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107 दिन पहले सीएम से कराया कृषि विज्ञान केंद्र लोकार्पण, निर्माण अभी अधूरा
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चंदौसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 107 दिन पहले जिस कृषि विज्ञान केंद्र का लोकार्पण कर जनता को समर्पित कर दिया, असलियत में अभी भी उसका निर्माण अधूरा है। हैंडओवर होना तो दूर की बात है कि विज्ञान केंद्र की फिनिशिंग और लाइट कनेक्शन का काम अधूरा है। अभी 20 दिन का समय और लगने का अनुमान है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने भी मुख्यमंत्री को भेजी सूचना में 30 नवंबर 2021 तक निर्माण पूरा होने का दावा किया था।
जनपद में करीब 3.07 लाख किसान हैं। कृषि विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों की तैनाती के लिए संभल जनपद के गांव पल्था में कृषि विज्ञान केंद्र बनाने का कार्य कार्यदायी संस्था उत्तरप्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ को सौंपा था। 21 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा कैलादेवी मंदिर पर हुई थी। यहां मुख्यमंत्री को विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करना था।
हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने वाले कामों की सूची में कृषि विज्ञान केंद्र को भी शामिल करा दिया। शासन को भेजी सूचना में 30 नवंबर 2021 तक काम पूरा होने का दावा किया था। मुख्यमंत्री ने अब से 107 दिन पहले ही कृषि विज्ञान केंद्र का लोकार्पण कर जनता को समर्पित कर दिया। वास्तविक में अभी तक कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। भवन बन गया है, नीचे फर्श व प्लास्टर भी हो गया है पर अभी फिनिशिंग का कुछ कार्य रह गया है। ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइन नहीं डाली है। बिजली कनेक्शन भी नहीं हुआ है। भवन में पंखे, कुर्सी, मेज आदि सामान भी नहीं आया है। विभागीय अधिकारियों की मानें, तो काम पूरा होने में कम से कम 20 दिन का समय लग जाएगा।
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कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड कर रही है। निर्माण की लागत 1.33 करोड़ रुपये है। निर्माण पूरा होने पर संस्था इसे कृषि विभाग के हैंडओवर करेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र बनने से ये होगा किसानों का लाभ
- किसानों को नई तकनीकि व रिसर्च की जानकारी वैज्ञानिकों की ओर से मिलेगी
- मृदा परीक्षण लैब में जांच की सुविधा
- बायो कंट्रोल लैब में ट्राइकोडर्मा व अन्य जैविक कीट, मित्र कीटों की जानकारी
- टैक्नोलॉजी पार्क में वैज्ञानिक तकनीकि का प्रदर्शन कर किसानों को दिखाया जाएगा
- बागवानी ब्लॉक बनेगा
- फसलों की नई बीजों का ट्रायल होगा
- फसलों की बीमारियों की जानकारी के लिए कृषि वैज्ञानिक उपलब्ध रहेंगे
कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। बिजली का कार्य व कुछ फिनिशिंग का कार्य रह गया है। 20 दिन में भवन विभाग के हैंडओवर हो जाएगा। कार्य पूरा होने में थोड़ा विलंब हो गया है। लोकार्पण के समय 30 नवंबर तक कार्य पूरा होने की सूचना दी गई थी। अभी दो वैज्ञानिक हैं, पांच अन्य वैज्ञानिक भी आने हैं।
डॉ. महावीर सिंह, प्रभारी जिला कृषि विज्ञान केंद्र पल्था संभल
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जनपद में करीब 3.07 लाख किसान हैं। कृषि विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों की तैनाती के लिए संभल जनपद के गांव पल्था में कृषि विज्ञान केंद्र बनाने का कार्य कार्यदायी संस्था उत्तरप्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ को सौंपा था। 21 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा कैलादेवी मंदिर पर हुई थी। यहां मुख्यमंत्री को विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करना था।
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हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने वाले कामों की सूची में कृषि विज्ञान केंद्र को भी शामिल करा दिया। शासन को भेजी सूचना में 30 नवंबर 2021 तक काम पूरा होने का दावा किया था। मुख्यमंत्री ने अब से 107 दिन पहले ही कृषि विज्ञान केंद्र का लोकार्पण कर जनता को समर्पित कर दिया। वास्तविक में अभी तक कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। भवन बन गया है, नीचे फर्श व प्लास्टर भी हो गया है पर अभी फिनिशिंग का कुछ कार्य रह गया है। ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइन नहीं डाली है। बिजली कनेक्शन भी नहीं हुआ है। भवन में पंखे, कुर्सी, मेज आदि सामान भी नहीं आया है। विभागीय अधिकारियों की मानें, तो काम पूरा होने में कम से कम 20 दिन का समय लग जाएगा।
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कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड कर रही है। निर्माण की लागत 1.33 करोड़ रुपये है। निर्माण पूरा होने पर संस्था इसे कृषि विभाग के हैंडओवर करेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र बनने से ये होगा किसानों का लाभ
- किसानों को नई तकनीकि व रिसर्च की जानकारी वैज्ञानिकों की ओर से मिलेगी
- मृदा परीक्षण लैब में जांच की सुविधा
- बायो कंट्रोल लैब में ट्राइकोडर्मा व अन्य जैविक कीट, मित्र कीटों की जानकारी
- टैक्नोलॉजी पार्क में वैज्ञानिक तकनीकि का प्रदर्शन कर किसानों को दिखाया जाएगा
- बागवानी ब्लॉक बनेगा
- फसलों की नई बीजों का ट्रायल होगा
- फसलों की बीमारियों की जानकारी के लिए कृषि वैज्ञानिक उपलब्ध रहेंगे
कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। बिजली का कार्य व कुछ फिनिशिंग का कार्य रह गया है। 20 दिन में भवन विभाग के हैंडओवर हो जाएगा। कार्य पूरा होने में थोड़ा विलंब हो गया है। लोकार्पण के समय 30 नवंबर तक कार्य पूरा होने की सूचना दी गई थी। अभी दो वैज्ञानिक हैं, पांच अन्य वैज्ञानिक भी आने हैं।
डॉ. महावीर सिंह, प्रभारी जिला कृषि विज्ञान केंद्र पल्था संभल