फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Mother and child's life will be saved by the mantra of health department

स्वास्थ्य विभाग के मंत्र से बचेगी जच्चा-बच्चा की जान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
Mother and child's life will be saved by the mantra of health department
संभल। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मां-नवजात ट्रैकिंग एप्प (मंत्र) योजना लागू की है। संभल जनपद में 14 डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। ऐसे में स्टाफ नर्स को भर्ती गर्भवती का समय व उसकी स्थिति, दिया गया उपचार व प्रसूता को रेफर करने या न करने का कारण समेत अन्य सभी जानकारी एप पर देनी होगी। इसकी ऑनलाइन निगरानी होगी। इससे संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
विज्ञापन

संभल जनपद में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत 14 प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप से जोड़ा जाएगा। एप से प्रत्येक प्रसव केंद्र पर हुए प्रसव, आई गर्भवती की तत्काल सेहत की स्थिति, केंद्र पर मिले इलाज का विवरण देखकर उस समय हुई लापरवाही पकड़ी जा सकेगी।
विज्ञापन

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.अजय सक्सेना ने सोमवार को इस बाबत बैठक की और सीएमओ व एसीएमओ की मौजूदगी में नर्स मेंटर, स्टॉफ नर्स, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक और बीएमसी यूनिसेफ को जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्श दाता द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। बताया गया कि इससे सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसे मंत्र एप में भरकर उसको जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली जटिलताओं को एप पर भरने के बाद उसको उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भित किया जाएगा, जहां पर उसे उचित इलाज मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे संचालित होगा एप
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता के मुताबिक जिले के 14 डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। महिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने पर सबसे पहले इस एप के माध्यम से गर्भवती और नवजात का स्वास्थ्य संबंधी सभी डाटा ऑनलाइन तत्काल भरा जाएगा। एप के माध्यम से ही जिला और प्रदेश स्तर से गर्भवती के प्रसव उपरांत नवजात की मानिटरिंग की जाएगी, अगर कहीं कोई परेशानी आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा।

जिले के 14 प्रसव केंद्र डिजिटल होंगे। जिसके बाद ऑनलाइन निगरानी होगी। ऑनलाइन निगरानी होने से स्टाफ नर्स के कार्य करने में आसानी के साथ संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।
डा. पंकज विश्नोई, एसीएमओ, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed