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शरीफपुर के पानी पर एनजीटी ने डीएम से मांगा जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:13 AM IST
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जिले के शरीफपुर, सिंहपुरसानी, मन्नीखेड़ा आदि गांवों में प्रदूषित पानी का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गया है। इस मामले में ट्रिब्यूनल ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यूपी सरकार के मुख्य सचिव, संभल जिले के डीएम, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर पालिका संभल के अधिशासी अधिकारी से जवाब मांगा है।
जुलाई में इन अधिकारियों को अपना पक्ष रखना है। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी। एनजीटी ने सभी अधिकारियों के नाम नोटिस जारी कर दिए हैं।
संभल जिले के शरीफपुर, सिंहपुरसानी, मन्नीखेड़ा समेत कई गांव समेत कई गांवों में पानी प्रदूषित है। जमीन के जल स्रोतों से काला और पीला पानी निकल रहा है।पब्लिक इसी पानी को पीकर बीमार हो रही है।
सिंहपुरसानी में तो कैंसर से कई मौत हो चुकी हैं, शरीफपुर में कई लोगों की किडनी फेल हुई है। पीड़ितों के परिजनों को पानी की गड़बड़ी ही इसकी वजह लग रही है। इस मसले पर अमर उजाला ने लोगों का ध्यान खींचा था।
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अफसरों ने तो कुछ गांवों में पानी के सैंपल लेकर खानापूर्ति कर दी, मगर खबर पढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे चंदौसी निवासी अधिवक्ता गौरव बंसल ने शरीफपुर गांव का दौरा किया। ग्रामीणों से बातचीत की। पानी के नमूने लिए। पीड़ितों से बयान रिकार्ड किए।
इसके बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पब्लिक इंट्रेस्ट रिट दाखिल की। उनकी रिट पर बुधवार को सुनवाई हुई। इसके बाद यूपी सरकार के चीफ सेक्रेटरी, संभल के डीएम, संभल के ईओ, सदस्य सचिव उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगा गया है।
गौरव बंसल ने बताया कि कई समस्याओं पर पब्लिक इंट्रेस्ट केस पहले से करते आ रहे हैं। जब अमर उजाला में पेयजल की समस्या के बारे में पढ़ा तो लोगों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ पर उनका ध्यान गया।
इसके बाद रिट करने का निर्णय लिया। एसडीएम संभल राशिद अली खां का कहना है जिन गांवों में प्रदूषित पानी की समस्या है, सर्वे कराकर जरूरी कदम उठाएंगे, हालांकि एनजीदी के आदेश की प्रशासन को जानकारी नहीं है।
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जुलाई में इन अधिकारियों को अपना पक्ष रखना है। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी। एनजीटी ने सभी अधिकारियों के नाम नोटिस जारी कर दिए हैं।
संभल जिले के शरीफपुर, सिंहपुरसानी, मन्नीखेड़ा समेत कई गांव समेत कई गांवों में पानी प्रदूषित है। जमीन के जल स्रोतों से काला और पीला पानी निकल रहा है।पब्लिक इसी पानी को पीकर बीमार हो रही है।
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सिंहपुरसानी में तो कैंसर से कई मौत हो चुकी हैं, शरीफपुर में कई लोगों की किडनी फेल हुई है। पीड़ितों के परिजनों को पानी की गड़बड़ी ही इसकी वजह लग रही है। इस मसले पर अमर उजाला ने लोगों का ध्यान खींचा था।
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अफसरों ने तो कुछ गांवों में पानी के सैंपल लेकर खानापूर्ति कर दी, मगर खबर पढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे चंदौसी निवासी अधिवक्ता गौरव बंसल ने शरीफपुर गांव का दौरा किया। ग्रामीणों से बातचीत की। पानी के नमूने लिए। पीड़ितों से बयान रिकार्ड किए।
इसके बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पब्लिक इंट्रेस्ट रिट दाखिल की। उनकी रिट पर बुधवार को सुनवाई हुई। इसके बाद यूपी सरकार के चीफ सेक्रेटरी, संभल के डीएम, संभल के ईओ, सदस्य सचिव उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगा गया है।
गौरव बंसल ने बताया कि कई समस्याओं पर पब्लिक इंट्रेस्ट केस पहले से करते आ रहे हैं। जब अमर उजाला में पेयजल की समस्या के बारे में पढ़ा तो लोगों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ पर उनका ध्यान गया।
इसके बाद रिट करने का निर्णय लिया। एसडीएम संभल राशिद अली खां का कहना है जिन गांवों में प्रदूषित पानी की समस्या है, सर्वे कराकर जरूरी कदम उठाएंगे, हालांकि एनजीदी के आदेश की प्रशासन को जानकारी नहीं है।