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रैन बसेरे में नहीं सुविधाएं, ठंड में ठिठुरने को मजबूर निराश्रित
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चंदौसी। नवंबर माह के अंत में ठंड भी बढ़ गई है और लोग ठंड से ठिठुरने लगे हैं। शहर में नगर पालिका के दो स्थायी रैन बसेरे हैं। जिनमें एक में अव्यवस्था का बोलबाला है। आश्रय गृह (शैल्टर होम) का
विद्युत बिल जमा होने पर कनेक्शन काट दिया गया। रात को अंधेरा व दिन सुबह में पानी न होने के चलते लोग आश्रय गृह में जाना पसंद नहीं कर रहे हैं और निराश्रित लोग रेलवे स्टेशन के बाहर सोने को मजबूर हैं।
शहर में नगर पालिका द्वारा दो स्थायी रैन बसेरे का संचालन किया जाता है। जिसमें एक माल गोदाम रोड तथा दूसरा घटलेश्वर गेट पर संचालित है। माल गोदाम रोड वाले रैन बसेरे में मात्र 15 लोगों के ठहरने का प्रबंध है। जबकि घटलेश्वर गेट में बने आश्रय स्थल में 69 लोगों की ठहर सकते हैं। तीन मंजिला बने आश्रय स्थल में पुरुष 42 व 27 महिलाओं के लिए बैड का इंतजाम किया गया है। मगर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से पिछले 20 दिनों से आश्रय स्थल संचालित नहीं है।
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आश्रय स्थल पर विद्युत विभाग का दो लाख रुपये से अधिक का बकाया होने पर 20 दिन पहले विद्युत लाइन काट दी गई। जिसके चलते रात को अंधेरा और सुबह को जलापूर्ति बाधित होने पर कोई पुरुष व महिला रात के समय आश्रय स्थल में नहीं आते। विद्युत लाइन कटने के बाद भी नगर पालिका के अधिकारियों ने बिल जमा कर बिजली सुचारु नहीं कराई है। आश्रय स्थल पर अव्यवस्था का बोलबाला बना हुआ है। जिसके चलते निराश्रित लोग रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड के बाहर ठंड में सोने को मजबूर बने हैं।
बिजली का बिल बकाया हो गया था। जिसके चलते पानी की समस्या को देखते हुए आश्रय के लिए कोई नहीं आ रहा है। मैं दो दिन में बिजली का बिल जमा कर दूंगा और उसे सही से संचालित किया जाएगा। लोगों को लाभ दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, संचालक शैल्डर होम घटियागेट
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विद्युत बिल जमा होने पर कनेक्शन काट दिया गया। रात को अंधेरा व दिन सुबह में पानी न होने के चलते लोग आश्रय गृह में जाना पसंद नहीं कर रहे हैं और निराश्रित लोग रेलवे स्टेशन के बाहर सोने को मजबूर हैं।
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शहर में नगर पालिका द्वारा दो स्थायी रैन बसेरे का संचालन किया जाता है। जिसमें एक माल गोदाम रोड तथा दूसरा घटलेश्वर गेट पर संचालित है। माल गोदाम रोड वाले रैन बसेरे में मात्र 15 लोगों के ठहरने का प्रबंध है। जबकि घटलेश्वर गेट में बने आश्रय स्थल में 69 लोगों की ठहर सकते हैं। तीन मंजिला बने आश्रय स्थल में पुरुष 42 व 27 महिलाओं के लिए बैड का इंतजाम किया गया है। मगर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से पिछले 20 दिनों से आश्रय स्थल संचालित नहीं है।
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आश्रय स्थल पर विद्युत विभाग का दो लाख रुपये से अधिक का बकाया होने पर 20 दिन पहले विद्युत लाइन काट दी गई। जिसके चलते रात को अंधेरा और सुबह को जलापूर्ति बाधित होने पर कोई पुरुष व महिला रात के समय आश्रय स्थल में नहीं आते। विद्युत लाइन कटने के बाद भी नगर पालिका के अधिकारियों ने बिल जमा कर बिजली सुचारु नहीं कराई है। आश्रय स्थल पर अव्यवस्था का बोलबाला बना हुआ है। जिसके चलते निराश्रित लोग रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड के बाहर ठंड में सोने को मजबूर बने हैं।
बिजली का बिल बकाया हो गया था। जिसके चलते पानी की समस्या को देखते हुए आश्रय के लिए कोई नहीं आ रहा है। मैं दो दिन में बिजली का बिल जमा कर दूंगा और उसे सही से संचालित किया जाएगा। लोगों को लाभ दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, संचालक शैल्डर होम घटियागेट