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स्वास्थ्य विभाग के मंत्र से बचेगी जच्चा-बच्चा की जान
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संभल। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मां-नवजात ट्रैकिंग एप्प (मंत्र) योजना लागू की है। संभल जनपद में 14 डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। ऐसे में स्टाफ नर्स को भर्ती गर्भवती का समय व उसकी स्थिति, दिया गया उपचार व प्रसूता को रेफर करने या न करने का कारण समेत अन्य सभी जानकारी एप पर देनी होगी। इसकी ऑनलाइन निगरानी होगी। इससे संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
संभल जनपद में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत 14 प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप से जोड़ा जाएगा। एप से प्रत्येक प्रसव केंद्र पर हुए प्रसव, आई गर्भवती की तत्काल सेहत की स्थिति, केंद्र पर मिले इलाज का विवरण देखकर उस समय हुई लापरवाही पकड़ी जा सकेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.अजय सक्सेना ने सोमवार को इस बाबत बैठक की और सीएमओ व एसीएमओ की मौजूदगी में नर्स मेंटर, स्टॉफ नर्स, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक और बीएमसी यूनिसेफ को जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्श दाता द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। बताया गया कि इससे सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसे मंत्र एप में भरकर उसको जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली जटिलताओं को एप पर भरने के बाद उसको उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भित किया जाएगा, जहां पर उसे उचित इलाज मिलेगा।
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ऐसे संचालित होगा एप
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता के मुताबिक जिले के 14 डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। महिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने पर सबसे पहले इस एप के माध्यम से गर्भवती और नवजात का स्वास्थ्य संबंधी सभी डाटा ऑनलाइन तत्काल भरा जाएगा। एप के माध्यम से ही जिला और प्रदेश स्तर से गर्भवती के प्रसव उपरांत नवजात की मानिटरिंग की जाएगी, अगर कहीं कोई परेशानी आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा।
जिले के 14 प्रसव केंद्र डिजिटल होंगे। जिसके बाद ऑनलाइन निगरानी होगी। ऑनलाइन निगरानी होने से स्टाफ नर्स के कार्य करने में आसानी के साथ संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।
डा. पंकज विश्नोई, एसीएमओ, संभल
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संभल जनपद में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत 14 प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप से जोड़ा जाएगा। एप से प्रत्येक प्रसव केंद्र पर हुए प्रसव, आई गर्भवती की तत्काल सेहत की स्थिति, केंद्र पर मिले इलाज का विवरण देखकर उस समय हुई लापरवाही पकड़ी जा सकेगी।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.अजय सक्सेना ने सोमवार को इस बाबत बैठक की और सीएमओ व एसीएमओ की मौजूदगी में नर्स मेंटर, स्टॉफ नर्स, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक और बीएमसी यूनिसेफ को जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्श दाता द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। बताया गया कि इससे सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसे मंत्र एप में भरकर उसको जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली जटिलताओं को एप पर भरने के बाद उसको उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भित किया जाएगा, जहां पर उसे उचित इलाज मिलेगा।
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ऐसे संचालित होगा एप
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता के मुताबिक जिले के 14 डिलीवरी सेंटर मां नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) से जुड़कर डिजिटल हो जाएंगे। महिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने पर सबसे पहले इस एप के माध्यम से गर्भवती और नवजात का स्वास्थ्य संबंधी सभी डाटा ऑनलाइन तत्काल भरा जाएगा। एप के माध्यम से ही जिला और प्रदेश स्तर से गर्भवती के प्रसव उपरांत नवजात की मानिटरिंग की जाएगी, अगर कहीं कोई परेशानी आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा।
जिले के 14 प्रसव केंद्र डिजिटल होंगे। जिसके बाद ऑनलाइन निगरानी होगी। ऑनलाइन निगरानी होने से स्टाफ नर्स के कार्य करने में आसानी के साथ संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।
डा. पंकज विश्नोई, एसीएमओ, संभल