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पग-पग रोती हर माता का बंधन तुम्हें सुनाता हूं
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संभल। पवांसा स्थित पंडित राम प्रसाद शर्मा जनता कृषक इंटर कॉलेज परिसर में होली मिलन समारोह के साथ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने कविताओं के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष किेए। होली की परंपरा निभाने के साथ आपसी सौहार्द बनाए रखने के संदेश दिए।
विद्यालय और गायत्री परिवार की ओर से आयोजित इस कवि सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती और मां गायत्री के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। नेपाल से आए साहित्यकार डा. घनश्याम परिश्रमी एवं प्रोफेसर देवी पंथी विशेष अथिति रहे। होलिकोत्सव में कवियों ने सार्थक संदेश दिए। ताकि बच्चों में अच्छे संस्कार आएं। इसको ध्यान में रखकर कविताएं भी सुनाई गईं। बिजनौर से कवि मनोज मानव, बिसौली से कवि सतीश चंद्र शर्मा, आसफपुर से कवि पंकज पराशरी, बदायूं से कवि विनय सक्सेना, गुरुजी रूप किशोर और बहजोई से दीपक गुप्ता शामिल हुए। कवि डा. घनश्याम परिश्रमी ने कविता भाव में कहा- डरता हूं इल्लत से मैं, चलता हूं हिम्मत से मैं। बहजोई निवासी कवि रूप किशोर गुप्ता ने कहा- रोते होठों को मैं खुशियां दूंगा, मरने वालों को जिंदगी दूंगा। मैं जला अपने खून से बाती इन चिरागों को रोशनी दूंगा।
बिजनौर निवासी कवि मनोज मानव ने कहा जिन-जिन को हम कहते माता उनकी दशा दिखाता हूं, पग-पग रोती हर माता का बंधन तुम्हें सुनाता हूं। कवियों ने बच्चों के अनुशासन की प्रशंसा की। विद्यालय की छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
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बरसाने की होली की प्रस्तुति सर्वोत्तम रही। सभी ने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना की। संचालन ज्ञान प्रकाश उपाध्याय राही ने किया। सभी छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य झंकार सिंह, पंकज गुप्ता, शबनम शर्मा, पुष्पेंद्र, प्रमोद, नरेश, भरत सिंह, रीना, प्रदीप शर्मा दीप, मुनेंद्र सिंह राघव, अमरपाल राघव, इंद्रपाल सिंह राघव आदि मौजूद रहे।
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विद्यालय और गायत्री परिवार की ओर से आयोजित इस कवि सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती और मां गायत्री के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। नेपाल से आए साहित्यकार डा. घनश्याम परिश्रमी एवं प्रोफेसर देवी पंथी विशेष अथिति रहे। होलिकोत्सव में कवियों ने सार्थक संदेश दिए। ताकि बच्चों में अच्छे संस्कार आएं। इसको ध्यान में रखकर कविताएं भी सुनाई गईं। बिजनौर से कवि मनोज मानव, बिसौली से कवि सतीश चंद्र शर्मा, आसफपुर से कवि पंकज पराशरी, बदायूं से कवि विनय सक्सेना, गुरुजी रूप किशोर और बहजोई से दीपक गुप्ता शामिल हुए। कवि डा. घनश्याम परिश्रमी ने कविता भाव में कहा- डरता हूं इल्लत से मैं, चलता हूं हिम्मत से मैं। बहजोई निवासी कवि रूप किशोर गुप्ता ने कहा- रोते होठों को मैं खुशियां दूंगा, मरने वालों को जिंदगी दूंगा। मैं जला अपने खून से बाती इन चिरागों को रोशनी दूंगा।
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बिजनौर निवासी कवि मनोज मानव ने कहा जिन-जिन को हम कहते माता उनकी दशा दिखाता हूं, पग-पग रोती हर माता का बंधन तुम्हें सुनाता हूं। कवियों ने बच्चों के अनुशासन की प्रशंसा की। विद्यालय की छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
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बरसाने की होली की प्रस्तुति सर्वोत्तम रही। सभी ने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना की। संचालन ज्ञान प्रकाश उपाध्याय राही ने किया। सभी छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य झंकार सिंह, पंकज गुप्ता, शबनम शर्मा, पुष्पेंद्र, प्रमोद, नरेश, भरत सिंह, रीना, प्रदीप शर्मा दीप, मुनेंद्र सिंह राघव, अमरपाल राघव, इंद्रपाल सिंह राघव आदि मौजूद रहे।