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अवैध ई-रिक्शा बने शहर के लिए मुसीबत, लग रहा जाम
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संभल में ई-रिक्शों की कुछ इस तरह कतारें नजर आती हैं।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। नगर में बढ़ती ई-रिक्शों की संख्या अव्यवस्था फैला रही है। अवैध रूप से संचालित हो रहे अवैध ई-रिक्शों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। शहर के किसी भी हिस्से में ई-रिक्शों की काफी संख्या नजर आ जाएगी। इनकी बढ़ती संख्या जाम के हालात पैदा कर रही है। प्रशासन की अंदेखी नगरवासियों को और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है। जबकि प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
यदि ऐसे ही हालात रहे तो शहर ई-रिक्शों से भर जाएगा। जहां पैदल निकलना भी मुश्किल होगा। नगर वासियों में प्रशासन की इस उदासीनता से रोष है। इन ई-रिक्शों के संचालन के लिए मानक तय होने चाहिए। जिससे शहर की व्यवस्था बनी रहे।
गुरुवार को शहर में जगह-जगह जाम के हालात नजर आए। मुख्य चौराहों पर भी यही हालात रहे। चंदौसी चौराहे पर दोपहर के समय कई बार जाम के हालात बने और सुधरे। इस जाम के जिम्मेदार वह ई-रिक्शा थे जो चौराहे पर चारों दिशाओं को जाने के लिए खड़े थे। साथ ही कुछ चल भी रहे थे। जबकि चौराहे पर यातायात पुलिस तैनात थी। बार बार जाम के हालत होने के बाद भी यातायात पुलिस तमीशबीन बनी रही।
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यही हाल यशोदा चौराहा, आर्य समाज मार्ग, कोतवाली मार्ग, नखासा तिराहा, चौधरी सराय का रहा। जबकि नगर वासियों और राहगीरों को इन ई रिक्शों से परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों को होती है।
जगह-जगह स्कूल वाहन जाम में फंसे दिखाई देते हैं। नगरवासियों का कहना है कि इन ई-रिक्शों का मानक तय होना चाहिए। संबंधित क्षेत्र के लिए नगर पालिका को भी अपनी परमिशन देनी चाहिए। लेकिन इस सब से पहले सहायक संभागीय विभाग में रजिस्ट्रर होना अनिवाय है। लेकिन सहायक संभागीय विभाग की मेहरबानी इस कदर है कि अवैध ई-रिक्शों के संचालन पर कोई कार्रवाई नहीं हैं। जबकि नगर में प्रतिदिन एक दर्जन ई-रिक्शों की खरीदारी हो रही है। जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो नगर ई-रिक्शों से भर जाएगा।
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यदि ऐसे ही हालात रहे तो शहर ई-रिक्शों से भर जाएगा। जहां पैदल निकलना भी मुश्किल होगा। नगर वासियों में प्रशासन की इस उदासीनता से रोष है। इन ई-रिक्शों के संचालन के लिए मानक तय होने चाहिए। जिससे शहर की व्यवस्था बनी रहे।
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गुरुवार को शहर में जगह-जगह जाम के हालात नजर आए। मुख्य चौराहों पर भी यही हालात रहे। चंदौसी चौराहे पर दोपहर के समय कई बार जाम के हालात बने और सुधरे। इस जाम के जिम्मेदार वह ई-रिक्शा थे जो चौराहे पर चारों दिशाओं को जाने के लिए खड़े थे। साथ ही कुछ चल भी रहे थे। जबकि चौराहे पर यातायात पुलिस तैनात थी। बार बार जाम के हालत होने के बाद भी यातायात पुलिस तमीशबीन बनी रही।
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यही हाल यशोदा चौराहा, आर्य समाज मार्ग, कोतवाली मार्ग, नखासा तिराहा, चौधरी सराय का रहा। जबकि नगर वासियों और राहगीरों को इन ई रिक्शों से परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों को होती है।
जगह-जगह स्कूल वाहन जाम में फंसे दिखाई देते हैं। नगरवासियों का कहना है कि इन ई-रिक्शों का मानक तय होना चाहिए। संबंधित क्षेत्र के लिए नगर पालिका को भी अपनी परमिशन देनी चाहिए। लेकिन इस सब से पहले सहायक संभागीय विभाग में रजिस्ट्रर होना अनिवाय है। लेकिन सहायक संभागीय विभाग की मेहरबानी इस कदर है कि अवैध ई-रिक्शों के संचालन पर कोई कार्रवाई नहीं हैं। जबकि नगर में प्रतिदिन एक दर्जन ई-रिक्शों की खरीदारी हो रही है। जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो नगर ई-रिक्शों से भर जाएगा।