{"_id":"6240bf7d7c29db233c20adef","slug":"it-will-be-difficult-to-get-treatment-if-the-price-of-medicine-increases-chandausi-news-mbd4228278102","type":"story","status":"publish","title_hn":"दवा के दाम बढ़ने पर इलाज कराना होगा मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दवा के दाम बढ़ने पर इलाज कराना होगा मुश्किल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। किडनी, हृदय, बीपी सहित अन्य आवश्यक दवाइयों के दाम में एक अप्रैल से बढ़ोतरी हो जाएगी। इससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार में आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। मरीज, दवाई विक्रेता, संगठन के पदाधिकारी भी दवाई के दाम बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उनकी मांग है कि दवाइयों के बढ़े दाम कम किए जाए।
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। डीजल-पेट्रोल, खाने की चीजें, रसोई व घर के रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों में बढ़ोतरी के बाद सरकार ने एक अप्रैल से आवश्यक श्रेणी की दवाओं के दाम में 11 प्रतिशत वृद्धि किए जाने की बात कही है। इसका सबसे अधिक असर आवश्यक श्रेणी की हृदय, किडनी, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, त्वचा, बुखार, संक्रमण, खून की कमी, कुष्ठ रोगी, टीबी, माइग्रेन आदि रोग की दवाओं पर पड़ेगा। इससे आम लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार एक तरफ मुफ्त राशन दे रही है, वहीं दूसरी ओर दवाई महंगी कर रही है। जब महंगी दवा नहीं खरीद पाने के कारण व्यक्ति स्वस्थ और जीवित नहीं रह पाएगा, तो राशन का क्या करेगा। इसलिए दवाई सस्ती होनी चाहिए।
मुझे किडनी की समस्या है। लगातार दवाई खानी पड़ती है। मैं महंगी दवाई भी खरीद सकता हूं, लेकिन सभी लोग नहीं खरीद सकते हैं। ऐसे में उन्हें अपना उपचार कराना मुश्किल होगा। सरकार को सभी लोगों का ध्यान रखते हुए दवा को सस्ता करना चाहिए।
विज्ञापन
अशोक कुमार रस्तोगी, सुभाष रोड
सरकार एक तरफ मुफ्त राशन दे रही है, वहीं दूसरी ओर दवाई महंगी कर रही है। जब महंगी दवा नहीं खरीद पाने के कारण व्यक्ति स्वस्थ और जीवित नहीं रह पाएगा, तो राशन का क्या करेगा। इसलिए दवाई सस्ती होनी चाहिए।
सुरेश गुप्ता, मालगोदाम रोड
अभी पुरानी स्टॉक की दवाई उपलब्ध हैं। जब तक स्टॉक पुराना रहेगा, उसी दाम पर दवाई बेची जाएगी। एक अप्रैल के बाद जो दवाई बढ़े दाम की आएगी, उन्हें बाद में बढ़े दाम पर बेचा जाएगा।
संजय कुमार, संचालक कुमार मेडिकल, चंदौसी
किडनी, सांस, बीपी, हृदय रोग व अन्य आवश्यक श्रेणी की दवाओं के दाम नहीं बढ़ने चाहिए। ताकि आमजन आसानी से अपना उपचार करा सकें। बढ़े दाम वापस होने चाहिए।
विशाल गुप्ता, संचालक चार्ली मेडिकल, चंदौसी
दवाई का कच्चा माल अधिकांश बाहर से आता है। रूस यूक्रेन में चल रही लड़ाई भी दवाईयों के दाम पर असर डाल रही है। बढ़े दाम को आम आदमी की जेब सहन नहीं कर पाएगी। आम आदमी पहले से ही अन्य चीजों की महंगाई की मार झेल रहा है। आवश्यक श्रेणी की दवाईयों के दाम कम होने चाहिए। सभी दवा कारोबारी पुराने स्टॉक को पहले ही दाम पर बेचेंगे। एक अप्रैल के बाद परिवर्तित दाम पर आने वाले दवाइयों को ही बढ़े दाम पर बेचा जाएगा। संगठन पदाधिकारी भी इस मामले में ध्यान रखेंगे।
दीपक कुमार, अध्यक्ष चंदौसी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
विज्ञापन
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। डीजल-पेट्रोल, खाने की चीजें, रसोई व घर के रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों में बढ़ोतरी के बाद सरकार ने एक अप्रैल से आवश्यक श्रेणी की दवाओं के दाम में 11 प्रतिशत वृद्धि किए जाने की बात कही है। इसका सबसे अधिक असर आवश्यक श्रेणी की हृदय, किडनी, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, त्वचा, बुखार, संक्रमण, खून की कमी, कुष्ठ रोगी, टीबी, माइग्रेन आदि रोग की दवाओं पर पड़ेगा। इससे आम लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार एक तरफ मुफ्त राशन दे रही है, वहीं दूसरी ओर दवाई महंगी कर रही है। जब महंगी दवा नहीं खरीद पाने के कारण व्यक्ति स्वस्थ और जीवित नहीं रह पाएगा, तो राशन का क्या करेगा। इसलिए दवाई सस्ती होनी चाहिए।
विज्ञापन
मुझे किडनी की समस्या है। लगातार दवाई खानी पड़ती है। मैं महंगी दवाई भी खरीद सकता हूं, लेकिन सभी लोग नहीं खरीद सकते हैं। ऐसे में उन्हें अपना उपचार कराना मुश्किल होगा। सरकार को सभी लोगों का ध्यान रखते हुए दवा को सस्ता करना चाहिए।
विज्ञापन
अशोक कुमार रस्तोगी, सुभाष रोड
सरकार एक तरफ मुफ्त राशन दे रही है, वहीं दूसरी ओर दवाई महंगी कर रही है। जब महंगी दवा नहीं खरीद पाने के कारण व्यक्ति स्वस्थ और जीवित नहीं रह पाएगा, तो राशन का क्या करेगा। इसलिए दवाई सस्ती होनी चाहिए।
सुरेश गुप्ता, मालगोदाम रोड
अभी पुरानी स्टॉक की दवाई उपलब्ध हैं। जब तक स्टॉक पुराना रहेगा, उसी दाम पर दवाई बेची जाएगी। एक अप्रैल के बाद जो दवाई बढ़े दाम की आएगी, उन्हें बाद में बढ़े दाम पर बेचा जाएगा।
संजय कुमार, संचालक कुमार मेडिकल, चंदौसी
किडनी, सांस, बीपी, हृदय रोग व अन्य आवश्यक श्रेणी की दवाओं के दाम नहीं बढ़ने चाहिए। ताकि आमजन आसानी से अपना उपचार करा सकें। बढ़े दाम वापस होने चाहिए।
विशाल गुप्ता, संचालक चार्ली मेडिकल, चंदौसी
दवाई का कच्चा माल अधिकांश बाहर से आता है। रूस यूक्रेन में चल रही लड़ाई भी दवाईयों के दाम पर असर डाल रही है। बढ़े दाम को आम आदमी की जेब सहन नहीं कर पाएगी। आम आदमी पहले से ही अन्य चीजों की महंगाई की मार झेल रहा है। आवश्यक श्रेणी की दवाईयों के दाम कम होने चाहिए। सभी दवा कारोबारी पुराने स्टॉक को पहले ही दाम पर बेचेंगे। एक अप्रैल के बाद परिवर्तित दाम पर आने वाले दवाइयों को ही बढ़े दाम पर बेचा जाएगा। संगठन पदाधिकारी भी इस मामले में ध्यान रखेंगे।
दीपक कुमार, अध्यक्ष चंदौसी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन