तेदारों और संपर्क वालों से पूछताछ करने और दर्जनों स्थानों पर दबिशें देने के बाद भी पुलिस को लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
11 दिसंबर को कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद 17 दिसंबर को 50 हजार का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद बीती 21 दिसंबर को अदालत ने धारा 84 बीएनएसएस के तहत आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया।
मंगलवार को थाना प्रभारी संजय कुमार ने आरोपी धनवीर के ग्राम सरैरा थाना उघैती स्थित मकान पर डुगडुगी बजवाते हुए नोटिस चस्पा कर दिया। गिरफ्तारी या कोर्ट में हाजिर न होने पर धारा 85 बीएनएसएस के तहत कुर्की वारंट जारी होगा। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि फरार आरोपी धनवीर के आवास पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
क्या है बीएनएसएस की धारा 84
धारा 84 फरार व्यक्ति के लिए उद्घोषणा है। यदि किसी व्यक्ति के फरार होने पर उसके खिलाफ जारी वारंट का निष्पादन नहीं हो पाता है तो न्यायालय उसे एक निश्चित समय और स्थान पर हाजिर होने का आदेश दे सकता है, जिसे सार्वजनिक रूप से पढ़कर और चिपकाकर प्रसारित किया जाता है और यदि वह उपस्थित नहीं होता है, तो उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है। किसी ऐसे व्यक्ति को पकड़ना जो गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया है या खुद को छिपा रहा है और जिसके खिलाफ अदालत का वारंट है। न्यायालय एक लिखित उद्घोषणा जारी करता है, जिसमें व्यक्ति को कम से कम 30 दिन बाद एक निर्दिष्ट स्थान और समय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया जाता है। इस उद्घोषणा को सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाता है, उसके घर या निवास स्थान पर चिपकाया जाता है। यदि व्यक्ति किसी गंभीर अपराध (जैसे IPC की धारा 302, 364, 392 आदि से संबंधित) का आरोपी है तो न्यायालय जांच के बाद उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर सकता है। इसके बाद धारा 85 के तहत उसकी संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।