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दो दिन लगातार ट्रेन-बस का सफर कर खारकीव से पहुंचे थे हंगरी बॉर्डर
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चंदौसी। यूक्रेन के शहर खारकीव में फंसे चंदौसी के छात्र अल फहाद शनिवार को घर पहुंच गए। उन्हें देखकर परिजनों के आंसू छलक आए। बोले, बेटा सुरक्षित घर लौट आया है, अब कुछ नहीं चाहिए। घर पर रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ लगी है। सभी वहां के हालचाल जानने को लगे हैं।
चंदौसी के सीकरी गेट मोहल्ला निवासी अल फहाद शुक्रवार की शाम करीब छह बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए थे और शनिवार की सुबह अपने घर आ गए। अल फहाद ने बताया कि हंगरी बॉर्डर मेें प्रवेश के बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने रहने खाने के सभी सुविधाएं दीं। बाद में दिल्ली पहुंचने पर सुरक्षित महसूस किया। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के समय के अनुसार 28 फरवरी की सुबह करीब सात बजे शहर खारकीव में अपने हॉस्टल से रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए।
अल फहाद ने बताया कि ट्रेन के लिए करीब दस किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ा। वहां से ट्रेन में सवार होकर लवीव सिटी पहुंचे। फिर 40 साथियों के साथ बस किराए पर ली और 290 किलोमीटर कर सफर तय करके हंगरी बॉर्डर पहुंचे। खारकीव से हंगरी बॉर्डर पहुंचने में हमें दो दिन का समय लगा था। हंगरी बॉर्डर पर भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हमारी काफी मदद की और हमें बुडापेस्ट पहुंचाया। खारकीव से निकलने से लेकर हंगरी बॉर्डर पहुंचने तक मन में डर भी लगा रहता था। ऐसा लगता कि हम घर नहीं पहुंच पाएंगे। कई छात्र बुरी तरह टूट चुके थे।
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आज घर पहुंच जाएगा सलमान
संभल। यूक्रेन में फंसे संभल के ज्यादातर छात्र घर लौट आए हैं। सैफ खां सराय निवासी सलमान को भी हंगरी से भारत के लिए फ्लाइट मिल गई है। सलमान ने फ्लाइट में सवार होने से पहले परिजनों को फोटो भेजे हैं। जिन्हें देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली है।
परिजनों के अनुसार शनिवार की देर रात तक सलमान भारत पहुंच जाएगा और रविवार की सुबह तक घर पहुंचेगा। परिजनों को बेसब्री से इंतजार है। परिजनों का कहना है कि कई दिनों की चिंता अब खत्म हुई है।
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चंदौसी के सीकरी गेट मोहल्ला निवासी अल फहाद शुक्रवार की शाम करीब छह बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए थे और शनिवार की सुबह अपने घर आ गए। अल फहाद ने बताया कि हंगरी बॉर्डर मेें प्रवेश के बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने रहने खाने के सभी सुविधाएं दीं। बाद में दिल्ली पहुंचने पर सुरक्षित महसूस किया। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के समय के अनुसार 28 फरवरी की सुबह करीब सात बजे शहर खारकीव में अपने हॉस्टल से रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए।
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अल फहाद ने बताया कि ट्रेन के लिए करीब दस किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ा। वहां से ट्रेन में सवार होकर लवीव सिटी पहुंचे। फिर 40 साथियों के साथ बस किराए पर ली और 290 किलोमीटर कर सफर तय करके हंगरी बॉर्डर पहुंचे। खारकीव से हंगरी बॉर्डर पहुंचने में हमें दो दिन का समय लगा था। हंगरी बॉर्डर पर भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हमारी काफी मदद की और हमें बुडापेस्ट पहुंचाया। खारकीव से निकलने से लेकर हंगरी बॉर्डर पहुंचने तक मन में डर भी लगा रहता था। ऐसा लगता कि हम घर नहीं पहुंच पाएंगे। कई छात्र बुरी तरह टूट चुके थे।
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आज घर पहुंच जाएगा सलमान
संभल। यूक्रेन में फंसे संभल के ज्यादातर छात्र घर लौट आए हैं। सैफ खां सराय निवासी सलमान को भी हंगरी से भारत के लिए फ्लाइट मिल गई है। सलमान ने फ्लाइट में सवार होने से पहले परिजनों को फोटो भेजे हैं। जिन्हें देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली है।
परिजनों के अनुसार शनिवार की देर रात तक सलमान भारत पहुंच जाएगा और रविवार की सुबह तक घर पहुंचेगा। परिजनों को बेसब्री से इंतजार है। परिजनों का कहना है कि कई दिनों की चिंता अब खत्म हुई है।