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कोरोना से बचाव की कामना के साथ संकट मोचन महायज्ञ में दी आहुति
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संभल के एंचोड़ा कंबोह में आयोजित महायज्ञ की मुख्य वेदी पर आहुतियां देते आचार्य प्रमोद कृष्णम। स?
- फोटो : SAMBHAL
संभल। कल्कि महोत्सव के चौथे दिन गुरुवार को संकट मोचन महायज्ञ में कोरोना के खात्मे के लिए आहुतियां दी गईं। आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तगणों ने भगवान श्री कल्कि के शीघ्र ही अवतरित होने की कामना की। कोरोना खात्मे के लिए प्रार्थना की गई। महायज्ञ में 27 नवंबर को दिन में 11 बजे पूर्णाहुति होगी।
एंचोड़ा कंबोह में आयोजित महायज्ञ की शुरूआत आचार्य केशवदेव शर्मा ने वेद मंत्रों के उच्चारण से की। सबसे पहले मां भगवती की विशेष आराधना की गई। श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि जब कलयुग का अंतिम चरण समाप्त होगा तब भगवान श्री कल्कि का अवतार लेंगे।
भगवान विष्णु के दशावतार श्री कल्कि के रूप में भगवान अवतार लेंगे। ऐसा ग्रंथों में भी लिखा है। उन्होंने कहा कि भगवान कल्कि के अवतार के बाद त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां वैष्णो देवी पिंडी रूप से पदमा के रूप में प्रकट होंगी। इसलिए भगवान श्री कल्कि के साथ मां वैष्णो देवी का अटूट नाता है। इसलिए कल्कि महोत्सव में मां वैष्णो देवी की आराधना बहुत जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट से विश्व को बचाने के लिए संकट मोचन महायज्ञ का आयोजन किया गया है। अंत में सभी ने एक स्वर में गायत्री मंत्र का जाप किया। यज्ञ में आहुतियां दीं। इस दौरान प्रभा चौधरी, पवित्रा त्यागी, संजीव त्यागी, ओमप्रकाश शर्मा, ओमकार कटारिया, मेहंदी हसन आदि रहे।
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एंचोड़ा कंबोह में आयोजित महायज्ञ की शुरूआत आचार्य केशवदेव शर्मा ने वेद मंत्रों के उच्चारण से की। सबसे पहले मां भगवती की विशेष आराधना की गई। श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि ऐसी मान्यता है कि जब कलयुग का अंतिम चरण समाप्त होगा तब भगवान श्री कल्कि का अवतार लेंगे।
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भगवान विष्णु के दशावतार श्री कल्कि के रूप में भगवान अवतार लेंगे। ऐसा ग्रंथों में भी लिखा है। उन्होंने कहा कि भगवान कल्कि के अवतार के बाद त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां वैष्णो देवी पिंडी रूप से पदमा के रूप में प्रकट होंगी। इसलिए भगवान श्री कल्कि के साथ मां वैष्णो देवी का अटूट नाता है। इसलिए कल्कि महोत्सव में मां वैष्णो देवी की आराधना बहुत जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट से विश्व को बचाने के लिए संकट मोचन महायज्ञ का आयोजन किया गया है। अंत में सभी ने एक स्वर में गायत्री मंत्र का जाप किया। यज्ञ में आहुतियां दीं। इस दौरान प्रभा चौधरी, पवित्रा त्यागी, संजीव त्यागी, ओमप्रकाश शर्मा, ओमकार कटारिया, मेहंदी हसन आदि रहे।